लखनऊ विधानभवन के सामने आत्मदाह की कोशिश:1.25 करोड़ के विवाद में ठेकेदार ने केरोसिन उड़ेलकर लगाई आग, पुलिस ने बचाया; ह्वाट्सएप पर लिखा- सुसाइड ही रास्ता

लखनऊ5 महीने पहले
लखनऊ में विधानभवन के सामने आत्मदाह का प्रयास करते ठेकेदार को पकड़कर ले जाती पुलिस।

लखनऊ में मंगलवार को विधानभवन के सामने एक युवक ने आत्मदाह का प्रयास किया। उसने खुद पर मिट्टी का तेल उड़ेलकर आग लगाने की कोशिश की। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिस ने युवक को बचा लिया। पुलिस ने युवक को पकड़कर गाड़ी में बैठा लिया। बताया जा रहा है कि युवक पेशे से ठेकेदार है। इसका अपने साथी के साथ 1.25 करोड़ रुपए का लेनदेन का विवाद चल रहा था।

पीड़ित का कहना है, 'मुझ पर गबन का झूठा आरोप लगाकर जेल भिजवा दिया गया। मेरी कहीं सुनवाई न होने पर जमानत पर बाहर निकलते ही आत्मदाह के सिवाय कोई और रास्ता नहीं बचा था'। हजरतगंज इंस्पेक्टर श्याम बाबू शुक्ल के मुताबिक, मामले की जांच की जा रही है। पीड़ित के बयान व साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

ह्वाट्सएप पर नोट लिखकर किया आत्मदाह का प्रयास
मामला हजरतगंज थानाक्षेत्र का है। यहां स्थित विधानभवन के सामने कैंपवेल रोड किशोरगंज निवासी पीड़ित नरेंद्र मिश्रा ने आत्मदाह का प्रयास किया। उससे पहले ही पीड़ित युवक ने ह्वाट्सएप पर नोट लिखकर वायरल किया था। पीड़ित ने लिखा- 'यूपी राजधानी लखनऊ के संभागीय खाद्य नियंत्रक (RFC) कार्यालय में ठेकेदारी करता हूं। यहीं के मार्केटिंग इंस्पेक्टर आदित्य सिंह व उनकी बुआ का बेटा सौरभ सिंह मेरे साथ विभागीय ठेकेदारी में साझेदार हैं।इन्होंने 1.25 करोड़ का गबन का झूठा आरोप लगाकर जेल भिजवा दिया। मेरी कहीं सुनवाई न होने पर आत्मदाह के सिवाय कोई और रास्ता नहीं बचा है। इसका मुकदमा तालकटोरा में दर्ज है, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी व अन्य संबंधित लोगों को पूरी जिम्मेदारी के साथ अवगत करा रहा हूं कि 24 अगस्त को मैं विधानभवन के सामने आत्मदाह करूंगा।'

हजरतगंज इंस्पेक्टर श्याम बाबू शुक्ल के मुताबिक, मामले की जांच की जा रही है। पीड़ित के बयान व साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

24 जून को ठगी के मामले में जा चुका है जेल
इंस्पेक्टर तालकटोरा अशोक कुमार सरोज के मुताबिक, नरेंद्र मिश्र के खिलाफ गोमतीनगर विस्तार निवासी सौरभ सिंह ने धोखाधड़ी, मारपीट व जान से मारने की धमकी की FIR गोमतीनगर थाने में दर्ज करायी थी। जिसकी विवेचना तालकटोरा थाना भेज दी गई थी। जांच के आधार पर नरेंद्र मिश्र का 24 जून को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा गया था। जहां से जमानत पर छूटने के बाद आत्मदाह का प्रयास किया। इन दोनों का राजाजीपुरम स्थित वेयर हाउस के माल को लेकर विवाद है, जिसको लेकर तगादा करने पर कई बार विवाद हुआ है।

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