IPS अमिताभ ठाकुर के 6 किस्से:मुलायम सिंह की धमकी वाले टेप को किया था लीक, एनकाउंटर से पहले ही बताया था कि विकास दुबे कैसे मारा जाएगा

लखनऊ8 महीने पहले
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आईपीएस अमिताभ ठाकुर पहली बार उस वक्त चर्चा में आए जब उन्होंने माननीयों को दिए जाने वाले पुलिस के 'गार्ड ऑफ ऑनर' का विरोध किया। उन्होंने इसे खत्म करने की मांग की और तत्कालीन यूपी के मुख्य सचिव आलोक रंजन को पत्र लिखकर कहा था, 'गार्ड ऑफ ऑनर' पाने वाले कुछ मंत्री क्रिमिनल बैकग्राउंड के होते हैं, जिन्हें पुलिस को 'गार्ड ऑफ ऑनर' देना पड़ता है। इससे पुलिस का मनोबल गिरता है। - Dainik Bhaskar
आईपीएस अमिताभ ठाकुर पहली बार उस वक्त चर्चा में आए जब उन्होंने माननीयों को दिए जाने वाले पुलिस के 'गार्ड ऑफ ऑनर' का विरोध किया। उन्होंने इसे खत्म करने की मांग की और तत्कालीन यूपी के मुख्य सचिव आलोक रंजन को पत्र लिखकर कहा था, 'गार्ड ऑफ ऑनर' पाने वाले कुछ मंत्री क्रिमिनल बैकग्राउंड के होते हैं, जिन्हें पुलिस को 'गार्ड ऑफ ऑनर' देना पड़ता है। इससे पुलिस का मनोबल गिरता है।
  • मूलत: बिहार के रहने वाले अमिताभ ठाकुर ने पहली बार में बीट किया था IRS का एग्जाम
  • कानपुर IIT से किया था बीटेक, 1992 में IPS की नौकरी हासिल की, पहली पोस्टिंग ASP के पद गोरखपुर में मिली थी

उत्तर प्रदेश के IPS अमिताभ ठाकुर एक बार फिर चर्चा में हैं। हालांकि इस बार सिस्टम से लड़ाई के लिए नहीं बल्कि अपनी रिटायरमेंट को लेकर चर्चा हैं। उन्हें सरकार ने समय से पहले रिटायर कर दिया। गृह मंत्रालय का तर्क है कि वे लोकहित में सेवा बनाए रखने जाने के उपयुक्त में नहीं है। दैनिक भास्कर ने IPS अमिताभ ठाकुर से उनके अनिवार्य सेवानिवृत्ति पर बात की। उन्होंने कहा, 'अभी मैं आदेश का अवलोकन कर रहा हूं। सोच-विचार के बाद कोई फैसला लूंगा।'

हालांकि जानकारों का मानना है कि अमिताभ ठाकुर यदि सरकार के फैसले से संतुष्ट नही होते हैं तो वह कोर्ट जा सकते हैं। अमिताभ ठाकुर ने पूर्ववर्ती समाजवादी सरकार में सत्ता से खूब पंगा लिया था। यहां तक कि वे धोनी, फेसबुक से भी पंगा ले चुके हैं। हालांकि भाजपा सरकार में भी अमिताभ ठाकुर साइड लाइन ही रहे। वे लंबे समय से रूल्स एवं मैनुअल विभाग में तैनात रहे। लेकिन अब जबरन रिटायर कर दिया गया। बहरहाल, इन सबके बीच अमिताभ ठाकुर एकदम से चर्चा में आ गए हैं। आइए हम आपको बताते हैं कि अमिताभ ठाकुर कौन हैं और उनके जीवन से जुड़े 6 दिलचस्प किस्से...

