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लखनऊ में थप्पड़ गर्ल की चार्जशीट अटकी:घूस लेने वाला दरोगा हाजिर होने के बाद लापता, अब कैब का मुआयना करवाने में लगी पुलिस; लड़की बोली- सेल्फ डिफेंस में पीटा तो डकैत बताया जा रहा

लखनऊ4 महीने पहले
पुलिस ने आरोपी प्रियदर्शिनी के बयानों की वीडियोग्राफी भी कराई है।

राजधानी लखनऊ की चर्चित थप्पड़ गर्ल प्रियदर्शिनी नारायण के खिलाफ चार्जशीट सोमवार को कोर्ट में दाखिल नहीं हो पाई। आरोप पत्र दाखिल करने से पहले उन पुलिस वालों का बयान लिया जाना है, जिसपर कैब चालक से 10 हजार रुपए रिश्वत लेने का आरोप लगा था। मगर इसमें शामिल दरोगा मन्नान लाइन हाजिर होने के बाद लापता हो गए। उनका बयान न हो पाने की वजह से चार्जशीट तैयार होने के बावजूद कोर्ट नहीं जा सकी।

केस की जांच कर रही बंथरा पुलिस ने सोमवार को फिर पीड़ित कैब ड्राइवर सआदत अली को पूछताछ के लिए थाने बुलाया। इंस्पेक्टर बंथरा जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सआदत अली का बयान पहले ही दर्ज किया जा चुका है। आज उसे घटना में शामिल गाड़ी और उसके पेपर के साथ बुलाया गया था। गाड़ी को तकनीकी मुआयने के लिए रिजर्व पुलिस लाइन भेजा गया है। कैब ड्राइवर का मेडिकल करने वाले डॉक्टर का भी बयान लिया जाना है।

पुलिसवालों के बयान के बिना नहीं दाखिल हो सकती चार्जशीट
इंस्पेक्टर बंथरा जेपी सिंह ने बताया कि घटना की रात कृष्णानगर कोतवाली में तैनात नाइट अफसर मन्नान और घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचे भोलाखेड़ा चौकी प्रभारी हरेंद्र यादव का बयान सबसे अहम है। इसके अलावा घटना के समय कृष्णानगर कोतवाली के प्रभारी रहे महेश दुबे का बयान भी महत्वपूर्ण है। तीनों के खिलाफ रिश्वत लेने का भी आरोप लगा है। महेश दुबे और हरेंद्र यादव से बात हुई है। उन्हें बयान के लिए बुलाया गया है। मगर दरोगा मन्नान को जिस दिन लाइन हाजिर किया गया तब से उनका पता नहीं चल रहा है।

लड़की ने कैब ड्राइवर को जमकर पीटा था। इस दौरान पुलिस भी खड़ी थी, लेकिन तमाशा देखती रही।
लड़की ने कैब ड्राइवर को जमकर पीटा था। इस दौरान पुलिस भी खड़ी थी, लेकिन तमाशा देखती रही।

मानसिक रोग से ग्रस्त है, पहले भी कर चुकी है घटनाएं
पुलिस का कहना है कि प्रियदर्शिनी इसके पहले एक बाइक सवार को बुरी तरह पीट चुकी हैं। पड़ोसी का गेट काला होने की वजह से उनसे विवाद कर चुकी हैं। उनका मानसिक इलाज चल रहा है। सभी पेपर्स चेक किए गए। उनके डॉक्टर से भी इसकी पुष्टि की गई है। लूट की बात साबित नहीं हुई, लिहाजा मारपीट के मामले में प्रियदर्शिनी के खिलाफ चार्जशीट तैयार की गई है।

एडीसीपी स्वतंत्र सिंह ने बताया कि सोमवार को चार्जशीट कोर्ट पहुंच जाएगी। उन्होंने बताया कि आरोपी के बयान के दौरान उनकी मानसिक हालत को देखते हुए उनके पिता को भी साथ रखा गया था। महिला स्टाफ ने उनका 161 का बयान दर्ज किया, जिसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई।

दरअसल, आरोपी प्रियदर्शिनी का शनिवार को ही बयान होना था। पुलिस को शक था कि वह थाने में भी हंगामा कर सकती है। इसलिए बयान दर्ज करने से पहले वीडियोग्राफी का इंतजाम किया गया। इंस्पेक्टर बंथरा ने महिला थाने से स्टाफ मांगा और वीडियोग्राफर को बुलाया गया। इसके बाद भी भरोसा नहीं हुआ तो कार्रवाई रविवार को कृष्णानगर पुलिस के साथ मिलकर पूरी की गई। हालांकि केस कृष्णानगर में ही दर्ज किया गया था, इसलिए दोनों थानों की महिला दरोगा ने पूछताछ की।

मामला सुर्खियों में आया तो राखी सावंत ने भी लड़की को चैलेंज किया था।
मामला सुर्खियों में आया तो राखी सावंत ने भी लड़की को चैलेंज किया था।

प्रियदर्शिनी ने ड्राइवर को मारे थे ताबड़तोड़ थप्पड़

  • वजीरगंज थाना क्षेत्र के जगतनारायण रोड निवासी कैब ड्राइवर सआदत अली 30 जुलाई की रात एयरपोर्ट की तरफ से लौट रहा था।
  • बाराबिरवा चौराहे पर केशरीखेड़ा की रहने वाली प्रियदर्शिनी नारायण ने चौराहे पर उसकी कैब रोककर टक्कर मारने का आरोप लगाते हुए पुलिस की मौजूदगी में उसे जमकर पीटा।
  • उसका मोबाइल फोन तोड़ दिया और डैशबोर्ड पर रखा 600 रुपए ले लिया। पुलिस कैब सहित सआदत और लड़की को कोतवाली ले गई।
  • सआदत को ढूढ़ते हुए उसके दोनों भाई भी पहुंचे। पुलिस ने तीनों को रात भर लॉकअप में रखा और दूसरे दिन 151 में चालान कर दिया।
  • 31 जुलाई को घटना का पहला वीडियो सामने आया, जिसमें लड़की युवक को पीटते नजर आई। तब तक पुलिस लड़की के पक्ष में खड़े होकर कहती रही कि युवक ने कैब से उसे टक्कर मार दी थी।
  • एक अगस्त को चौराहे की सीसीटीवी फुटेज वायरल हुआ, जिसमें साफ दिख रहा कि लड़की ने ट्रैफिक के बीच घुसकर कैब रोकी और बेवजह चालक को पीटने लगी।
  • तब जाकर पुलिस ने सआदत की तहरीर पर लड़की के खिलाफ केस दर्ज किया। सआदत ने तहरीर में ही आरोप लगाया है कि उसकी गाड़ी छोड़ने के लिए 10 हजार रुपए रिश्वत ली गई।

घूसखोरी में इंस्पेक्टर और दो दरोगा हो चुके हैं लाइन हाजिर
घटना के बाद मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आई। पीड़ित सआदत और उसके भाइयों को हलावत में डालकर 10 हजार रिश्वत ली और आरोपी लड़की को उसके घर पहुंचा दिया। खुलासा हुआ तो तत्कालीन इंस्पेक्टर महेश दुबे, सेकेंड अफसर मन्नान और चौकी इंचार्ज हरेंद्र आरोप एक दूसरे पर मढ़ने लगे। इंस्पेक्टर ने हरेंद्र यादव के सिर पूरा ठीकरा फोड़कर उनके सिर आरोप जड़ दिया। लेकिन ADCP क्राइम की जांच में तीनों की करतूत सामने आ गई। इस पर तीनों को लाइन हाजिर कर दिया गया।

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