ब्लड डोनेशन डे पर KGMU में 'रक्तदान को सम्मान' कार्यक्रम:रक्तदाताओं का राज्यपाल ने किया सम्मान, कैंपस में ब्लड डोनेशन कैम्प लगाने पर दिया जोर

लखनऊ2 महीने पहले
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KGMU में नेशनल ब्लड डोनेशन डे - देश का सबसे बड़ा ब्लड बैंक यूपी में होने के बावजूद राज्य की 40 फीसदी जरुरत ही हो रही है पूरी,गवर्नर ने युवाओं से रक्तदान में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेने की अपील की - Dainik Bhaskar
KGMU में नेशनल ब्लड डोनेशन डे - देश का सबसे बड़ा ब्लड बैंक यूपी में होने के बावजूद राज्य की 40 फीसदी जरुरत ही हो रही है पूरी,गवर्नर ने युवाओं से रक्तदान में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेने की अपील की

राष्ट्रीय रक्तदान दिवस पर KGMU में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करने राज्यपाल पहुंची।संस्थान के ब्राउन हाल में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने समाज के हर वर्ग के लोगों से रक्तदान में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेने की बात कही। उन्होंने कहां कि रक्तदान के लिए अभी पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं हो रहा है। इसे और बढ़ाने की जरूरत है। कॉलेज और ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को जोड़ने की जरूरत पर बल देते हुए उन्होंने युवाओं से साल में कम से कम दो बार रक्तदान करने की बात कही। उन्होंने कहां कि इसी से प्रदेश में रक्त की कमी को पूरा किया जा सकता है।

कैंपस में लगे ब्लड डोनेशन कैम्प

छात्रों को अस्पताल की दौड़ से बचाने के लिए विश्वविद्यालय और कॉलेज में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर लगाएं। लोगों को रक्तदान के फायदे बताएं। भ्रांतियां दूर करें। राज्यपाल ने कहा कि आपके दान से किसी जरूरतमंद की जान बचाने में डॉक्टरों को मदद मिलेगी। सभी आईएएस और आईपीएस की पत्नियों रक्तदान करें।

70 हजार यूनिट का देश का सबसे बड़ा ब्लड बैंक KGMU में

केजीएमयू ब्लड एंड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की एचओडी डॉ. तूलिका चन्द्रा ने जो अन्न देता है वह अन्नदाता कहलाता है और जो रक्त दे वह जीवनदाता है। उन्होंने कहा कि विभाग 1942 में शुरू हुआ था। विभाग ने लगातार तरक्की की। यही वजह है कि ब्लड बैंक स्टेट ऑफ आर्ट मॉडल बन गया है। हर साल 70 हजार से ज्यादा रक्त एकत्र होता है। जो देश में सबसे अधिक है। संस्थान में न्यूक्लीयर एसिड टेस्ट (नैट) से परखा हुआ खून मरीजों को मुहैया कराया जा रहा है। इससे किसी भी प्रकार के संक्रमण को आसानी से पकड़ जा सकता है।

182 संस्थाएं जुड़ी हैं अभियान से

पेशेवर रक्तदाता व दलालों को पकड़ने के लिए ब्लड बैंक में बायोमीट्रिक शुरू किया गया। इससे पेशेवर रक्तदाताओं की पहचान आसान हुई। मरीजों को और सुरक्षित खून उपलब्ध कराने में मदद मिली है। केजीएमयू के साथ 182 संस्थाएं हैं जो इस नेक काम में हमारे साथ कदमताल कर रही हैं। केजीएमयू कुलपति डॉ. बिपिन पुरी ने कहा कि रक्तदान से कोई शारीरिक कमजोरी नहीं आती है। रक्तदान के 21 दिन बाद व्यक्ति फिर पहले की तरह हो जाता है।

यह रहे मौजूद

कार्यक्रम में चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि हम लोगों की भ्रांतियां दूर नहीं कर पा रहे हैं। रक्तदान से फायदे ज्यादा है। सभी मेडिकल कालेज में इसका प्रचार प्रसार करेंगे। कार्यक्रम में मंत्री ब्रजेश पाठक, चिकित्सा राज्य मंत्री संदीप सिंह, चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

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