प्रदूषण का कहर:लखनऊ की हवा हुई खराब‚ AQI 398 दर्ज किया गया; पर्यावरण विशेषज्ञ बोले- अभी और बिगड़ सकते हैं हालात

लखनऊ2 वर्ष पहले
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लखनऊ की हवा खराब हो गई है। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि हवा की गति तेज न हुई तो एक–दो दिन में ही वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर लाल निशान को पार सकता है। - Dainik Bhaskar
लखनऊ की हवा खराब हो गई है। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि हवा की गति तेज न हुई तो एक–दो दिन में ही वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर लाल निशान को पार सकता है।
  • अब तक तीन दर्जन से अधिक उद्योगों एवं बिल्ड़रों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए शो काज नोटिस जारी किया गया है

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का वायु प्रदूषण में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। शनिवार को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 398 रिकार्ड़ किया गया। वायु प्रदूषण के मानकों में इसे अत्यंत खराब श्रेणी में रखा जाता है। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि हवा की गति तेज न हुई तो एक-दो दिन में ही वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर लाल निशान को पार सकता है। वायु प्रदूषण अत्यंत खराब होने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी सख्त रुख अपनाया है। अब तक तीन दर्जन से अधिक उद्योगों एवं बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए शो काज नोटिस जारी किया गया है।

दिनों दिन प्रदूषित हो रही हवा
धूल और धुएं पर प्रभावी नियंत्रण न होने से राजधानी की हवा अत्यंत जहरीली होती जा रही है। लखनऊ में 22 से 25 दिसम्बर तक हवा की गुणवत्ता में भारी सुधार आया था। वायु गुणवत्ता 250 तक नीचे आ गयी थी लेकिन 28 दिसम्बर से वायु प्रदूषण में बढ़ोतरी हो रही है। इसके कारण हवा की गति कमजोर होना बताया जा रहा है।

शनिवार को शहर में लालबाग‚ अलीगंज व तालकटोरा क्षेत्र का AQI सबसे अधिक खराब हो गया है। पर्यावरण विशेषज्ञों की माने तो तेज हवा या बारिश होने पर प्रदूषण पूरी तरह से नियंत्रण में आ जाएगा। लखनऊ का AQI 398 पहुंच गया है। शहर प्रमुख स्थानों का में गोमती नगर 357 अत्यंत खराब तो अलीगंज 391 अत्यंत खराब वहीं लालबाग का 419 खतरनाक/गंभीर तो इंडस्ट्रियल एरिया तालकटोरा 425 खतरनाक/गंभीर मापा गया है।