• Hindi News
  • Local
  • Uttar pradesh
  • Lucknow
  • Governor Anandiben Patel Appointed Judge Pradeep Kumar Srivastava For Investigation, Single Commission Will Give Its Report Within Two Months

लखीमपुर हिंसा में न्यायिक जांच आयोग का गठन:दो महीने में देनी होगी रिपोर्ट, इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज प्रदीप श्रीवास्तव करेंगे जांच

लखनऊ12 दिन पहले

लखीमपुर हिंसा की जांच के लिए यूपी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। जिस पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने भी मुहर लगा दी है। उन्होंने एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग गठित करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव को इसकी कमान सौंपी है। उन्होंने दो महीने के भीतर जांच रिपोर्ट मांगी है। जांच आयोग का मुख्यालय लखीमपुर में ही बनाया जाएगा। तीन अक्टूबर यानी रविवार को हुई हिंसा के बाद से किसान संगठन और विपक्षी दल न्यायिक जांच की मांग कर रहे थे।

अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने राज्यपाल की तरफ से जांच आयोग की अधिसूचना जारी की है। उन्होंने कहा, यह आयोग केस से जुड़े हर पहलु पर जांच करेगा। यह आयोग दो माह में अपनी जांच रिपोर्ट शासन को सौंपेगा।

लखीमपुर में 3 अक्टूबर को भड़की थी हिंसा
रविवार यानी तीन अक्टूबर को किसानों ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र का विरोध करते हुए काले झंडे दिखाए थे। इसी दौरान एक गाड़ी ने किसानों को कुचल दिया था। इससे 4 किसानों की मौत हो गई थी। इसके बाद भड़की हिंसा में आरोप है कि किसानों ने एक ड्राइवर समेत चार लोगों को पीट-पीटकर मार डाला था। इस हिंसा में एक पत्रकार भी मारा गया।

इस मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्र समेत 15 लोगों के खिलाफ हत्या और आपराधिक साजिश का केस दर्ज किया गया है। सरकार और किसानों के बीच समझौता हुआ। सरकार ने मृतकों के परिवार को 45 लाख रुपए मुआवजा दिया। एक सदस्य को सरकारी नौकरी के साथ घटना की न्यायिक जांच और 8 दिन में आरोपियों की गिरफ्तारी का वादा भी किया गया है।

आरोपों के घेरे में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री का बेटा
आरोपी आशीष मिश्र की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। लखनऊ जोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) एसएन साबत ने कहा कि पुलिस घटना के वीडियो और अन्य साक्ष्य का विश्लेषण कर रही है। शिकायतकर्ता हरि सिंह ने आरोप लगाया है कि 'आशीष को लेकर जा रहे तीन वाहन और लगभग 15-20 लोग तेज गति से विरोध स्थल की ओर बढ़ रहे थे, जबकि किसान शांतिपूर्वक विरोध कर रहे थे'। शिकायत में आगे कहा गया है कि 'मिश्र ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं और किसानों को कुचल दिया।' हालांकि, आशीष मिश्रा ने इन आरोपों का खंडन कर दिया है।

खबरें और भी हैं...