लखनऊ...वकील के भाई की हत्या के मामले में 4 गिरफ्तार:दोस्त ने 50 हजार की दी थी सुपारी, हत्यारों ने शारदा नहर में फेंका था शव

लखनऊ8 महीने पहले
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पुलिस की गिरफ्त में हत्यारोपी। - Dainik Bhaskar
पुलिस की गिरफ्त में हत्यारोपी।

लखनऊ के कैसरबाग थाना क्षेत्र की खंदारी बाजार निवासी अधिवक्ता के लापता टायर कारोबारी भाई शोएब की हत्या सूदखोरी के चलते की गई थी। कैसरबाग और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने हत्या का खुलासा करते हुए उसके दोस्त समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। दोस्त ने उधारी के बीस लाख रुपए से ज्यादा ब्याज की रकम देने से परेशान होकर सुपारी देकर उसकी हत्या कराई थी। हत्या के बाद शव को डाले से रखकर सीतापुर के महमूदाबाद स्थित शारदा नहर में फेंक दिया था। पुलिस टायर कारोबारी का शव बरामद करने के लिए नहर में तलाशी अभियान चला रही है। पुलिस ने मृतक की बाइक, पर्स, डाला और हत्या में प्रयोग किया गया लोहे का राड बरामद कर लिया है।

पैसा वापस करने के नाम पर बुलाया, सिर पर लोहे की रॉड मार की हत्या

मृतक शोएब की फाइल फोटो।
मृतक शोएब की फाइल फोटो।

डीसीपी पश्चिम सोमेन वर्मा ने बताया कि खंदारी बाजार निवासी मो. शोएब खान ब्याज पर रुपये बांटता था। शोएब 14 दिसंबर को बाइक लेकर घर से निकला था और वापस नहीं लौटा। 15 दिसंबर को भाई आमिर हमजा ने कैसरबाग कोतवाली में मो. शोएब खान के गुम होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। छानबीन में पता चला था कि शोएब की दोस्ती हसनगंज खरदरा निवासी नसीम अहमद उर्फ रजा से है। उसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने नसीम अहमद से पूछताछ की। जिसने पूछताछ में बताया कि शोएब खान की उसने सुपारी देकर हत्या करा दी है। जिसमें उसका साथ शोएब उर्फ टोपी और मो. अकील शामिल थे। हम लोगों ने 14 दिसंबर को होटल पर चाय पीने के बाद मो. शोएब खान को लेकर शोएब टोपी के टायर गोदाम में ले गया।

जहां मो. अकील पहले से मौजूद था। गोदाम में ही तीनों ने मिल कर लोहे की राड से मो. शोएब खान के सिर पर ताबड़तोड़ कई वार कर हत्या कर दी थी। इसके बाद शव को गोदाम में ही छिपा दिया था। जिसे ठिकाने लगाने के लिए शोएब उर्फ टोपी ने सीतापुर बिसवां निवासी डाला चालक शादाब को बुलाया। उसने शोएब का शव इन्दिरा नहर में ले जाकर फेंक दिया। वहीं पुलिस को कोई सबूत न मिले इसके चलते शोएब का मोबाइल भी ईंट मार कर तोड़ दिया।

प्रतिदिन दो प्रतिशत की दर से लेता था ब्याज, न चुकाने पर दे रहा था धमकी
पुलिस के मुताबिक आरोपी नसीम अहमद उर्फ रजा ने शोएब खान से 20 लाख रुपये का कर्ज लिया था। जिसके बदले प्रतिदिन दो प्रतिशत के हिसाब से ब्याज दे रहा था। नसीब ने बताया कि शोएब खान दबंग प्रवृत्ति का था। पैसे समय पर न चुकाने पर फर्जी मुकदमें में फंसाने की धमकी देता था। उसकी तरह की शोएब उर्फ टोपी ने भी नौ लाख रुपये उधार ले रखे थे। ढाई साल से दोनों लोग शोएब खान को रुपये दे रहे थे। लेकिन मूलधन और ब्याज खत्म ही नहीं हो रहा था। नसीम के अनुसार शोएब त्योहारों पर भी उन लोगों से जबरन ब्याज वसूल लेता था। जिसकी वजह से परिवार के लिए उन लोगों के पास रुपये नहीं बचते थे। इसके चलते दोनों ने दस दिसंबर को शोएब खान की हत्या करने की साजिश रची । इसमें मो. अकील पचास हजार रुपये देकर हत्या करने के लिए राजी किया गया। डाला ड्राइवर शादाब को शव ठिकाने लगवाने के लिए पांच हजार रुपये दिए गए थे।

झाड़ियों में छिपाई थी बाइक, शव की तलाश जारी
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने शोएब की हत्या कर शव सीतापुर सरैया पुल से इन्दिरानहर में फेंक दिया था। शव की तलाश की जा रही है। वहीं इन लोगों ने उसकी बाइक इटौंजा रेलवे स्टेशन के पास झाड़ियों में छिपाने के साथ मोबाइल फोन तोड़कर एचसीएल के पास झाड़ियों में फेंक दिया था।

परिवार ने छिपाई ब्याज पर रुपये चलाने की बात
डीसीपी क्राइम पीके तिवारी ने बताया कि 14 दिसंबर को शोएब खान के घर नहीं लौटने पर भाई आमिर ने उसका फोन मिलाया था। नंबर स्विच ऑफ जा रहा था। परिवार वालों ने 15 दिसंबर को सूचना दी । पुलिस के पूछने पर भी सूदखोरी या रंजिश के विषय में नहीं बताया। जिससे घटना का खुलासा करने में देरी हुई।

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