चंद्रशेखर बोले- अखिलेश ने मेरा अपमान किया:जैसे बीजेपी दलितों के यहां खाना खाकर खेल कर रही है, अखिलेश भी उसी राह पर, उन्हें दलितों की जरूरत नहीं

लखनऊ7 दिन पहले

आजाद समाज पार्टी के मुखिया चंद्रशेखर ने कहा कि एक महीने से मेरी लगातार अखिलेश से बात हो रही है। अखिलेश तय कर चुके हैं वे दलितों से गठबंधन नहीं करेंगे। अखिलेश ने मुझे अपमानित किया है। मुझे लगता है कि वे दलितों की लीडरशिप खड़े नहीं होने देना चाहते। मैंने अखिलेश पर जिम्मेदारी छोड़ी थी कि वे गठबंधन में शामिल करें या नहीं। लेकिन उन्होंने आज तक जवाब नहीं दिया।

वो प्रमोशन में आरक्षण के मुद्दे पर साथ नहीं आ रहे थे। जिस तरह से बीजेपी दलितों के यहां खाना खाकर खेल कर रही हैं। वैसे ही अखिलेश यादव कर रहे हैं। हम चाहते थे कि अखिलेश यादव हमारे मुद्दे रखें लेकिन वह इससे बच रहे थे। इसलिए हमने तय किया है कि हम गठबंधन में नहीं जा रहे हैं।

मुलायम सिंह यादव को कांशीराम ने सीएम बनाया लेकिन उन्होंने धोखा दिया। हम नहीं चाहते थे कि इस बार भी दलित समाज के साथ ऐसा हो। बीजेपी को रोकने के लिए मैंने अपना स्वाभिमान दांव पर लगा दिया।

चंद्रशेखर ने कहा कि यूपी में भाजपा को हराना हमारा लक्ष्य है, हम भाजपा को सत्ता में नही आने देंगे। अखिलेश को दलितों की जरुरत नहीं है। हमने तय किया है कि अभी सपा से गठबंधन नहीं करेंगे। बीजेपी के खिलाफ हमने लाठियां खाई हैं। हम अपने दम पर लड़ेंगे। पहली कोशिश यही रहेगी कि जो विपक्ष बिखरा है, उसे एक किया जाए। अगर सरकार बीजेपी की आती है तो दलितों और पिछड़ों को 5 साल झेलना पड़ेगा।

लाइव अपडेट्स

  • यूपी में भाजपा को हराना हमारा लक्ष्य है, हम भाजपा को सत्ता में नही आने देंगे। अखिलेश को दलितों की जरुरत नही है।
  • हमने तय किया है कि अभी सपा से गठबंधन नही करेंगे। बीजेपी के खिलाफ हमने लाठियां खाई है।
  • दलितों के लिए 25 प्रतिशत आरक्षण की मांग हमने की है। विपक्षी पार्टियां दलितों के मुद्दे पर बात नहीं कर रही है।
  • दलित अपनी लड़ाई खुद लड़ेंगे। हम अपने दम पर लड़ेंगे। पहली कोशिश यही रहेगी कि जो विपक्ष बिखरा है उसे एक किया जाए।
  • अगर सरकार बीजेपी की आती है तो दलितों और पिछड़ों को 5 साल झेलना पड़ेगा।
  • सामाजिक न्याय का मतलब नहीं समझते अखिलेश।

पिछले 5 साल में समाजवादी पार्टी ने दलित की हत्या और उनके शोषण पर आवाज नहीं उठाई। इससे पहले आजाद समाज पार्टी के मुखिया चंद्रशेखर की प्रेस कांफ्रेंस पुलिस ने अनुमति नहीं दी थी। कहा गया है कि चुनिंदा कार्यकर्ताओं के साथ ही वे कांफ्रेंस कर सकते हैं।

एक दिन पहले चंद्रशेखर ने ये पोस्ट की थी।
एक दिन पहले चंद्रशेखर ने ये पोस्ट की थी।

शुक्रवार को चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखा था। इसके बाद अखिलेश के साथ जाने की उम्मीद बढ़ गई थी। लिखा था कि - मजबूती और एकता के बगैर बीजेपी जैसी मायावी पार्टी को हराना आसान नहीं है। गठबंधन के अगुवा का दायित्व होता है कि वो सभी समाज के लोगों के प्रतिनिधित्व और सम्मान का ख्याल रखे। आज यूपी में दलित वर्ग अखिलेश यादव से इस जिम्मेदारी को निभाने की अपेक्षा रखता है। अखिलेश से उनकी मुलाकात जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट में हुई थी। इसके बाद ही उन्होंने ये बातें लिखी हैं।

पश्चिमी उत्तरप्रदेश में चंद्रशेखर की अच्छी पकड़ है।
पश्चिमी उत्तरप्रदेश में चंद्रशेखर की अच्छी पकड़ है।