स्थापना दिवस पर बोले चीफ सेक्रेटरी:कानपुर में दिसम्बर तक पब्लिक के लिए शुरू हो जाएगी मेट्रो सेवा, बनारस और गोरखपुर में स्वीकृति पर विचार

लखनऊएक महीने पहले
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लखनऊ मेट्रो के चार साल पूरे होने पर रविवार को स्थापना दिवस के रूप में मनाया गया। इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश के चीफ सेक्रेटरी राजेन्द्र तिवारी ने अपने सम्बोधन में कहा कि कानपुर में भी दिसम्बर तक मेट्रो रेल सेवा शुरू हो जाएगी।

चीफ सेक्रेटरी ने कहा कि लखनऊ मेट्रो देश की सबसे सुरक्षित और तेज मेट्रो सेवा है। उन्होंने बताया कि कानपुर मेट्रो का काम पूरा होने वाला है। उम्मीद है कि नवम्बर तक इसका ट्रायल पूरा होकर दिसम्बर तक इसे पब्लिक के लिए पटरी पर उतार दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि गोरखपुर और बनारस में भी मेट्रो निर्माण की फाइल शासन में चल रही है। जल्द ही यहाँ भी निर्माण की स्वीकृति मिल जाएगी। इसके अलावा कुछ और बड़े शहरों को मेट्रो से जोड़ने पर विचार चल रहा है।

हादसों पर काफी हद तक लगी लगाम

एलएमआरसी के एमडी कुमार केशव ने कहा कि शुरुआती दौर में पतंग के मांझे से आये दिन कही न कही मेट्रो खड़ी हो जाती थी। लेकिन धीरे धीरे इस तरह के हादसों पर लगाम लगी है। यह समस्या पूरी तरह खत्म तो नही हुई लेकिन बेहद कम हो चुकी है। उन्होंने बताया कि आज स्थापना दिवस पर गो कार्ड धारकों को मुफ्त में सफर करने का मौका दिया गया। सभी स्टेशनों को सजाया गया और सुबह से ही यात्रियों का स्वागत किया जा रहा है।

सीएएम स्ट्रेशन को मिला लिम्का बुक ऑफ अवार्ड

लखनऊ मेट्रो के एयरपोर्ट स्ट्रेशन सीसीएम को सबसे बेहतर स्ट्रेशन के तौर पर लिम्का बुक ऑफ अवार्ड मिला है। मेट्रो दिवस के अवसर पर एमडी ने इसका इनॉगरेशन भी किया। उन्होंने बताया कि साफ सफाई और यात्रियों को बेहतर सेवा देने के लिए यह अवार्ड मिला है।

5 सितंबर 2017 को दौड़ी थी पहली मेट्रो रेल

लखनऊ में मेट्रो की नींव अगस्त 2014 में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रखी थी। इसका 8.5 किलोमीटर का पहला कॉरिडोर ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग तक सिम्बर में बनकर तौयार हुआ और 5 सितंबर 2017 को सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस ओर पहली ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इसके बाद 22.78 किलोमीटर का दूसरा कॉरिडोर एयरपोर्ट से मुंशीपुलिया तक बनकर तैयार हुआ। इसपर 8 मार्च 2019 से ट्रेन का संचालन हो रहा है।

घाटे का सफर कर रही लखनऊ मेट्रो

लखनऊ मेट्रो में रोजाना औसत 25 से 30 हजार लोग यात्रा कर रहे हैं। साल का कुल इनकम करीब 1.20 करोड़ रुपये हो रहा है। जबकि मेट्रो पर होने वाला खर्च आय से करीब 35 फीसदी ज्यादा है। एमडी कुमार केशव का कहना है कि राजस्व को कैसे बढ़ाया जा सकता है इसकी प्लानिंग चल रही है। हालांकि चारबाग से बसंतकुंज योजना तक तीसरे कॉरिडोर के निर्माण का प्रस्ताव कभी तक शासन में ही अटका है।

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