किस्सा-1: विकास दुबे के सरेंडर करते ही बताया था कि वह मारा जाएगा
बात 2 जुलाई 2020 की है। कानपुर के बिकरु गांव में दबिश देने गई पुलिस टीम पर गैंगस्टर विकास दुबे ने फायरिंग कर CO समेत 8 पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। इस घटना के सात दिन बाद विकास दुबे ने नाटकीय अंदाज में मध्य प्रदेश के उज्जैन में सरेंडर किया। विकास दुबे के सरेंडर करने के बाद IPS अमिताभ ठाकुर ने सोशल मीडिया पर उसके एनकाउंटर की कहानी बयान कर दी थी। अमिताभ ठाकुर ने लिखा था कि विकास दुबे का सरेंडर हो गया है। हो सकता है कि कल वह यूपी पुलिस की कस्टडी से भागने की कोशिश करे, मारा जाए। इस तरह विकास दुबे का चैप्टर क्लोज हो जाएगा। लेकिन मेरी निगाह में असल जरुरत इस कांड के सामने आई यूपी पुलिस के अंदर की गंदगी को ईमानदार देखते हुए उस पर निष्पक्ष, कठोर कार्रवाई करना है।

गैंगस्टर विकास दुबे।- फाइल फोटो
गैंगस्टर विकास दुबे।- फाइल फोटो

किस्सा-दो: मुलायम की धमकी का ऑडियो किया था लीक
बात 10 जुलाई 2015 की है। IPS अमिताभ ठाकुर ने आरोप लगाया था कि उन्हें मुलायम सिंह यादव ने फोन कर धमकाया और सुधर जाने की नसीहत दी। अमिताभ ने पूरी धमकी को रिकार्ड कर लिया था और पब्लिक डोमेन में भी लाए थे। वायरल ऑडियो में मुलायम सिंह यादव ने कहा था कि पिछली बार से ज्यादा बुरी गत बनाउंगा। सुधर जाओ। इस संबंध में तब अमिताभ ने 24 सितंबर 2015 को हजरतगंज कोताली में मुलायम के खिलाफ केस दर्ज कराया था। बाद में मुलायम सिंह ने स्वीकार किया था कि उन्होंने ही अमिताभ को फोन किया था, लेकिन धमकाने की मंशा नहीं थी। इसी वाकये के बाद अमिताभ पर रेप का आरोप लगा और उन्हें निलंबित भी होना पडा था।

अमिताभ ठाकुर अपने कार्यालय में बाहर बैठकर काम करते हुए दिखते थे।
अमिताभ ठाकुर अपने कार्यालय में बाहर बैठकर काम करते हुए दिखते थे।

किस्सा-तीन: रेप का आरोप लगा तो अकेले महिलाओं से मिलने को किया था मना
मुलायम सिंह यादव का कथित टेप लीक होने के बाद गाजियाबाद की एक महिला ने अमिताभ ठाकुर पर रेप का आरोप लगाया था। हालांकि अमिताभ ठाकुर ने इस मामले को फर्जी करार दिया था। इस घटना के बाद अमिताभ ठाकुर ने अपने घर और ऑफिस पर पम्फलेट लगा दिया था कि कोई भी महिला आगुन्तक अकेले कमरे में प्रवेश ना करे। इस पर भी खासा विवाद हुआ था।

कुछ इस तरह अमिताभ ने कार्यालय के बाहर लिखवाई थी सूचना।
कुछ इस तरह अमिताभ ने कार्यालय के बाहर लिखवाई थी सूचना।

किस्सा-चार: फेसबुक के खिलाफ दर्ज कराई थी FIR
अमिताभ ठाकुर कवि व लेखक भी हैं। वे सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहते हैं। एक बार किसी यूजर ने फेसबुक पर 'आई हेट गांधी' नाम से एक पेज शुरू किया था। इस पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से जुड़ी अभद्र कमेंट किए जा रहे थे। इसके बाद अमिताभ ठाकुर ने पेज के खिलाफ फेसबुक से शिकायत की, लेकिन जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो उन्होंने फेसबुक के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराई। इसके कुछ दिन बाद फेसबुक ने 'आई हेट गांधी' नाम के उस पेज को बैन कर दिया। फेसबुक पर हजारों फैन्स ने उनके इस काम को सराहा था।

