कल, आज, कल (दैनिक भास्कर की विशेष सीरीज):लॉ स्टूडेंट, छात्रनेता से पंखुड़ी बनी नोएडा से कांग्रेस प्रत्याशी; जानिए 20 साल बाद कहां होंगी

लखनऊ4 महीने पहले
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पंखुड़ी पाठक 2018 में कुछ हिंदूवादी संगठन के निशाने पर आकर अचानक सुर्खियों में आईं थीं। वह पुलिस एनकाउंटर में मारे गए मुस्तकीम और नौशाद के परिवारों से मिलने जा रही थीं। गूगल पर अचानक उनकी सर्चिंग बढ़ी। ये वो वक्त था, जब उन्होंने सपा पार्टी के प्रवक्ता पद को छोड़ा था। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता ली। प्रियंका गांधी की गुड बुक में शामिल होने का फायदा उन्हें 2022 के विधानसभा चुनाव में मिला। नोएडा सीट से उन्हें प्रत्याशी बनाया गया है।

ज्योतिष-शास्त्र की निगाह से देखें तो मशहूर ज्योतिषाचार्य नस्तूर दारूवाला कहते हैं कि वो चुनाव जीत भी सकती हैं। सितारे प्रबल हैं। आने वाले 5 साल उनके लिए अच्छे साबित होने जा रहे हैं। उनकी कुंडली में शुक्र और शनि दोनों मजबूत हैं। इसलिए वो पापुलर हैं। इस मुकाम तक पहुंची हैं। यूपी के अंदर कांग्रेस में कुछ हद तक प्राण डाल सकेंगी।

वह कहते हैं कि पंखुड़ी क्रांतिकारी विचारों की हैं। 10 सालों में वो कांग्रेस संगठन में भी जगह बना सकती हैं। आने वाले 20 सालों में वो समाजसेविका, महिला प्रकोष्ठ की प्रभारी या संगठन में अच्छे पद के साथ नजर आएंगी। समाजसेवा भी उन्हें अच्छी लगती हैं। इसलिए वह हमेशा लोगों की बात उठाती रहेंगी।

विधानसभा चुनाव 2022 में भास्कर प्रतिदिन दिग्गज नेताओं के कल, आज, कल के बारे में आपको बताएगा। इस प्रस्तुति में आने वाले कल में पंखुड़ी पाठक की तस्वीर को फोटोशॉप की मदद से तैयार किया गया है।

  • पंखुड़ी का जन्म दिल्ली के डॉक्टर परिवार में 1990 को हुआ था।
  • पंखुड़ी के पिता जेसी पाठक और मां आरती पाठक हैं।
  • दोनों दिल्ली में ही प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं।
  • पंखुड़ी का छोटा भाई चिराग पाठक है।
  • उन्‍होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री ली है।
  • 2010 में पंखुड़ी ने दिल्‍ली के हंसराज कॉलेज में जॉइंट सेक्रेट्री का चुनाव जीता था।
  • यहीं से मुख्‍यधारा की राजनीति में उनकी एंट्री हुई थी।
  • दिल्ली के छात्रसंघ चुनाव में पंखुड़ी ने समाजवादी पार्टी को मजबूत किया था।
  • पंखुड़ी पाठक ने साल 2010 में समाजवादी पार्टी जॉइन की।
  • सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की क्रांति रथ यात्रा में भी हिस्सा लिया था।
  • पंखुड़ी की शैली से अखिलेश और उनकी पत्नी डिंपल यादव भी काफी प्रभावित रहीं।
  • 2013 में उन्हें लोहिया वाहिनी का राष्ट्रीय सचिव बनाया गया।
  • 2016 में उन्हें सपा पार्टी का प्रवक्ता बनाया गया।
  • पंखुड़ी ने दिसंबर 2019 अनिल यादव से शादी की थी।
  • अनिल यादव सपा नेता हैं। ये अनिल की दूसरी शादी है। उनका पहली पत्नी से तलाक हो चुका है।
  • अगस्‍त 2018 में उन्‍हें प्रवक्‍ता पद से हटा दिया गया, जिसके बाद उन्‍होंने पार्टी से इस्‍तीफा दे दिया।
  • 2018 में अलीगढ़ के अतरौली में मुस्तकीम और नौशाद के परिवारों से मिलने जाने के दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उनपर हमला किया था।
  • मुस्तकीम और नौशाद को 20 सितंबर को पुलिस एनकाउंटर में मार गिराया गया था।
  • इसके बाद उन्होंने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ले ली।
  • पंखुड़ी कांग्रेस की उत्तर प्रदेश के सोशल मीडिया विभाग की वाइस चेयरपर्सन हैं।
  • पंखुड़ी ने अपने एक ट्वीट में पंकज शुक्ला नाम के शख्स पर रेप की धमकी देने का आरोप लगाया था।
  • विधानसभा चुनाव 2022 में कांग्रेस पार्टी ने उन्हें नोएडा विधानसभा सीट से प्रत्याशी घोषित किया है।