मुनव्वर राणा की बेटी के होटल में ठहरे थे शूटर:माफिया गोरख के हत्यारों ने लखनऊ में पहनी थी वर्दी, एडवांस में बुक था कमरा

लखनऊ3 महीने पहलेलेखक: सुनील कुमार मिश्रा

बिहार के माफिया वीरेंद्र उर्फ गोरख ठाकुर की हत्या करने आए शूटर लखनऊ में मशहूर शायर मुनव्वर राणा के होटल में ठहरे थे। जियामऊ स्थित होटल क्रिस्जल इन उनकी बेटी सुमैया राणा के नाम से है। सुमैया ने इसे गोरखपुर के अली शान को किराए पर दिया है।

सुमैया राणा का यह होटल कैंसर हॉस्पिटल और पेट्रोल पंप के ठीक पीछे है। होटल संचालक अली शान ने बताया कि 24 जून की देर रात करीब 3 से 4 बजे के बीच फिरदौस तीन अन्य लोगों के साथ आया। इनके लिए पहले से ही पहली मंजिल पर रूम नंबर-201 बुक था, लेकिन फिरदौस ने होटल के छत पर अकेले बना रूम नंबर-305 भी लिया। क्योंकि खुली छत के ऊपर से लोहिया पथ और आसपास करीब एक किलोमीटर तक की हर गतिविधि दिखाई दे रही थी।

सिर्फ एक बोतल पानी मांगा, फिर रूम बंद कर लिया
होटल में काम करने वाले संतोष ने बताया कि उस वक्त मैनेजर मोहनलालगंज के गौरव प्रताप सिंह रिसेप्शन पर थे। उन्होंने चारों के आते ही उन्हें कमरे में ले जाने को कहा। न तो उनकी आईडी ली न ही रजिस्टर में एंट्री किया। कमरे में जाने के बाद एक युवक ने बोतल का पानी मांगा। पानी लेने के बाद उन्होंने कमरा बंद कर लिया। संतोष ने बताया कि वो लोग खाना साथ लेकर आए थे।

असलहे से लेकर कपड़ों तक का पहले से था इंतजाम
गोरख की हत्या करने आए शूटर CCTV फुटेज में पुलिस की वर्दी में देखे गए थे, लेकिन होटल संचालक अली शान ने बताया कि 25 जून की सुबह करीब 11 बजे वो अपनी सफेद रंग की कार से निकले थे। उस वक्त चारों ने ब्राउन कलर की टी-शर्ट पहन रखी थी।

उनके पास कोई बैग भी नहीं था। पुलिस अंदाजा लगा रही है कि शूटर्स का कोई साथी पहले से लखनऊ में मौजूद था। उसी के ठिकाने पर शूटर्स ने कपड़े बदलकर पुलिस की वर्दी पहनी। यहीं उन्हें असलहा मुहैया कराया गया, जिसके बाद उन्होंने घटना को अंजाम दिया।

होटल में यह कड़ा उसी कमरे से मिला है, जहां शूटर्स रुके थे।
होटल में यह कड़ा उसी कमरे से मिला है, जहां शूटर्स रुके थे।

पुलिस कड़ा नहीं पहनती, इसीलिए कड़े को होटल में ही छोड़ गए
शूटर जिस कमरे में ठहरे थे, उसमें से स्टील का मोटा कड़ा बरामद हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि उनमें से किसी एक ने कड़ा पहना था, लेकिन प्लानिंग के मुताबिक पुलिस जैसा दिखने के लिए उसने कड़ा निकालकर होटल में ही छोड़ दिया था। क्योंकि पुलिस कड़ा नहीं पहनती। अली शान ने बताया कि सुबह उसने केवल फिरदौस को देखा था।

हाईस्कूल पास शान की गोरखपुर में हुई थी बीटेक पास मंजर से दोस्ती
अली शान ने बताया कि वो गोरखपुर में घोसी पुरवा का रहने वाला है। उसने हाईस्कूल तक पढ़ाई की है। करीब चार साल पहले सिवान के अठखंभा निवासी शूटर मंजर गोरखपुर में उसी के मोहल्ले में रहकर पढ़ाई कर रहा था। तभी दोनों की दोस्ती हुई थी। 24 जून को दोपहर 11 बजे मंजर ने फोन करके बोला कि दिल्ली से उसके चार दोस्त लखनऊ आ रहे हैं। उन्हें रुकने के लिए रूम चाहिए। मंजर के कहने पर ही बिना कोई आईडी लिए फिरदौस को रूम दिया गया था।

सुमैया ने कहा, लीज पर दिया है होटल, उन्हें कोई वास्ता नहीं
मुनव्वर राणा की बेटी सुमैया का कहना है कि होटल पहले उनका घर था, लेकिन दूसरे मकान में शिफ्ट होने के बाद इसे होटल बना दिया। कई साल से ये होटल लीज पर दिया गया है। अक्टूबर 2021 में अली शान ने होटल लिया था। तभी से वो इसे चला रहे हैं। जब तक होटल किराए पर है, उनका इससे कोई वास्ता नहीं है।

तीन में से दो युवकों को लखनऊ पुलिस ने छोड़ दिया
लखनऊ पुलिस ने शनिवार को सिवान से जिन चार युवकों को उठाया था, पूछताछ के बाद उनमें से दो को छोड़ दिया। हत्या के मुख्य आरोपी फिरदौस के दोस्त मंजर को हिरासत में ले रखा है। अब इसी के जरिए पुलिस फिरदौस तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि फिरदौस भी उनकी रडार पर आ चुका है। जल्द पकड़ा जाएगा।

पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर का कहना है," होटल संचालक से पूछताछ हुई है। रूम बुक कराने वाले मंजर को अभी हिरासत में रखा गया है। कुछ और अहम सुराग हाथ लगे हैं। जल्दी ही घटना का खुलासा होगा।"

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