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UP में खाली पद भरने के लिए लगाई गुहार:चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के चार लाख पद खाली होने का दावा, कर्मचारी संगठन का आरोप- तीन दशक से भर्ती नहीं हुई

लखनऊ10 दिन पहले
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चतुुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के खाली पद जल्द भरने की मांग - Dainik Bhaskar
चतुुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के खाली पद जल्द भरने की मांग

उत्तर प्रदेश चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ ने खाली पदों को भरने की मांग की है। संगठन के प्रदेश महामंत्री सुरेश सिंह ने कहा कि प्रदेश में अलग-अलग विभागों को जोड़ दिया जाए तो करीब चार लाख चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पद खाली हैं। जहां नियमित कर्मचारी की जगह संविदा और आउट सोर्सिंग के माध्यम से काम हो रहा है।

इसकी वजह से विभाग की गोपनियता को भी खतरा है। खुद हाईकोर्ट साल 2014 के अपने एक आदेश में इसका जिक्र कर चुका है। बावजूद उसके सात साल बाद भी इन पदों को भरने के लिए कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। खाली पदों को भरने के लिए 25 अगस्त को विधायक और मंत्री को ज्ञापन दिया गया था। यहां तक की सीएम कार्यालय में भी एक ज्ञापन दिया गया था। जहां उनको यह बाते बताई गई थी।

अपर मुख्य सचिव कार्मिक से कई बार हुई वार्ता

आरोप है कि पिछले एक दशक से ज्यादा समय में कर्मचारियों की अपर मुख्य सचिव से इस संदर्भ में कई बार वार्ता हुई है। उसके बाद भी कार्रवाई नहीं हो पाई है। कर्मचारियों के पद लगातार खाली होते जा रहे है। पिछले तीन दशक से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की कोई बहाली नहीं है। इसकी वजह विभागों के काम भी लगातार प्रभावित हो रहे है। महामंत्री सुरेश सिंह यादव ने यह मांग की अगर कर्मचारियों की समस्याओं का जल्द नहीं किया गया तो पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। कर्मचारियों में गहरा आक्रोश है।

वेतनमान भी हुआ था धोखा

उन्होंने बताया कि इससे पहले जब सातवां वेतनमान लागू किया गया था तो जब भी कर्मचारियों के साथ धोखा हुआ था। सबसे कम सैलरी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की बढ़ी थी। आरोप है कि जब भी कोई वेतनमान बढ़ता है तो अधिकारी और सबसे नीचे के कर्मचारी के बीच सैलरी में 8:1 का अंतर होता है। लेकिन इसबार यह अंतर 13:1 का अंतर है।

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