कल्याण को श्रद्धांजलि देने पहुंचे 25 दलों के नेता:कांग्रेस और सपा से कोई नहीं आया, BSP नेता सतीश मिश्र ने चढ़ाए पुष्प, राजनाथ सिंह बोले- मैं हूं और मैं ही रहूंगा, ये भ्रम पालना ठीक नहीं

लखनऊएक वर्ष पहले

उत्तर प्रदेश में भाजपा आज पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की याद में अपने संगठनात्मक 1918 मंडलों में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर रही है। इसी कड़ी में आज राजधानी लखनऊ में सिटी मांटेसरी स्कूल में श्रद्धांजलि सभा हुई। इसमें केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, सीएम योगी आदित्यनाथ और संघ के सह सरकार्यवाह डॉक्टर कृष्ण गोपाल समेत कई दिग्गजों ने कल्याण सिंह को पुष्पांजलि दी।

खास बात यह कि इस कार्यक्रम में भाजपा ने अपने चुनाव चिन्ह का इस्तेमाल नहीं किया। 40 पार्टियों को बुलाया गया था, इसमें बसपा के महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा समेत 25 दलों के नेता शामिल हुए। हालांकि कांग्रेस और सपा का कोई बड़ा नेता नहीं पहुंचा। कल्याण सिंह के निधन पर भी मुलायम-अखिलेश या राहुल गांधी या प्रियंका गांधी नहीं पहुंचीं थीं। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर शोक जताया था।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कल्याण सिंह को पुष्प अर्पित किया।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कल्याण सिंह को पुष्प अर्पित किया।

राजनाथ बोले- मैं हूं और मैं ही रहूंगा, ऐसा भ्रम नहीं होना चाहिए
रक्षामंत्री ने कहा, "कल्याण सिंह जिस दिन स्वर्गवासी हुए थे, उस दिन मीडिया ने मुझसे पूछा था तब मैंने कहा था कि कल्याण सिंह का रिश्ता एक नेता, बड़े भाई और सखा के रूप में मेरा रिश्ता था। वो बेहद विनोदी स्वभाव के थे। 1977 में जब पहली बार वो स्वास्थ मंत्री बने, तब लोग कहने लगे थे कि ये भविष्य के मुख्यमंत्री है।
नकल रोकने के लिए कठोर कानून बनाने का प्रस्ताव जब कैबिनेट में रखा गया, तब कैबिनेट में इस पर मतभेद था। दो बार मंत्रिमंडल से पास नहीं हो पाया। लेकिन अगली बैठक हुई, तब चेयर पर बैठते ही वो प्रस्ताव निकाला और कहा कि इस पर कोई चर्चा नहीं होगी, ये प्रस्ताव पारित कर दिया। ये उनकी दृढ़ इच्छा बताने के लिए काफी है।
वो खुद चाय बनाते थे, और सभी को पिलाते थे। हम लोग कई बार निवेदन करते थे, तब वो हम लोगो के साथ ताश भी खेलते थे। लोग आते है और चले जाते है। मैं हूं और मैं ही रहूंगा, ऐसा भ्रम नहीं होना चाहिए"।

कार्यक्रम में शोक गीत के जरिए कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि दी गई।
कार्यक्रम में शोक गीत के जरिए कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि दी गई।

कृष्ण गोपाल ने कहा- एक धोती-कुर्ता में बिताए कई दिन
संघ के सर सहकार्यवाह कृष्ण गोपाल ने कल्याण सिंह को याद कर अतीत को कुरेदने की कोशिश की। उन्होंने कहा, "मैं अक्सर उनके (कल्याण सिंह) गांव जाता था। वंहा मैं जिला प्रचारक भी रहा। उनके घर कोई कमरा पक्का नहीं था। गांव और गरीब के कष्ट को उन्होंने करीब से समझा था।
कल्याण सिंह अच्छे वक्ता थे। जो बोलते थे, उसे लोग ध्यान से सुनते थे। युवा अवस्था में जनसंघ में आ गए और लोगों के दिल पर छा गए। कल्याण सिंह का संकल्प विपन्न को सम्पन्न बनाने का था। कल्याण सिंह के प्रारंभिक गुरु दीनदयाल प्रारंभिक गुरु थे।
एक बार 10 दिन तक चलने वाली सभा में गांव के लोग आते थे और चंदा देते थे। उस कार्यक्रम वो एक धोती कुर्ता लेकर कार्यक्रमों में जाते थे, रात को धोते थे। सुबह उसको खुद प्रेस करते थे, और 25 पैसा चुपचाप पार्टी के कोष में रख देते थे। कल्याण सिंह ने कहा था कि स्वास्थ विभाग का भ्रष्टाचार देख उनका हृदय कांप जाता था। वो अच्छा गीत भी लिखते थे, जेल में रह कर साथ में जेल में बंद कार्यकर्ताओं के परिवार को पत्र लिखा करते थे"।

