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मुनव्वर राना के छोटे भाई शकील का पलटवार:बोले- भाई मुनव्वर का दिमाग थोड़ा काम नहीं करता है, उनका बेटा भी अय्याश है, महंगी गाड़ियां और पैसे उड़ाना उसका शौक

लखनऊ3 महीने पहले
28 जून को तरबेज राना पर रायबरेली में हुआ था हमला। चार आरोपी पकड़े गए, तरबेज की तलाश जारी है।

मशहूर शायर मुनव्वर राना के बेटे तबरेज पर हमले के मामले में छोटे भाई शकील खुलकर सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि हम लोग निर्दोष पाए गए और इसमें बड़े भाई मुनव्वर राना का भी कोई दोष नहीं है। जमीन और पैसे को लेकर किसी ने तबरेज राना को बहकाया होगा। ऐसा लगता है, क्योंकि मुनव्वर राना का दिमाग थोड़ा काम नहीं करता है। कभी-कभी भूलने की आदत भी है।

शकील ने बताया कि मेरे बड़े भाई मुनव्वर का एक बेटा और पांच बेटियां हैं। मुनव्वर ने पूरा पावर लड़के के हाथ में दे दिया था। तरबेज अय्याश टाइप का है, महंगी गाड़ियां और पैसे उड़ाना उसका शौक है। इसलिए भी एक गलत मैसेज गया। कुल मिलाकर पूरा मामला जमीन और पैसे का था। तबरेज आगे राजनीति में कदम रखने की फिराक में हैं।

वहीं, मुनव्वर राना की बेटियों ने अब सरकार पर आरोप लगाया है कि शाहीन बाग वाले मामले में हम लोगों ने विरोध किया था, इसलिए सरकार इसका बदला ले रही है।

मुनव्वर के बेटे ने ही लिखी थी गोलीकांड की स्क्रिप्ट

मुनव्वर राना के बेटे तबरेज पर हमले के मामले का शुक्रवार को पुलिस ने खुलासा किया। पुलिस की छानबीन में सामने आया कि मुनव्वर के बेटे तबरेज ने ही खुद पर गोली चलवाने के लिए खुद ही पूरी स्क्रिप्ट लिखी थी। जमीन विवाद से छुटकारा और पब्लिसिटी के लिए अपने ही खिलाफ साजिश रची थी। घटनाक्रम में शामिल 2 शूटर और दो प्लानर गिरफ्तार कर लिए गए हैं।

वहीं, गोलीकांड की स्क्रिप्ट तैयार करने वाले तबरेज को गिरफ्तार करने के लिए रायबरेली पुलिस लग गई है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार चार आरोपी राफे राना, इस्माइल राना, शकील राना, जमील राना तरबेज के परिवार के हैं। इसमें राफे राना स्थानीय बड़े सपा नेता हैं व आजम खां के करीबी भी माने जाते हैं।

परिवार की साढ़े आठ बीघा जमीन
आरोपित राफे राना ने बताया कि राजघाट पर उनके परिवार की साढ़े आठ बीघा जमीन है। इसमें चार बीघा उनकी और उनके भाई इस्माइल की है। साढ़े चार बीघा में छह भाइयों का हिस्सा है। पिता की मृत्यु के बाद गलत वसीयत हो गई और साढ़े आठ बीघा जमीन छह भाइयों के नाम चढ़ गई। इसको लेकर दाखिल याचिका कोर्ट में विचाराधीन है।

राफे ने बताया कि फरवरी 2021 में तबरेज राना ने हमारे हिस्से की जमीन में से 18 बिस्वा बेच दी। ये बात जब पता चली तो रजिस्ट्रेशन ऑफिस में आपत्ति करके दाखिल खारिज रोकवा दी। हमले की घटना से कोई सरोकार नहीं है।

क्या है मामला ?

दरअसल, मुनव्वर और उनके भाइयों के बीच 8 करोड़ की कीमत वाली पुश्तैनी जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। 28 जून को तबरेज पर रायबरेली के त्रिपुला चौराहे के पास पेट्रोल पंप के पास दो बाइक सवार युवकों ने हमला कर दिया। युवकों ने तबरेज की कार पर फायरिंग की। तबरेज का कहना है कि जब तक उसने अपनी लाइसेंसी गन निकाली तब तक दोनों भाग खड़े हुए। इस मामले में तबरेज ने सदर कोतवाली में केस दर्ज कराया था। पुलिस ने CCTV फुटेज की जांच की। पुलिस इसी आधार पर इसे फर्जी हमला बता रही है।

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