हजरतगंज थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट।
हजरतगंज थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट।

किस्सा- पांच: धोनी को भेजा था 1000 रुपए का चेक
बात साल 2015 की है। वर्ल्ड कप चल रहा था। सेमीफाइनल में भारत की भिड़ंत ऑस्ट्रेलिया से थी। जिसमें भारतीय टीम को हार का मुंह देखना पड़ा था। इस पर अमिताभ ठाकुर ने उस समय टीम के कप्तान रहे धोनी को 1000 हजार रुपए का चेक ईनाम के रुप में भेजा था। इस चेक के साथ एक लेटर भी टीम इंडिया के कैप्टन महेंद्र सिंह धोनी के नाम लिखा और मैच हारने के लिए धन्यवाद दिया था। साथ ही अमिताभ ठाकुर 'मुन्नी बदनाम' और 'शीला की जवानी' जैसे फिल्मों गानों पर बैन के लिए हाईकोर्ट में याचिका भी लगा चुके हैं।

महेंद्र सिंह धोनी को भेजा था चेक।
महेंद्र सिंह धोनी को भेजा था चेक।

किस्सा-छह: विधायक ने जड़ा था थप्पड़
यह कहानी 2006 की है। तब मुलायम सिंह यादव की प्रदेश में सरकार थी। आईपीएस अमिताभ ठाकुर की फिरोजाबाद में पोस्टिंग थी। वहां पर दो विधानसभाओं जसराना और शिकोहाबाद में रामवीर यादव और हरिओम यादव मुलायम के समधियो का कब्जा था। हालांकि दोनों बाहुबली विधायकों में पटती नहीं थी। ऐसे ही किसी मामले में रामवीर यादव का दखल आया, जिसे इस अफसर ने मना कर दिया। फिर जसराना रामवीर सिंह ने शिवपाल सिंह यादव को एक कार्यक्रम में बुलाया था। कार्यक्रम स्थल पर सपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच बदइंतजामी को लेकर विवाद हो गया। अमिताभ ठाकुर पहुंचे तो ‎विधायक‬ की सीधी भिड़ंत और हाथापाई हुई, जहां पर अमिताभ ठाकुर को थप्पड़ मारा गया। इस हमले की थाना एका में FIR दर्ज करवाई गई थी। इसके बाद उनका तबादला कर दिया था। ऐसे में तब जनता ने सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा भी सडकों पर उतर कर दिखाया था, लेकिन सरकार ने किसी की नहीं सुनी।

परिवार के साथ अमिताभ ठाकुर।
परिवार के साथ अमिताभ ठाकुर।

बिहार में जन्मे अमिताभ ने पहली बार में IRS किया था बीट
IPS अमिताभ ठाकुर मूलत: बिहार के रहने वाले हैं। सिविल सर्विसेस की तैयारी करते हुए अमिताभ ठाकुर ने पहले ही अटेम्प्ट में आईआरएस मिला था, लेकिन उन्होंने उसे ज्वाइन नहीं किया और एक बार फिर तैयारी की। उनकी मेहनत रंग लायी और फिर उन्होंने IPS बीट किया। अमिताभ ठाकुर 1992 बैच के IPS अफसर हैं। उन्होंने IIT कानपुर से बी-टेक की डिग्री ली है। अमिताभ की बतौर ASP उनकी पहली पोस्टिंग गोरखपुर हुई थी। उसके बाद उन्होंने बतौर SP पहली पोस्टिंग पिथौरागढ़ में मिली। इसके बाद वे उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी तैनात रहे। अमिताभ की पत्नी डॉक्टर नूतन ठाकुर सोशल एक्टिविस्ट हैं।

IPS अमिताभ ठाकुर की पत्नी सोशल एक्टिविस्ट हैं।
IPS अमिताभ ठाकुर की पत्नी सोशल एक्टिविस्ट हैं।
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