बाइक बोट घोटाला:लखनऊ पुलिस का दावा- अपने सर्विलांस से हासिल की जानकारी; EOW ने कहा- महीने भर पहले दी थी सूचना

लखनऊ6 महीने पहले
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लखनऊ पुलिस ने शुक्रवार रात छापेमारी में 147 बाइक बरामद की थी। फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
लखनऊ पुलिस ने शुक्रवार रात छापेमारी में 147 बाइक बरामद की थी। फाइल फोटो

बाइक बोट घोटले से जुड़ी गाड़ियां बरामद करने के बाद अब लखनऊ पुलिस और मामले की जांच कर रही आर्थिक अपराध शाखा (EOW) के बीच क्रेडिट वार शुरु हो गया है। लखनऊ पुलिस दावा कर रही कि उसने अपने सूत्रों और सर्विलांस सिस्टम से जानकारी हासिल करके कार्रवाई की है। दूसरी ओर ईओब्ल्यू का कहना है कि उसने एक महीने पहले लखनऊ पुलिस को गाड़ियों और उसे छिपाकर रखने वालों के नाम के साथ पूरी जानकारी दे दी थी।

लखनऊ पुलिस ने शुक्रवार रात छपेमरी करके निगोहा और कैंट क्षेत्र से बाइक बोट घोटाले से जुड़ी 147 बाइक्स बरामद की थी। पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने कहा कि लखनऊ पुलिस को इन गाड़ियों के बारे में अपने सूत्रों से जानकारी मिली थी। सूचना को डेवलप करके कार्रवाई की गई। इसमें अमित अग्रवाल और कुलदीप शुक्ला को पकड़कर ईओडब्लू के हवाले कर दिया गया है।

शनिवार को डीजी ईओडब्ल्यू आरपी सिंह ने बताया कि उनकी शाखा मामले की जांच कर रही है। उन्होंने ही लखनऊ पुलिस को गाड़ियों की लोकेशन उनकी संख्या और पकड़े गए अमित अग्रवाल व कुलदीप के बारे में जानकारी करीब एक महीने पहले दी थी। इसके बाद पुलिस ने इतने दिनों बाद गाड़िया बरामद की।

यह था मामला
नोएडा के पूर्व विधायक संजय भाटी ने 2018 में बाइक बोट के नाम से स्किम लांच की थी। इसमे निवेशकों से एक साल में डेढ़ गुना रिटर्न का झांसा देकर पब्लिक का करीब 4200 करोड़ रुपये हड़प लिया। मामले की जांच ईओडब्ल्यू कर रही है। शुक्रवार रात लखनऊ पुलिस ने संजय भाटी से इसी बाइक बोट की फ्रंचाईजी लेकर पार्टनरशिप करने वाले अमित अग्रवाल और कुलदीप को पकड़ कर 147 बाइक्स बरामद की थी।

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