यूपी में 24 घंटे में कोरोना के 19 नए केस:महज 6 लोग हुए ठीक, एक्टिव केस की संख्या 150 पार, एक दिन में 4.66 लोगों का टीकाकरण

लखनऊ8 महीने पहले
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राज्य में अभी तक नौ करोड़ 90 लाख से ज्यादा सैंपल लिए जा चुके हैं। - Dainik Bhaskar
राज्य में अभी तक नौ करोड़ 90 लाख से ज्यादा सैंपल लिए जा चुके हैं।

यूपी में कोरोना के केस लगातार बढ़ते जा रहे हैं। सोमवार को प्रदेश में कोरोना के 19 नए केस मिले। इस दौरान 6 संक्रमित लोग रिकवर भी हुए हैं। वहीं, बीते 24 घंटे में 1,53,870 सैंपल की जांच की गई। राज्य में अभी तक नौ करोड़ 90 लाख से ज्यादा सैंपल लिए जा चुके हैं। अब तक 11 करोड़ 84 लाख लोगों को वैक्सीन की पहली डोज और 5 करोड़ 89 लाख लोगों को दूसरी डोज लगाई जा चुकी है।

प्रदेश सरकार ने लोगों से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील की है। लोगों की सहायता के लिए कोविड हेल्पलाइन नंबर 18001805145 पहले ही जारी किए जा चुके हैं।

अभी 155 एक्टिव केस
अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में कोरोना के कुल एक्टिव केस 155 हैं। कोविड वैक्सीनेशन का काम जारी है। प्रदेश में रविवार को 24 घंटे में 4,66,264 लोगों को वैक्सीन की डोज दी गई है।

ओमिक्रॉन से निपटने की बनाई रणनीति
प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कोरोना की पहली व दूसरी लहर के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका में रहे डॉक्टरों के साथ बैठक कर ओमिक्रॉन से निपटने की रणनीति बनाई। इसमें पीजीआइ के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने नए वैरिएंट से बचाव के तरीकों पर चर्चा किया। टीम ने वैक्सीन लगवाने वालों पर नए वैरिएंट के प्रभाव पर भी रिपोर्ट तैयार की है।

वैक्सीनेशन ही एकमात्र उपाय
एसजीपीजीआइ के निदेशक डॉक्टर आरके धीमान ने कोविड के नए वैरिएंट से बचाव के लिए वैक्सीनेशन को ही एकमात्र उपाय बताया। धीमान ने नए वैरिएंट और वैक्सीन को लेकर फैलाई जाने वाली भ्रातियों पर ध्यान न देने की अपील की।

दूसरी लहर से कम मारक होगा ओमिक्रोन
पीजीआइ के डॉक्टरों की टीम ने बताया कि नए वैरिएंट डेल्टा वैरिएंट की तुलना में ज्यादा संक्रामक होगा। हालांकि राहत की बात ये है कि ज्यादा संक्रामक होने के बावजूद इस नए वैरिएंट से मौत का खतरा बहुत कम ही होगा। टीम के मुताबिक हालात दूसरी लहर से ज्यादा खतरनाक नहीं होगी।

सीएचसी और पीएचसी में बढ़ाई गई स्वास्थ्य सुविधाएं
नए वैरिएंट से बचाव के लिए यूपी सरकार ने ज्यादा से ज्यादा ऑक्सीजन बेड तैयार करने की योजना बनाई है। साथ ही इन बेडों को शहरी व ग्रामीण इलाकों में पहुंचाने पर भी तेजी से कार्य करने का दावा अधिकारी कर रहे हैं। अफसरों का दावा है कि सीएचसी और पीएचसी में स्वास्थ्य सुविधाओं में काफी बढ़ोतरी की गई है।