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विवादित लेटर पर लोहिया संस्थान का यू टर्न:डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के दखल के बाद संस्थान ने वापस लिया फैसला, नया आदेश जारी

लखनऊ5 महीने पहले
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विवादित लेटर पर लोहिया संस्थान का यू टर्न - डिप्टी सीएम के दखल के बाद चिकित्सा अधीक्षक ने जारी किया नया आदेश - Dainik Bhaskar
विवादित लेटर पर लोहिया संस्थान का यू टर्न - डिप्टी सीएम के दखल के बाद चिकित्सा अधीक्षक ने जारी किया नया आदेश

डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के हस्तक्षेप के बाद लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान ने अपने विवादित फैसले को वापस ले लिया है। संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक डॉ विक्रम सिंह ने मंगलवार को नया पत्र जारी करते हुए पत्रकारों को संस्थान में कवरेज के लिए अनुमति लेने की आवश्यकता नही होगी की बात कही।

साथ ही पूर्व में जारी किए गए लेटर को निरस्त करने की भी जानकारी दी। इससे पहले सोमवार रात को जारी वायरल हुए 30 अप्रैल के लेटर में कहा गया था कि मीडिया कर्मियों को संस्थान में कवरेज के लिए पहले अनुमति लेने की आवश्यकता होगी।

मंगलवार को लोहिया संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक डॉ विक्रम सिंह ने जारी किया नया लेटर, इसमें पहले जारी किए गए लेटर को निरस्त करने की भी बात कही गई
मंगलवार को लोहिया संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक डॉ विक्रम सिंह ने जारी किया नया लेटर, इसमें पहले जारी किए गए लेटर को निरस्त करने की भी बात कही गई

डिप्टी सीएम ने किया

ट्वीट कर कहा कि मैंने निदेशक लखनऊ मीडिया पर लगे प्रतिबंध के ऑर्डर को तत्काल निरस्त कर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने हेतु जरिए दूरभाष निर्देश दिये थे
ट्वीट कर कहा कि मैंने निदेशक लखनऊ मीडिया पर लगे प्रतिबंध के ऑर्डर को तत्काल निरस्त कर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने हेतु जरिए दूरभाष निर्देश दिये थे

डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने मंगलवार दोपहर ट्वीट कर कहा कि मैंने निदेशक लखनऊ मीडिया पर लगे प्रतिबंध के ऑर्डर को तत्काल निरस्त कर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने हेतु जरिए दूरभाष निर्देश दिये थे। उक्त के संबंध में संस्थान की ओर से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करते हुए मीडिया पर लगे प्रतिबंध के आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।

लोहिया संस्थान ने दी यह दलील

विवाद होने के बाद संस्थान ने सफाई पेश करते हुए बताया था कि जो पत्र सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। उसका संदर्भ मान्यता प्राप्त अथवा सम्मानित संस्थान के पत्रकारों से नहीं है। पत्र का मंतव्य उन व्यक्तियों के लिए अनुमति प्राप्त करने के लिए है, जिनके पास संबंधित संस्थान का पहचान पत्र नहीं होता है और वह निजी हित के लिए संस्थान को बदनाम करने की साजिश रच रहे है।

दबाव पड़ने के बाद लिया यू टर्न

सोमवार को 30 अप्रैल को जारी हुआ लेटर किया गया था वायरल
सोमवार को 30 अप्रैल को जारी हुआ लेटर किया गया था वायरल

इससे पहले सोमवार को लोहिया संस्थान की तरफ से एक पत्र जारी किया गया था जिसमें संस्थान परिसर में मीडिया कवरेज पर पाबंदी लगाते हुए मीडिया कर्मियों को परिसर में कवरेज के लिए चिकित्सा अधीक्षक की अनुमति लेने की बात कही गई थी। साथ ही सुरक्षाकर्मियों को पत्रकारों की निगरानी के लिए मुस्तैद भी किया गया था।

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