यूपी में अब घर बैठे मिलेगा इलाज:ब्रजेश पाठक ने टेलीमेडिसिन फैसिलिटी शुरू करने के दिए निर्देश

लखनऊएक महीने पहले
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यूपी के सभी चिकित्सालयों में टेलीमेडिसिन की सुविधा संचालित करने निर्देश डिप्टी सीएम ने जारी किए हैं। - Dainik Bhaskar
यूपी के सभी चिकित्सालयों में टेलीमेडिसिन की सुविधा संचालित करने निर्देश डिप्टी सीएम ने जारी किए हैं।

सरकारी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ कम करने को लेकर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बड़ी पहल की है। मरीजों को आसानी से इलाज मिले, इसके लिए प्रदेश के सभी अस्पतालों में टेलीमेडिसिन की सुविधा दी जाएगी।

टेलीमेडिसिन से मरीज घर बैठे इलाज करा सकेंगे। इसी मकसद से डिप्टी सीएम ने सभी अस्पतालों सुबह 10 से 12 बजे तक टेलीमेडिसिन सेवाएं देने के निर्देश दिए हैं। ब्रजेश पाठक ने कहा कि मेडिकल कॉलेज व टेली मेडिसिन के माध्यम से उनसे जुड़े संस्थान मरीजों को जागरूक करें। टेली मेडिसिन के फायदों के बारे में बतायें। प्रचार प्रसार करें ताकि अधिक से अधिक लोगों को उसका लाभ मिल सके।

टेली कंसल्टेशन के लिए सभी डॉक्टरों और ANM की बनेगी आईडी
प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा पार्थसारथी सेन शर्मा ने टेलीमेडिसिन के प्रयोग को लेकर सभी निदेशक, सीएमओ, सीएमएस को टेलीमेडिसिन का प्रयोग बढ़ाए जाने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि अभी कम्युनिटी हेल्थ ऑफीसर द्वारा टेली कंसल्टेशन का काम किया जा रहा है।

जल्द सभी ANM की भी आईडी क्रिएट होने के बाद वे भी यह सेवा प्रदान कर सकेंगी। प्रमुख सचिव ने आदेश दिया है कि सभी ANM के अलावा सभी स्वास्थ्य इकाइयों पर कार्यरत विशेषज्ञों सहित सभी चिकित्सकों की लॉगिन आईडी बनाया जाना अनिवार्य है। इन आईडी की संबंधित चिकित्सा इकाइयों से मैपिंग भी कराई जाएगी।

मिलेंगे कई फायदे, टेलीमेडिसिन सेवा को दिया जाएगा विस्तार
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि टेलीमेडिसिन सेवा ने डिजिटल स्वास्थ्य के मामले में शहरी और ग्रामीण भारत के बीच मौजूद अंतर को पाटकर स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को सहयोग देना शुरू कर दिया है। यह सेवा लगभग सभी अस्पतालों पर बोझ को कम करते हुए जमीनी स्तर पर डॉक्टरों और विशेषज्ञों की कमी को भी दूर कर रही है। उन्होंने कहा कि KGMU, PGI और लोहिया संस्थान जैसे संस्थान ई-संजीवनी के माध्यम से मरीजों को राहत पहुंचाने की दिशा में प्रभावी कदम उठायें।

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