KGMU में वर्ल्ड COPD डे:टीबी से 7 गुना ज्यादा घातक है COPD, बोले विशेषज्ञ समय रहते उपचार जरुरी

लखनऊएक वर्ष पहले
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KGMU में COPD जागरुकता दिवस पर पत्रकारों से मुखातिब डॉ. वेद प्रकाश - Dainik Bhaskar
KGMU में COPD जागरुकता दिवस पर पत्रकारों से मुखातिब डॉ. वेद प्रकाश

COPD यानी क्रॉनिक ऑब्सट्रेक्टिव पल्मोनरी डिजीज टीबी से ज्यादा घातक है। सांस की यह बीमारी तेजी से फैल रही है। हर साल दुनिया में करीब 30 लाख लोगों की जान ले रहा है। जो टीबी से करीब सात गुना ज्यादा है। यह जानकारी केजीएमयू पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. वेद प्रकाश ने दी। प्रत्येक वर्ष नवंबर माह के तीसरे बुधवार को 'WORLD COPD' दिवस ऑब्जर्व किया जाता है। वही मंगलवार को सीओपीडी जागरुकता दिवस से पूर्व पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।

धूम्रपान, धुंआ व प्रदूषण है COPD का कारक

डॉ. वेद प्रकाश ने बताया कि धूम्रपान की वजह से 60 फीसदी लोगों को COPD हो रहा है। इसके अलावा धुंआ भी इन मरीजों के लिए घातक है। प्रदूषण से भी COPD मरीजों की जान जोखिम में पड़ सकती है। नतीजतन मच्छर मारने वाली क्वॉल, प्रदूषण आदि से सीओपीडी के मरीजों को दूरी बनाकर रहने की जरूरत है।

शहर में ज्यादा, गांव में कम हैं मरीज

KGMU रेस्पीरेटरी मेडिसिन विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि विश्व में 35 करोड़ लोग COPD की चपेट में है। इसमें साढ़े पांच करोड़ भारत में मरीज हैं। यह बीमारी गांव में कम है। शहरों में COPD के मरीज अधिक है। महिलाओं से ज्यादा यह बीमारी पुरुषों को घेरती है। इसका बढ़ा कारण धूम्रपान है।

इलाज में देरी है घातक

रेस्पीरेटरी मेडिसन विभाग के डॉ. आरएएस कुशवाहा के मुताबिक सीओपीडी का समय पर इलाज जरूरी है। इससे काफी हद तक बीमारी को घातक होने से रोका जा सकता है। इलाज में देरी घातक है। यह बीमारी सिर्फ फेफड़ों तक सीमित नहीं है। बल्कि मांसपेशियों को भी बीमार बना देती है। दिल का दौरा पड़ने का खतरा भी बढ़ जाता है।

क्या है COPD -

COPD यानी क्रॉनिक ऑब्सट्रेक्टिव पल्मोनरी डिजीज, एक रोके जाने व इलाज योग्य बीमारी है। जो सांस फूलने, अधिक बलगम का निकलना और खांसी का कारण बनती है। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. बीरबल के मुताबिक सीओपीडी बढ़ने पर, लोगों को अपनी सामान्य दिनचर्या में कठिनाई होती है। अक्सर सांस फूलने के कारण काम करने में दिक्कत होती है। यही कारण है कि समय रहते चिकित्सीय परामर्श लेना बहुत जरुरी है।