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आप सांसद ने राज्यपाल को लिखी चिट्ठी:संजय सिंह ने कहा- बिकरु कांड में खुशी समेत चार महिलाएं और ढाई साल का बच्चा जेल में बंद, जल्द रिहा किया जाए

लखनऊ3 महीने पहले
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संजय सिंह का आरोप है कि बिकरु कांड में कई महिलाओं को नियम-कानून को ताक पर रखकर अब तक जेल में रखा गया है।  - Dainik Bhaskar
संजय सिंह का आरोप है कि बिकरु कांड में कई महिलाओं को नियम-कानून को ताक पर रखकर अब तक जेल में रखा गया है। 

कानपुर में बिकरु कांड के बाद एनकाउंटर में मारे गए गैंगस्टर विकास दुबे के भतीजे अमर दुबे की पत्नी खुशी की रिहाई का मामला तूल पकड़ने लगा है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और यूपी के प्रभारी संजय सिंह ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को चिट्ठी लिखकर खुशी दुबे की रिहाई की मांग की है। इसके अलावा अमर दुबे की मां क्षमा दुबे, विकास दुबे की नौकरानी रेखा अग्निहोत्री और उसके ढाई साल के मासूम बेटे, हीरु दुबे की मां शांति दुबे को भी रिहा किए जाने की बात कही है। संजय सिंह का आरोप है कि बिकरु कांड में कई महिलाओं को नियम-कानून को ताक पर रखकर अब तक जेल में रखा गया है।

इससे पहले भाजपा के एमएलसी उमेश द्विवेदी ने भी खुशी की रिहाई के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी लिखी थी। एमएलसी का कहना है कि अब तक उसके ऊपर कोई आरोप तय नहीं हुआ है। इसके बावजूद भी उसे जेल की सलाखों के पीछे रहना पड़ रहा है। उसका स्वास्थ्य भी ठीक नहीं है।

संजय सिंह बोले- क्यों अब रखा जेल में, किसी के पास कोई जवाब नहीं

खुशी दुबे पत्नी अमर दुबे: बिकरु कांड में अमर दुबे का इनकाउंटर हुआ था। घटना के 3 दिन पहले खुशी दुबे से उसकी शादी हुई थी। पुलिस के रिकॉर्ड में खुशी दुबे के विरुद्ध पहले से कोई अपराधिक मामला नहीं था। खुशी दुबे नाबालिग है। उसकी गिरफ्तारी के बाद जब मीडिया में मामला तूल पकड़ा तो कानपुर के तत्कालीन एसएसपी दिनेश कुमार पी ने 12 जुलाई 2020 को मीडिया में बयान दिया कि खुशी दुबे निर्दोष है। उसको रिहा कर दिया जाएगा।

पिछले 10 महीने से खुशी दुबे जेल में है। कई बार उसे अति गंभीर हालात में बाराबंकी में लखनऊ के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। उसको खून की उल्टी अभी हुई। इन घटनाओं से परिवार व उनके घर के लोग सहमे और डरे हुए हैं। उन्हें अपनी बेटी की जीवन की चिंता है कि, कहीं जेल में उसके साथ कोई अनहोनी ना हो जाए। इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि, जब स्वयं तत्कालीन एसएसपी मान चुके थे कि खुशी दुबे निर्दोष है तो उसे किस आधार पर जेल में रखकर जेल में 10 महीने से यातनाएं दी जा रही हैं।

अमर दुबे की मां क्षमा दुबे: पिछले 10 महीने से मर दुबे की मां क्षमा दुबई को भी जेल में रखा गया है। पुलिस प्रशासन और सरकार यह बताने में नाकाम है कि अमर दुबे की मां क्यों जेल में बंद है। उसका भी दुकान से क्या लेना देना है?

रेखा अग्निहोत्री: रेखा अभिनेत्री विकास दुबे के घर में काम करने वाली वह महिला है, जिसे 2 बच्चे और 7 साल की बेटी और ढाई साल के बेटे के साथ जेल में रखा गया। रेखा अग्निहोत्री के विरुद्ध भी कोई ठोस प्रमाण हो साक्ष्य देने में नाकाम रही पुलिस रही है। किसी के घर में काम करने वाली 2 बच्चों की मां अपराधी कैसे हो सकती है। इसका कोई जवाब ना तो सरकार के पास है ना ही प्रशासन के पास है।

हीरू देव की मां शांति दुबे: शांति दुबे भी पिछले 10 महीने से जेल में है हीरो दुबे की बिक्री कांड में अभी तो बनाया गया। हीरो दुबे की मां को किस अपराध में किस आधार पर जेल में रखा गया इस संबंध में पुलिस प्रशासन के पास कोई जानकारी नहीं है।

सभी को जल्द से जल्द करने की मांग
राज्य सभा सांसद संजय सिंह ने राज्यपाल से आग्रह करते हुए कहा आप स्वयं एक महिला होने के नाते महिलाओं के दर्द को भलीभात समझ सकती है। आपसे तत्काल हस्तक्षेप कर नियम कानून का पालन कराने और उपरोक्त महिला को अधिक रिहा करवाने की मांग करता हूं।

8 दिन में खुशी का उजड़ गया था सुहाग

खुशी और अमर दुबे की शादी बिकरु कांड के 5 दिन पहले 29 जून, 2020 को शादी हुई थी। खुशी दुबे के पति और बिकरु कांड के आरोपी अमर दुबे को STF की टीम ने 5 जुलाई, 2020 को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया था। खुशी दुबे को पुलिस ने बिकरु कांड में 120B (साजिशकर्ता) का आरोपी बनाया था। अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने 12 अगस्त 2020 को विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र (कानपुर देहात एंटी डकैती कोर्ट) में प्रार्थना पत्र देकर उसके नाबालिग होने के संबंध में साक्ष्य दिए थे। साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने खुशी को नाबालिग करार दिया था।

खुशी दुबे के साथ गैंगस्टर विकास दुबे। वह गैंगस्टर के भतीजे की पत्नी है। विकास और उसके भतीजे का बिकरु कांड के बाद पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया था।
खुशी दुबे के साथ गैंगस्टर विकास दुबे। वह गैंगस्टर के भतीजे की पत्नी है। विकास और उसके भतीजे का बिकरु कांड के बाद पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया था।

क्या है कानपुर शूटआउट?

कानपुर के चौबेपुर थाना के बिकरु गांव में 2 जुलाई की रात गैंगस्टर विकास दुबे और उसकी गैंग ने 8 पुलिसवालों की हत्या कर दी थी। अगली सुबह से ही यूपी पुलिस विकास गैंग के सफाए में जुट गई। 9 जुलाई को उज्जैन के महाकाल मंदिर से सरेंडर के अंदाज में विकास की गिरफ्तारी हुई थी। 10 जुलाई की सुबह कानपुर से 17 किमी पहले पुलिस ने विकास को एनकाउंटर में मार गिराया था। इस मामले में अब तक मुख्य आरोपी विकास दुबे समेत छह एनकाउंटर में मारे गए थे।

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