भारतीय सभ्यता है सबसे प्राचीन:मुगल कालीन शासकों ने भी माना था भगवान का अस्तित्व, अकबर ने पहले सिक्के में धनुषधारी राम के साथ सीता का कराया था चित्रण

लखनऊ4 महीने पहले
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मुगल शासक अकबर युग का सोने का सिक्के। - Dainik Bhaskar
मुगल शासक अकबर युग का सोने का सिक्के।

प्रभु श्रीराम भारतीय संस्कृति में वैदिक काल से ही रचे बसे है। वह कण-कण में समाहित है और उनका उल्लेख हर काल व युग में है।मुगल कालीन शासकों ने भी भगवान राम के अस्तित्व को माना था। अकबर ने अपने शासनकाल में जारी किए गए पहले सिक्के में भगवान राम का सीता जी के साथ चित्रण कराया था। सोने का यह नायाब सिक्का बेशकीमती है।ऐसे ही तमाम सिक्कों पर शोध करने वाली अवध न्यूमिस्मैटिक सोसायटी लखनऊ में गांधी जयंती के अवसर पर अवध मुद्रा उत्सव का आयोजन करने जा रही है।अपनी तरह के इस अद्भुत एक्सहिबिशन में देश के तमाम राज्यों से आएं एक्सपर्ट भी हिस्सा लेंगे और गेस्ट लेक्चर सीरीज में शामिल होंगे।

एक छत के नीचे रहेगी 50 हजार से ज्यादा दुर्लभ ऐतिहासिक सिक्कों की खेप

अवध न्यूमिस्मैटिक सोसायटी के अध्यक्ष रणविजय सिंह के मुताबिक मुद्रा उत्सव में करीब 50 हजार दुर्लभ ऐतिहासिक सिक्कों की खेप मौजूद रहेगी। भारतीयों के नायाब आयामों से रूबरू कराता अपनी तरह का यह अद्भुत उत्सव होगा। जिसमें 12 वीं शताब्दी के नरेश विग्रहराज चतुर्थ के काल के सिक्कों के अलावा अशोक से लेकर अकबर तक के शासनकाल के दौरान चलन में आई दुर्लभ मुद्राओं को देखने का अवसर मिलेगा।

मुद्रा प्रेमियों के लिए यह होगा बेहतरीन उत्सव

पहली अक्टूबर से आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय एक्सहिबिशन का मकसद भारत की पुरातन संस्कृति से सभी को रुबरु कराने के साथ ही सिक्कों की असलियत व प्रासंगिकता को परखने के अवसर भी मुहैया कराना होगा। मुद्रा उत्सव की खासियत इसका पुरातन काल से जुड़ाव होगा। किस शासनकाल में कौन सी मुद्राओं को चलन में लाया गया इसकी भी जानकारी मुद्रा प्रेमियों समेत हर वर्ग के लोगों को मिल सकेगी।

बापू व लाल बहादुर शास्त्री से भी जुड़े सिक्कों को भी किया जाएगा शामिल

गांधी जयंती के उपलक्ष्य में पहली अक्टूबर से तीसरे अक्टूबर तक अवध मुद्रा उत्सव 2021 का आयोजन किया जाएगा। इसमें साल 1969 से लेकर बापू के ऊपर अब तक जारी किए गए सभी सिक्कों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसके साथ ही लाल बहादुर शास्त्री पर भी जारी किए गए सभी सिक्के भी शामिल किए जाएंगे। वाइस प्रेसिडेंट अशोक कुमार ने बताया कि 2019 के बाद यह दूसरा अवसर है लखनऊ में ऐसा मुद्रा उत्सव मनाया जा रहा है।

सुबह 10 बजे से शुरू होगा मुद्रा उत्सव

समिति से जुड़े सिद्धार्थ खन्ना ने बताया कि 1 अक्टूबर से 3 अक्टूबर तक मुद्रा उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। सुबह 10:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक आयोजित होने वाले इस उत्सव को शुभारंभ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह होंगे। इनके अतिरिक्त चीफ जीएसटी कमिश्नर अजय दीक्षित, एडीजी लॉ एंड आर्डर प्रशांत कुमार व डीएम लखनऊ अभिषेक प्रकाश भी विशेष अतिथि के रुप में शामिल होंगे । महामंत्री कपिल अग्रवाल ने बताया कि यह प्रदर्शनी सभी के लिए होगी। प्रदर्शनी के दौरान पसंद आए सिक्कों को लेने के लिए नीलामी की प्रक्रिया में भाग लेना पड़ेगा।

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