88 लाख उपभोक्ताओं के यहां लगेगा प्री पेड मीटर:लखनऊ होगा बे- तार, 150 नए बिजली घर बनेंगे, 1912 से सूचना नहीं मिली तो होगी कार्रवाई

लखनऊ6 महीने पहले
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प्रेस वार्ता को संबोधित करते एमडी मध्यांचल। - Dainik Bhaskar
प्रेस वार्ता को संबोधित करते एमडी मध्यांचल।

मध्यांचल के 21 जिलों में 150 नए उपकेंद्र बनेंगे। साथ ही हर उपभोक्ता के यहां प्रीपेड मीटर लगेगा। ऐसे में मध्यांचल के 88 लाख उपभोक्ताओं को पहले पैसा देने के बाद बिजली मिलेगी। बिजली चोरी रोकने और रेवेन्यू बढ़ाने के लिए यह कदम उठाने की बात हो रही है।

इसके साथ ही लखनऊ शहर में बिजली व्यवस्था अंडर - ग्राउंड करने की तैयारी चल रही है। इसको लेकर फाइल तैयार किया जा रहा है। शहर को बे- तार किया जाएगा। बुधवार को मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी अनिल ढींगरा ने प्रेस वार्ता के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसको लेकर काम तेजी से चल रहा है। जानकारों का कहना है कि इसके लिए करीब 15 हजार करोड़ रुपए की जरूरत है। अब बजट कहां से आएगा यह बड़ा सवाल है।

शहर में बेहतर बिजली सप्लाई के सवाल पर उन्होंने कहा कि जल्द ही दो नए उपकेंद्र शुरू होंगे। इसमें दाउद नगर उपकेंद्र 30 मई को शुरू हो जाएगा। जहां से करीब 10 हजार उपभोक्ताओं को लो - वोल्टेज और ओवर लोड की समस्या से निजात मिलेगी। अमीनाबाद के सवाल पर उन्होंने चीफ लेसा सिस गोमती को फटकार लगाई। इसके बाद सिस लेसा ने बताया कि वहां एक संस्था को ब्लैक लिस्ट कर दिया है। दूसरी संस्था जल्द काम शुरू करेगी।

चार्जिंग स्टेशन को लेकर बनेगी प्लानिंग

शहर में करीब 35 हजार ई- रिक्शा चल रहे है। इसमें से ज्यादातर चोरी की बिजली से चार्ज होते हैं। अब उस चोरी और विभाग के रेवेन्यू को बढ़ाने के लिए सभी उपकेंद्र पर चार्जिंग प्वाइंट बनाने की तैयारी होगी। शहर में मौजूदा समय 139 उपकेंद्र है। ऐसे में शहर में चार्जिंग पाइंट की संख्या काफी बढ़ जाएगी।

79 लाख प्रीपेड मीटर बदले जाएंगे

एमडी ने बताया कि मध्यांचल में 88 लाख उपभोक्ता है। इसमें से पहले राउंड में करीब 79 लाख लोगों के यहां प्री मीटर लगाया जाएगा। एमडी ने बताया कि विभाग के अभी तीन लाख मीटर पहले से है। ऐसे में जल्द ही स्मार्ट मीटर लगाने की पहल तेज हो जाएगी। उसी मीटर को बाद में प्रीपेड कनेक्शन में तब्दील कर दिया जाएगा। स्मार्ट मीटर में पोस्ट और प्रीपेड दोनों की सुविधा है।

150 बिजली घर बनेंगे

बताया गया कि सभी जिलों में करीब 150 नए बिजली घर बनेंगे। इससे करीब 20 लाख उपभोक्ताओं को सीधा फायदा मिलेगा। एमडी ने बताया कि इसके अलावा 1912 की व्यवस्था को भी ठीक किया जाएगा। जिससे वहां आ रहे फोन पर उपभोक्ताओं को पूरी सूचना मिलेगी। अभी तक आधा- अधूरी जानकारी दी जाएगी।