थप्पड़ गर्ल और पीड़ित ड्राइवर से बातचीत...:युवती बोली- एक पल लगा कि कार मेरे ऊपर चढ़ जाएगी; पीड़ित बोला- बेकसूर हूं फिर भी रात भर लॉकअप में रहा, पुलिस ने 10 हजार रुपए भी लिए

लखनऊ6 महीने पहले
30 जुलाई को आलमबाग अवध चौराहे पर कैब ड्राइवर को थप्पड़ मारने वाली युवती ने पेश की सफाई।

लखनऊ के कृष्णा नगर में बाराबिरवा चौराहे पर कैब ड्राइवर की पिटाई का मामला तेजी से ट्रोल हो रहा है। अब आरोपी युवती ने भी पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगा दिए हैं। उसका कहना है कि वह रोड क्रॉस कर रही थी, तभी कैब चौराहे पर सिग्नल तोड़कर आगे बढ़ी और उसके पैर में छू गई। पास खड़े पुलिस वालों ने भी उसे नहीं रोका। एक दम से दिल दहल गया। एक पल लगा कि कार ऊपर चढ़ जाएगी... इसलिए कैब ड्राइवर को पीट दिया।

उधर, कैब ड्राइवर ने बताया कि बेकसूर था फिर भी रात भर लॉकअप में रखा गया। कैब छोड़ने के लिए पुलिस ने 10 हजार रुपए लिए। ऐसे में दैनिक भास्कर की टीम ने युवती और पीड़ित कैब ड्राइवर से बात कर उनका पक्ष सुना। पढ़ें दोनों की जुबानी....

मारपीट की आरोपी केशरी खेड़ा निवासी प्रियदर्शनी नारायण यादव ने बताया कि उसका मानसिक बीमारी का इलाज चल रहा है। उसे हर रोज वॉक करनी पड़ती है। 30 जुलाई की रात भी वो वॉक पर निकली थी। चौराहे पर कैब सिग्नल तोड़कर आगे बढ़ी और उसके पैर में छू गई। पलटकर देखा तो मोबाइल चलाते हुए ड्राइवर कैब चला रहा था। इस पर गुस्सा आया और उसे नीचे उतारकर पीट दिया।

रिसर्च स्कॉलर रही है, दिल्ली में करती है जॉब
प्रियदर्शनी ने बताया कि उसने लखनऊ यूनिवर्सिटी से बीएसी, एमएसी और एमफिल किया है। इसके बाद BBAU (बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी) से रिसर्च स्कॉलर रही है। दिल्ली में जॉब कंसलटेंट कंपनी श्री कैरियर गाइडेंस सर्विसेज में नौकरी करती है। कोरोना की वजह से इस समय घर से काम कर रही है। परिवार में रेलवे से रिटायर्ड पिता, मां और एक बड़ा भाई है। मां शशिकला प्रसाद समाजवादी पार्टी की सदस्य और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। दादा-दादी कांग्रेस पार्टी से जुड़े रहे हैं।

ड्राइवर बोला- तमाशा देखती रही पुलिस
कैब ड्राइवर सआदत अली का कहना है कि जब युवती उसे बीच चौराहे पर पीट रही थी तो पुलिस तमाशा देख रही थी। उल्टा उसे ही थाने ले जाकर रात भर लॉकअप में रखा गया। घरवालों को फोन तक नहीं करने दिया गया। मेरे दो भाई लोकेशन पता करके थाने पहुंचे तो उन्हें भी हवालात में डाल दिया गया। दो टूक पूछताछ तक नहीं की गई। कैब बेवजह सीज कर दी गई। वहीं, कैब को छोड़ने के लिए पुलिस ने 10 हजार रुपए लिए। आत्म सम्मान को तो ठेस पहुंची ही, अब तो कानून से ही भरोसा उठ गया है। ताज्जुब की बात है कि तहरीर के बावजूद अब तक आरोपी युवती पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

30 जुलाई का मामला, शांति भंग का चालान हुआ था
मामला 30 जुलाई को आलमबाग अवध चौराहे का है। यहां रात 9 बजे OLA कैब ड्राइवर सआदत अली वैगनार कार से जा रहा था। उसकी कार के आगे एक युवती आ गई। लड़की ने आरोप लगाया कि उसके ऊपर कार चढ़ाने की कोशिश की गई। इसके बाद लड़की ने ड्राइवर को कॉलर पकड़कर नीचे खींचा और उसे मारने लगी। उसका मोबाइल भी तोड़ दिया। झगड़ा होते देख राहगीर इनायत अली और दाउद अली बीच-बचाव करने पहुंचे। इतने में युवती ने उनसे भी अभद्रता की। इसके बाद पुलिस ने तीनों युवकों पर ही उल्टा मुकदमा दर्ज कर लिया।

दो दिन बाद सोमवार को चौराहे से CCTV फुटेज सामने आई। तब पुलिस और युवती की पोल खुल गई। इस फुटेज में साफ दिखाई दे रहा था कि ड्राइवर बेगुनाह है। उसकी कार से लड़की टच नहीं हुई थी। इस फुटेज के आधार पर दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालिवाल ने लड़की के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद से सोशल मीडिया पर युवती को गिरफ्तार करने की मांग उठ रही है।

आरोपी युवती पर दर्ज हुई FIR, 24 घंटे बीतने के बाद भी पुलिस खामोश
एडीसीपी ईस्ट चिरंजीवी सिन्हा के मुताबिक, वीडियो में युवती की गलती साफ दिख रही है। पीड़ित युवक की तहरीर पर युवती के खिलाफ IPC की धारा 394, 427 के तहत FIR दर्ज की गई है। खास बात यह है कि FIR को 24 घंटे बीत चुके हैं। इसके बावजूद पुलिस की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

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