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लखनऊ की रफ्तार में बजट का ब्रेक:नगर निगम की 124 सड़कें फिलहाल लोक निर्माण विभाग को नहीं होगी हैंड ओवर, 100 करोड़ से अधिक बजट की दरकार

लखनऊ2 महीने पहले
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लखनऊ नगर निगम की 124 सड़कों के लिए 100 करोड़ रुपए से ज्यादा का बजट चाहिए। - Dainik Bhaskar
लखनऊ नगर निगम की 124 सड़कों के लिए 100 करोड़ रुपए से ज्यादा का बजट चाहिए।

लखनऊ नगर निगम ने 124 सड़कें लोक निर्माण विभाग को हैंड ओवर करने की तैयारी की थी। नगर निगम के सदन में इसका प्रस्ताव भी पास हो गया था। लोक निर्माण विभाग की ओर से भी हरी झंडी मिल गई थी लेकिन अब बजट के अभाव और कुछ तकनीकी दिक्कतों की वजह से हैंड ओवर रुक गया है। इन सड़कों पर फिलहाल कोई विकास होता नहीं दिख रही है। बजट के अभाव में सड़कों का विकास कार्य थम गया है। इन सड़कों पर प्रतिदिन 8 से दस लाख की आबादी गुजरती है। कई सड़कों की स्थिति बहुत खराब हो गई है।

नगर निगम से सात मीटर से अधिक चौड़ी सड़कों को हैंडओवर करना था। 124 में से 106 सड़क ऐसी हैं जो सात मीटर से अधिक चौड़ी हैं । नगर निगम के पास मौजूदा समय गलियों को बनाने के लिए भी पर्याप्त बजट नहीं है। ऐसे में लोक निर्माण विभाग को यह सड़क दी जा रही थी। हालांकि अब यह दूर की कौड़ी साबित होते दिख रही है। लोक निर्माण विभाग से जुड़े एक सीनियर इंजीनियर ने बताया मामला डिप्टी सीएम तक भी गया था, उन्होंने ने फिलहाल के लिए इसको रोकने निर्देश दिया है। हालांकि अब इसको लेकर फिर कब काम आगे बढ़ेगा यह जानकारी कोई नहीं दे पा रहा है।

100 करोड़ से ज्यादा का बजट
लखनऊ नगर निगम की इन 124 सड़कों के लिए 100 करोड़ रुपए से ज्यादा का बजट चाहिए। इसमें कई सड़क ऐसी है , जिनके एक से दो करोड़ रुपये तक का मद चाहिए। अब उतना पैसा फिलहाल नहीं है। ऐसे में प्रॉजेक्ट को रोक दिया गया है।

अन्य शहरों के लिए चाहिए एक हजार करोड़
शासन स्तर पर एक पॉलिसी बनी थी। इसमें पूरे प्रदेश के नगर निगम की सड़के हैंड ओवर होनी थी। इसमें कानपुर, प्रयागराज, बनारस समेत कई शहर शामिल थे। करीब 800 सड़कें शामिल थी। जिसका निर्माण लोक निर्माण विभाग को करना था लेकिन सभी जगह पर बजट के अभाव में काम ठप हो गया। पूरे प्रदेश में नगर निगम की सड़कें हैंड ओवर करने से पहले एक हजार करोड़ रुपये का बजट चाहिए।

क्या कहते है जिम्मेदार
लोक निर्माण विभाग लखनऊ के चीफ इंजीनियर आरके राय का कहना है कि इस संदर्भ में शासन स्तर पर फैसला होना है। विभाग ने अपनी रिपोर्ट शासन को भेज दी है। निर्देश मिलने पर काम शुरू किया जाएगा। वहीं, लखनऊ की मेयर संयुक्ता भाटिया का कहना था कि नगर आयुक्त और चीफ इंजीनियर से इस संबंध में मीटिंग की जाएगी। लोक निर्माण विभाग नहीं कराएगा तो नगर निगम सड़कों का काम पूरा कराएगा ।

यह सड़कें होनी हैंडओवर
- हुसैनगंज तिराहा से लाटूश रोड।
- केडी सिंह बाबू स्टेडियम से चिरैया झील चौराहा तक।
- पुरनिया चौराहे से सेक्टर क्यू होते हुए इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहा तक।
- कुकरैल बंधा से यस कार बाजार तक।
- मुंशीपुलिया चौराहा से अरविंदो पार्क तक।
- नीलगिरि चौराहा से आम्रपाली होते हएु सेक्टर 25 चौराहा तक।
- बीबीएयू से रेलवे क्रॉसिंग तक।
- नाबार्ड से पराग तिराहा तक।
- बंगला बाजार चौराहे से कानपुर रोड तक।
- पराग डेरी से खजाना मार्केट होते हुए पीडब्ल्यूडी कॉलोनी तक।
- एलयू न्यू कैंपस रोड।
- सीडीआरआई से एलयू न्यू कैंपस।
- भवानी बाजार चौराहा से मुलायम तिराहा तक।
- बापू भवन से कैसरबाग क्रॉसिंग।
- तकवा चौराहा से रेल विहार कालोनी तक।
- शहीद पथ से कठौता झील तक।
- कोठारी बंधु पार्क से जलालपुर अंड

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