कार्यक्रम में सीएम बोलते हुए।
कार्यक्रम में सीएम बोलते हुए।

सीएम योगी बोले- छोटे का बड़ा बनना उसकी महानता
सीएम योगी ने कल्याण सिंह को याद करते हुए कहा, 'छोटे का बड़ा बनना उसकी महानता होती है। कल्याण सिंह अलीगढ़ के एक छोटे से गांव में किसान के घर मे जन्मे, शिक्षक का काम किया संघ से जुड़े और जो दायित्व दिया गया उसे निभाया। आज वो हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका कृतित्व हमारे सामने है। समर्पण का भाव जब तक मौजूद रहेगा, आम जन के मन में भी कल्याण सिंह के लिए श्रद्धा बनी रहेगी'।

केशव ने कहा- कारसेवकों पर एक खरोच भी नहीं आने दी थी

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, "बाबूजी, जिनके बारें में कुछ कहना मेरे लिए सूरज को दीपक दिखाना होगा। वह सच्चे मायने में रामभक्त थे। 6 दिसम्बर 1996 में कारसेवा के दौरान VHP (विश्व हिंदू परिषद) के संगठन का पदाधिकारी होने के तहत मौजूद था। उन्होंने कारसेवकों पर एक खरोच भी नहीं आने दिया। अपनी सरकार की कुर्बानी दे दी। बाबू जी का बलिदान व्यर्थ नहीं जाने देंगे"।

केशव मौर्य ने कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि दी।
केशव मौर्य ने कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि दी।

बसपा महासचिव ने किया नमन

सभा में बसपा की तरफ से महासचिव सतीश मिश्रा भी पहुंचे। उन्होंने कहा, कल्याण सिंह एक बड़ा नाम राजनीति में रहा है। वह आने वाले सदियों तक प्रेरणा देने का काम करेंगे। मेरी उनसे व्यक्तिगत मुलाकात कई बार हुई। वो ऐसे राजनेता थे तो कभी भी जनहित के फैसले को टालने का काम नहीं करते थे। मैं अपनी पार्टी की ओर से उनके परिवार और भारतीय जनता पार्टी को इस दुख की घड़ी को सहन करने की कामना करता हूं।

स्वतंत्र देव सिंह की बगल में बैठे बसपा महासचिव सतीश चंद्र मिश्र।
स्वतंत्र देव सिंह की बगल में बैठे बसपा महासचिव सतीश चंद्र मिश्र।
सभा में सुबह से लोगों के आने का सिलसिला जारी है।
सभा में सुबह से लोगों के आने का सिलसिला जारी है।

प्रदेश अध्यक्ष ने मुलायम को भी दिया न्योता
प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने सोमवार को मुलायम सिंह से मुलाकात कर उन्हें आज महानगर में कल्याण सिंह के लिए रखी गई श्रद्धांजलि सभा के बारे में जानकारी दी और आने का न्योता भी दिया था।उन्होंने कहा, सतीश चंद्र मिश्रा और मुलायम सिंह यादव को खुद निमंत्रण दिया था। मायावती को भी फोन किया था। उन्होंने कहा कि वह 2 या 3 दिन बाद आएंगी। 40 पार्टियों को बुलाया था, करीब 25 पार्टियों के नेता आए हैं। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल मौजूद रहे। सभी ने कल्याण सिंह को नमन किया। कल्याण सिंह का 21 अगस्त को लखनऊ के पीजीआई में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था।

प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा है कि कल्याण सिंह गांव, गरीब व किसानों के नेता थे। बाबूजी सदैव पं. दीनदयाल उपाध्याय जी द्वारा प्रशस्त अंत्योदय पथ के अनुगामी रहे। वह जन नेता थे। उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ ही विभिन्न संगठनात्मक दायित्वों व सार्वजनिक जीवन में गांव, गरीब, किसान, दलित, पिछड़ों सहित सभी वर्गों के लिए काम किया और उनसे सदैव जुड़े भी रहे।

श्रद्धांजलि सभा में शोक गीत गाया गया।
श्रद्धांजलि सभा में शोक गीत गाया गया।

जब सीएम के पास पहुंच गई महिला

कल्याण सिंह की श्रद्धांजलि सभा में एक महिला CM योगी का सुरक्षा घेरा तोड़कर उनके पास पहुंच गई और जोर जोर से रोने लगी। बाद में सिक्योरिटी ने उसे वहां से हटाया। जानकारी के अनुसार महिला मेरठ से आई थी। उसका कहना है कि उसके 13 साल के बेटे पर रेप का आरोप है। उसे झूठा फंसाया गया है।

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