अखिलेश अब दो जगह ही मिलते हैं:विजयरथ पर या मुख्यमंत्री रहते बनाए अपने अधूरे प्रोजेक्ट पर; ये सपा की प्रोजेक्ट्स दिखाने की नई रणनीति

लखनऊएक महीने पहलेलेखक: अभिषेक जय मिश्र
  • कॉपी लिंक

अखिलेश यादव अब दो जगह ही पाए जाते हैं। चुनावी समय में दिन की शुरुआत विजय रथ से करने के बाद जनता के बीच। या फिर अपने दौरे से बचे हुए समय में सीएम रहते तैयार कराए गए अधूरे प्रोजेक्ट पर। ये उनकी अपने शासन में तैयार कराए प्रोजेक्ट्स को दिखाने की नई रणनीति है।

वो याद दिलाते हैं कि इन अधूरे प्रोजेक्ट को तैयार कराने में योगी सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया। उनकी योजनाओं का ही आज शिलान्यास या लोकार्पण किया जा रहा है।

इसी योजना के तहत, 28 दिसंबर को जब कानपुर में पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ ने मेट्रो का उद्घाटन किया। तो ट्विटर पर अक्टूबर 2016 की कानपुर में मेट्रो प्रोजेक्ट का शिलान्यास करते अखिलेश की तस्वीरें सामने आईं।

दरअसल, बीजेपी इस चुनाव में पिछले 5 साल में अपने कराए गए कामों को गिना रही है। इसको लेकर ट्वीट वॉर भी दिलचस्प हो चली है। 45 दिन में 6 बार अखिलेश ने ट्विटर पर अपने समय में तैयार कराए प्रोजेक्ट यूपी को याद दिलाए हैं।

आइए आपको बताते हैं कि किन प्रोजेक्ट को अखिलेश ने जनता को याद दिलाया है...

27 दिसंबर : प्रोजेक्ट 1

कौशाम्बी में सीएम थे, अखिलेश JPNIC की बदहाली देखने-दिखाने पहुंचे

JPNIC के रखरखाव के लिए एलडीए की तरफ से बजट जारी नहीं हो रहा है।
JPNIC के रखरखाव के लिए एलडीए की तरफ से बजट जारी नहीं हो रहा है।

जब कौशाम्बी से सीएम योगी जमीनों पर माफिया के कब्जे गिना रहे थे, तब अखिलेश लखनऊ गोमतीनगर के JPNIC में पहुंच गए थे। वो योगी सरकार की इस सेंटर को बेचने की तैयारियों का खुलासा कर रहे थे। सेंटर बदहाली की तस्वीरें भी ट्विटर पर शेयर कीं।

JPNIC सपा शासन में तैयार हुई थी। ये इमारत समाजवादी चिंतक जयप्रकाश नारायण को समर्पित थी। रखरखाव के अभाव में अब ये बदहाल हो रही है। सपा के प्रवक्ता अभिषेक मिश्रा ने JPNIC को बेचने की तैयारियों का खुलासा किया था। दरअसल, इस इमारत के रखरखाव के लिए एलडीए की तरफ से बजट जारी नहीं हो रहा है।

24 दिसंबर : प्रोजेक्ट 2

लॉयन सफारी में अखिलेश ने चलाई साइकिल

अखिलेश के मुताबिक योगी सरकार उनके समय की तैयार लॉयन सफारी की देखरेख नहीं कर रही।
अखिलेश के मुताबिक योगी सरकार उनके समय की तैयार लॉयन सफारी की देखरेख नहीं कर रही।

एक इंटरव्यू देने के बहाने इटावा के लॉयन सफारी का दौरा अखिलेश ने साइकिल पर किया। इस दिन सीएम योगी बहराइच में योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण कर रहे थे।

अखिलेश ने 6 अक्टूबर 2016 को लायन सफारी का उद्घाटन किया था। उस वक्त चुनाव आचार संहिता के चलते रेस्टोरेंट, 4 D थिएटर का काम रोक दिया गया था। कुछ महीने पहले बजट की कमी की वजह से शेरों के खाने पर संशय होने की खबरें तक सामने आईं थीं।

23 दिसंबर : प्रोजेक्ट 3

अखिलेश ने कहा-7 साल पहले शुरू कराए थे दूध के प्लांट

पीएम नरेंद्र मोदी ने 500 करोड़ रुपए से वाराणसी में अमूल प्लांट का शिलान्यास किया। 2 साल में यह प्लांट बनकर तैयार होना है। इस दिन अखिलेश को अलीगढ़ में रालोद के साथ जनसभा करनी थी। उन्होंने ट्वीट किया कि 7 साल पहले लखनऊ, कानपुर और वाराणसी में अमूल प्लांट बनाने का फैसला किया था।

उन्होंने पूछा कि कैंचीजीवी भाजपा इस सच को छिपाएगी, लेकिन कोई अमूल कंपनी से पूछे तो वो दूध जैसा ये सफेद सच बताएगी।

13 दिसंबर : प्रोजेक्ट 4

पीएम ने उद्घाटन किया, अखिलेश ने मेडिकल कॉलेज को बेड पर बताया

जौनपुर के मेडिकल कॉलेज का वर्चुअल उद्घाटन 25 अक्टूबर को पीएम मोदी ने सिद्धार्थनगर से किया था। अखिलेश जौनपुर में जनसभा करने के लिए विजयरथ पर पहुंचे थे।

मेडिकल कॉलेज की नींव 27 सितंबर 2014 को अखिलेश यादव ने रखी थी। अखिलेश ने ट्वीट करके जौनपुर के मेडिकल कॉलेज को आधुनिक खंडहर बताया है। उन्होंने जौनपुर में बन रहे मेडिकल कॉलेज का एक वीडियो भी साझा किया है।

30 नवंबर :प्रोजेक्ट 5
काशी के अक्षयवट वृक्ष पर अखिलेश ने लिखा बीजेपी का क्षय तय

वाराणसी में प्रशासन की लापरवाही से सैकड़ों वर्ष पुराना अक्षयवट वृक्ष गिर गया था। काशी विश्वनाथ मंदिर के ठीक बगल में ये पेड़ था। अखिलेश काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर प्रोजेक्ट को सपा शासन का बताते रहे हैं। कॉरिडोर निर्माण का प्रस्ताव सपा के समय में कैबिनेट से पास हुआ था।

उन्होंने 30 नवंबर को काशी के अक्षयवट को आघात पहुंचाने को लेकर ट्वीट किया। लिखा कि काशी में अक्षयवट को आघात पहुंचाने वालों का क्षय निश्चित है।

16 नवंबर : प्रोजेक्ट 6

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को अपना प्रोजेक्ट बता कराया था उद्घाटन

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर अखिलेश ने ट्वीट किया कि फीता आया लखनऊ से और कैंची आई दिल्ली से। सपा के काम का श्रेय लेने की मची है खिचम-खिंचाई। उन्होंने एक्सप्रेस-वे के रास्ते में पड़ने वाले जिलों के सपा नेताओं से जगह-जगह उद्घाटन करने की अपील की थी। उसके बाद सपा नेता साइकिल लेकर एक्सप्रेस-वे पर पहुंचे थे।

ट्वीट पर सपा नेताओं की तस्वीरें सामने आईं। सपा का दावा है कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे अखिलेश यादव की योजना थी। बीजेपी शासन में यह प्रोजेक्ट लोगों तक पहुंच सका है।

खबरें और भी हैं...