कोरोना की तीसरी लहर से लड़ाई:लखनऊ के लोकबंधु अस्पताल 50 वेंटीलेटर से लैस होगा; 34 ऑपरेशनल मोड में आए, 300 बेड का कोविड अस्पताल भी बन रहा

लखनऊएक वर्ष पहले
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लोकबंधु के चिकित्सा अधीक्षक डॉ अजय शंकर त्रिपाठी के मुताबिक वेंटिलेटर को चलाने के लिए टीम को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। - Dainik Bhaskar
लोकबंधु के चिकित्सा अधीक्षक डॉ अजय शंकर त्रिपाठी के मुताबिक वेंटिलेटर को चलाने के लिए टीम को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

राजधानी के लोकबंधु अस्पताल में 34 वेंटिलेटर को ऑपरेशनल मोड में ला दिया गया। साथ ही 20 वेंटिलेटर और मांगे गए हैं। अस्पताल में 50 से अधिक वेंटिलेटर को चलाने की तैयारी की जा रही है। लोकबंधु के चिकित्सा अधीक्षक डॉ अजय शंकर त्रिपाठी के मुताबिक वेंटिलेटर को चलाने के लिए टीम को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें एनेस्थीसिया स्पेशलिस्ट व ओटी टेक्निशियन की भूमिका प्रमुख रहती है। 20 वेंटिलेटर और कुछ और एनेस्थीसिया स्पेशलिस्ट डॉक्टर के साथ ओटी टेक्नीशियन की भी मांग की गई है। लोक बंधु अस्पताल को तीसरी लहर से निपटने के लिए 300 बेड का डेडिकेटेड कोविड-19 अस्पताल बनाए जाने की तैयारी लगभग अंतिम चरण में चल रही है।

लोकबंधु के एक्सपर्ट देंगे ट्रेनिंग

राजधानी में स्वास्थ्य विभाग ने ट्रेनिंग की जिम्मेदारी लोकबंधु अस्पताल को दी है। साथ ही ट्रेनिंग देने के लिए पूरा प्लान तैयार कर लिया गया है। जिसके तहत डॉक्टर्स, नर्स, टेक्नीशियन व अन्य को चरणबद्ध तरीके से ट्रेनिंग दी जाएगी। एमएस डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी ने बताया कि ट्रेनिंग से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यहां जिले भर के डॉक्टर और हेल्थ वर्कर्स को ट्रेनिंग देने का काम किया जाएगा। इसके लिए केजीएमयू, पीजीआई व लोहिया संस्थान के पीडियाट्रिशियन की मदद ली जाएगी। जहां ट्रेनिंग में जिले भर के अस्पतालों के डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ के अलावा मोहनलालगंज, गोसाईगंज, चिनहट और मलिहाबाद सीएचसी आदि की टीम शामिल रहेगी। यहां पांच-पांच बेड के एन-आईसीयू(NICU) व पी-आईसीयू(PICU) बनाए जा रहे हैं। ऐसे में सभी को ट्रेनिंग देने का काम किया जाएगा।

बच्चों को कोरोना से बचाने के लिए तैयार होंगे डॉक्टर

डॉ अजय शंकर त्रिपाठी ने दावा किया कि कोरोना की तीसरी लहर को लेकर सरकार काफी ज्यादा संजीदा है। साथ ही इससे पहले कभी भी इस स्तर के ट्रेनिंग प्रोग्राम नहीं रखे गए।पीडियाट्रिशियन को किसी बीमारी के लिए ट्रेनिंग नहीं दी गई।अस्पतालों में पहली बार ऐसा हो रहा है कि कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी शहरीय व ग्रामीण क्षेत्र के सीएचसी व पीएचसी के कर्मचारी पीडियाट्रिशियन की ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि कोरोना से बच्चों को बचाने में डॉक्टर तैयार रहें।

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