केवाईसी अपडेट के नाम पर साइबर ठगी:लखनऊ में चार लोगों से हुआ ऑनलाइन फ्राड, साइबर सेल कर रही पड़ताल

लखनऊ3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
साइबर ठगी से बचने के लिए लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट से जारी एडवाइजरी। - Dainik Bhaskar
साइबर ठगी से बचने के लिए लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट से जारी एडवाइजरी।

लखनऊ में साइबर ठगों ने मदद के नाम पर चार लोगों के खातों से लाखों की नकदी पार कर दी। पीड़ितों ने विकासनगर, चिनहट, मोहनलाल गंज और पीजीआई थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। थाना पुलिस साइबर सेल की मदद से साइबर अपराधियों की तलाश कर रही है।
चिनहट शाहपुर निवासी सुनील सिंह के मुताबिक बुधवार को एक फोन आया। युवक ने खुद को कस्टमर केयर कर्मी बता कहा कि बैंक में केवाईसी अपडेट न होने के चलते कार्ड ब्लाक करने दिया जाएगा। समय से बैंक न पहुंच पाने की बात कहने पर एक लिंक भेजा। जिसे खोलने के कुछ ही समय बात खाते से 72 हजार रुपये निकल गए।
मदद के नाम पर 55 हजार की साइबर ठगी
पीजीआई एल्डिको-दो निवासी अनूप कुमार डीआरएम ऑफिस में तैनात हैं। अनूप के मुताबिक उन्हें एक नंबर से फोन आया। कॉलर आईडी पर दोस्त का नाम आ रहा था। जिससे दोस्त का नाम बताकर रुपयों की मदद मांगी गई । दोस्त का मामला होने पर करीब 55 हजार रुपये बताए खाते में भेज दिए। जानकारी पर पता चला उसका फर्जी नाम बताकर ठगी की गई है।
दूसरी तरफ विकासनगर-सेक्टर-13 निवासी अंश देव मिश्र का एचडीएफसी बैंक में अकाउंट है। उनके खाते से 35 हजार रुपये खाते से निकल गए। उन्होंने एटीएम क्लोन करके पैसा निकाले जाने की आशंका जताई है। इसीतरह मोहनलालगंज हुलासखेड़ा निवासी रमेश चंद्र वृंदावन सेक्टर-नौ के खाते से साइबर ठगों ने तीस हजार रुपये निकाल लिए।
साइबर ठगी होते ही इस नंबर पर करें शिकायत

  • राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 155260
  • पुलिस कंट्रोल रूम 112

क्राइम ब्रांच ने जारी की एडवाइजरी

  1. बैंक या फाइनेंस कंपनी फोन पर कभी खाते की डिटेल नहीं पूछी जाती है, ऐसे फोन काल पर निजी जानकारी साझा न करें।
  2. किसी से भी अपने खाते से जुड़ी जानकारी व उससे संबंधित ओटीपी किसी को भी न बताएं। यदि लगातार कोई ओटीपी आ रहा है तो बैंक से संपर्क करें।
  3. फोन पर किसी भी व्यक्ति द्वारा भेजा गया लिंक न खोले, वह साइबर ठग के भेजे लिंक हो सकते है। जिससे आपका डाटा चोरी हो सकता है।
खबरें और भी हैं...