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पार्किंग में गिर रहा सीवर का पानी:लखनऊ के पारिजात अपार्टमेंट के बेसमेंट में बह रहा सीवर का पानी, LDA वहीं ऑलाट करने जा रहा पार्किंग...सोसायटी के लोंगों की परेशानी बढ़ी

लखनऊ23 दिन पहले
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पारिजात अपार्टमेंट के लोग एलडीए के खिलाफ बैठक करते हुए। - Dainik Bhaskar
पारिजात अपार्टमेंट के लोग एलडीए के खिलाफ बैठक करते हुए।

लखनऊ की फैजाबाद रोट पर करीब 137 करोड़ रुपए की लागत से तैयार पारिजात अपार्टमेंट के बेसमेंट में एलडीए पार्किंग अलॉट करने जा रहा है। जबकि बिल्डिंग का सीवर और बाथरूम का पानी वहीं गिर रहा है। बेसमेंट में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। पिछले कई महीनों से आवंटी उसको सही करने की मांग कर रहे हैं।

सीवर की समस्या ठीक में अभी 2 महीनें लगेंगे

अभी उसको पूरी तरह से सही नहीं किया गया। खुद एलडीए के इंजीनियरों का कहना है कि इसको सही कराने में कम से कम दो महीने का समय लगेगा। पारिजात वेलफेयर सोसायटी का आरोप है कि पहले तो बिल्डिंग निर्माण घटिया हुआ है। अब स्थिति यह है कि यहां बेसमेंट में पार्किंग अलॉट करने के लिए 13 जुलाई को एलडीए लॉटरी निकालने जा रहा है। जबकि इसको सही करने में दो महीने से ज्यादा का वक्त लग जाएगा। आवंटियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है।

306 की की जगह दिया बना दिया 410 फ्लैट

सोसायटी के विजय सिंह बताते है कि योजना की शुरूआत में बताया गया था कि यहां 310 फ्लैट बनेंगे। लेकिन कुछ समय बाद उसकी संख्या 406 कर दी गई है। अब ऐसे में 96 गाड़ियों की पार्किंग की व्यवस्था करनी है। जबकि सभी आवंटियों से कहा गया था कि आपको 2 पार्किंग की जाएगी। एलडीए अब अपनी बात से मूकर रहा है। स्थिति यह है कि कॉलोनी के अंदर चलने के लिए जो जगह है, वहां भी पार्किंग अलॉट करने की योजना शुरू कर दी गई है।

50 लाख के फ्लैट के लिए 77 लाख का भुगतान

यह योजना साल 2010 में शुरू हुई। इसमें 2014 तक इसको पूरा कर आंवटियों को हैंड ओवर करना था। उस समय फ्लैट की कीमत 50 लाख रुपए से शुरू थी। लेकिन समय से पूरा न होने की वजह से आवंटियों को उसका 77 लाख रुपए का भुगतान करना पड़ा। मतलब कि एक-एक फ्लैट के लिए करीब 27 लाख रुपए का अतरिक्त भुगतान किया गया। बचाव के लिए एलडीए ने ऐसा नियम पहले ही क्लॉज में डाल दिया था, जिसमें फाइन होने के बाद रेट बढ़ने की बात कही गई थी। लेकिन आरोप है कि इसको समय पर दिया गया होता तो यह दिक्कत नहीं आती।

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