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अखिलेश का पैदल मार्च पुलिस ने रोका:सपा नेताओं की पुलिस से धक्का-मुक्की, अखिलेश ने विधायकों के साथ सड़क पर दिया धरना

लखनऊ3 महीने पहले

आज से मानसून सत्र शुरू हो रहा है। इससे पहले अखिलेश यादव सपा कार्यालय से पैदल मार्च के लिए निकले। वो बेरोजगारी, महंगाई और महिलाओं के शोषण का मुद्दा पर सपा नेता सड़क पर उतरे थे। विधानसभा तक पहुंचने से पहले पुलिस ने उन्हें रोक लिया। यहां सपा के विधायक और कार्यकर्ताओं की पुलिस से धक्का-मुक्की भी हुई।

पुलिस के मुताबिक, सपा नेताओं ने तय रूट को फॉलो नहीं किया था। अखिलेश अपने आवास के पास ही सड़क पर बैठ गए हैं। यही धरना-प्रदर्शन शुरू हो गया। करीब डेढ़ घंटे चले धरने के बाद अखिलेश अपने कार्यालय के लिए लौट गए। अब यहां आगे के प्रदर्शन की रणनीति तैयार की जा रही है।

मानसून सत्र श्रद्धांजलि के बाद स्थगित हुआ

सीएम योगी ने कहा- लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने में कोई बुराई नहीं है।
सीएम योगी ने कहा- लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने में कोई बुराई नहीं है।

जिस वक्त सपा नेता सड़क पर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। विधानसभा में मानसून सत्र की कार्रवाई चल रही थी। यहां कोरोना काल में मरने वाले विधायकों को श्रद्धांजलि दी गई। लखीमपुर खीरी की गोला सीट से विधायक अरविंद गिरि के राजनीतिक कॅरियर पर मत्स्य मंत्री संजय निषाद बोले। इसके बाद मानसून सत्र को स्थगित कर दिया गया।

सीएम ने कहा-सपा से नियम मानने की उम्मीद नहीं
सदन से बाहर आने के बाद अखिलेश के प्रदर्शन पर CM योगी ने कहा,"किसी भी दल को या किसी भी व्यक्ति को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने में कोई बुराई नहीं है। अगर अखिलेश ने नियम अनुसार पुलिस से परमिशन मांगी होगी तो उन्हें जरूर मिलेगी। सपा से उम्मीद करना कि वो किसी नियम या शिष्टाचार को मानेंगे। ये एक कपोल कल्पना ही है।

'कोई ऐसा विभाग नहीं, जिसे बीजेपी बेच न रही हो'

अखिलेश इस वक्त शासन के लोगों से बातचीत करते हुए। पैदल मार्च फिलहाल रुका हुआ है
अखिलेश इस वक्त शासन के लोगों से बातचीत करते हुए। पैदल मार्च फिलहाल रुका हुआ है

अखिलेश ने प्रदर्शन के दौरान कहा,"यूपी में योगी सरकार को दोबारा मौका मिला है। मगर सड़क पर हर तरफ गड्‌ढे हैं। बाढ़, जलभराव से किसान परेशान है। कुछ हिस्सों में सूखा पड़ा है। किसानों को राहत नहीं दी गई है। बड़े पैमाने पर जानवर बीमारी से मर रहे है। लंपी वायरस की वजह से हजारों गाय की मौत हो चुकी है। मगर सरकार नहीं सुन रही है। महंगाई देखिए कितनी हो गई है। दूध-दही पर GST लगा दी है। खाने-पीने की चीजें महंगी होती जा रही है। नौकरी नहीं दे पा रहे हैं। प्राइवेटलाइजेशन करना कोई विकल्प नहीं होता। कोई ऐसा विभाग नहीं, जो सरकार बेच न रही हो।

ऐसा कैसी सरकार, जो सदन में नेताओं को जाने नहीं दे रही
उन्होंने कहा,"एक सेना ही बची थी, लेकिन कोरोना में अग्निवीर लेकर आ गए हैं। बिजली महंगी हो चुकी है। इसलिए सपा विधायक धरना देना चाहते थे। सरकार ने रोक दिया। आज हम पैदल फिर निकले थे। मगर सरकार ने फिर रोक लिया। ऐसा कैसी सरकार है। इतने वरिष्ठ नेताओं को सदन में ही जाने देना चाहती है। सरकार हर मुद्दे पर असफल है, इसलिए सरकार नहीं चाहती कि हम वहां पहुंचे और जनता के आवाज उठाए।"

RLD के विधायक विधान मंडल के बाहर चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के पास प्रदर्शन कर रहे है।
RLD के विधायक विधान मंडल के बाहर चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के पास प्रदर्शन कर रहे है।

तय रूट फॉलो नहीं करने पर पैदल मार्च रोका
अब आपको ये भी बताते हैं कि पुलिस ने अखिलेश के पैदल मार्च को रोका क्यों? दरअसल अखिलेश सपा विधायक पार्टी कार्यालय से चलकर राजभवन के सामने से होते हुए GPO स्थित गांधी प्रतिमा के सामने से गुजरने वाले थे। वहां से विधायक हजरतगंज चौराहे से लोक भवन के सामने विधान भवन के अंदर गेट नंबर एक से प्रवेश करना था। पुलिस का आरोप था कि सपा नेताओं ने तय रूट को फॉलो नहीं किया।

पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। सपा नेताओं को तय रूट से इतर नहीं जाने दिया गया।
पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। सपा नेताओं को तय रूट से इतर नहीं जाने दिया गया।

महंगाई, नौकरी और मेडिकल क्षेत्र की गड़बड़ियों पर सरकार को घेरा

पैदल मार्च में विधायकों के हाथों में तख्तियां थीं। इसमें बेरोजगारी, महंगाई, महिलाओं के शोषण, कानून-व्यवस्था की बदहाली, शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में गड़बड़ी, बिजली संकट, किसानों और नौजवानों के साथ हो रहे अन्याय पर स्लोगन लिखे थे। विधानमंडल के वर्तमान सत्र में सपा जनसमस्याओं को पुरजोर तरीके से उठाना चाहती है। हालांकि आज विधानसभा तक सपा नेता पहुंच ही नहीं सके।

बीजेपी के वन मंत्री बोले-उनके सवालों के जवाब विधानसभा में दिए जाएंगे

ये तस्वीर अरुण सक्सेना की है। वो बरेली से शहर विधायक भी है। उन्होंने अखिलेश पर तंज कसा।
ये तस्वीर अरुण सक्सेना की है। वो बरेली से शहर विधायक भी है। उन्होंने अखिलेश पर तंज कसा।

सपा के पैदल मार्च पर योगी कैबिनेट के स्वतंत्र प्रभार और वन मंत्री अरुण सक्सेना ने कहा,"अखिलेश के पास कोई मुद्दा नहीं है। लंबे समय से वो पैदल नहीं चले हैं। उन्हें पैदल चलना भी चाहिए। स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है। विधानसभा के अंदर अगर उनके सवाल होंगे, तो उनके जवाब दिए जाएंगे।"

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