लखनऊ...महेंद्र की हत्या के पीछे माफिया मुख्तार अंसारी की नजदीकी:पुलिस पुरानी रंजिश और वर्चस्व के बिंदु पर कर रही पड़ताल, परिवार वालों ने बनाई दूरी

लखनऊ8 महीने पहले
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मृतक महेंद्र प्रताप। - Dainik Bhaskar
मृतक महेंद्र प्रताप।

लखनऊ में कृष्णानगर थाना क्षेत्र में रविवार रात हुई ठेकेदार महेंद्र प्रताप की हत्या के पीछे बांदा जेल में बंद बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की करीबी बताई जा रही है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि महेंद्र पहले मुख्तार अंसारी के यहां गाड़ी चलाता था और उनका राजदार था। पिछले कुछ सालों से गाजीपुर से नाता तोड़कर लखनऊ में पता बदल-बदलकर रह रहा था। उसके पास काकोरी और सआददतगंज के पते के दो आधार कार्ड भी मिले हैं। पुलिस घटना के पीछे पुरानी रंजिश व गैंग के वर्चस्व को लेकर हत्या के बिंदु पर पड़ताल कर रही है। पिछले दिनों पुलिस ने मुख्तार के गुर्गों मुठभेड़ में मार गिराया था। जब वह एक बिल्डर को मारने लखनऊ आए थे। पुलिस की एक टीम मामले की जांच पड़ताल के लिए गाजीपुर भी रवाना हो गई है। जहां से उसके पुराने क्रिमिनल रिकार्ड और उसके विषय में जानकारी एकत्र की जा सकें।

हत्यारों की धर पकड़ के रूट मैप तैयार, संदिग्ध युवकों की धरपकड़ शुरू

घटना स्थल पर जांच करती पुलिस टीम।
घटना स्थल पर जांच करती पुलिस टीम।

डीसीपी मध्य ख्याति गर्ग ने बताया कि ठेकेदार महेंद्र (50) की हत्या के पीछे पुरानी रंजिश और लेनदेन के विवाद की बात समाने आ रही है। हत्यारों की शिनाख्त के लिए सीसीटीवी में कैद संदिग्धों के फोटो का क्रिमनल डाटा बेस से मिलान कराया जा रहा है। साथ ही संदिग्ध युवकों के आने-जाने वाले रास्ते का रूटमैप तैयार कर सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे है। हमलावरों के विषय में अहम सुराग हाथ लगे हैं। उनकी तलाश में सर्विलांस टीम, क्राइम ब्रांच व सर्किल फोर्स को लगाया गया है। इसके साथ ही महेंद्र के विषय में जानकारी के लिए उसके लखनऊ और मूल पते गाजीपुर में पड़ताल की जा रही है।

हत्या के पीछे गाजीपुर कनेक्शन भी खंगाल रही पुलिस

पुलिस सूत्रों के मुताबिक मृतक महेंद्र प्रताप जायसवाल माफिया मुख्तार अंसारी के काफिले की गाड़ी चलाता था। पुलिस और मुख्तार के बीच हुई एक मुठभेड़ के दौरान वह मुख्तार की जिप्सी चला रहा था। इसके साथ ही मुख्तार के जेल जाते ही गाजीपुर छोड़कर लखनऊ में पते बदल-बदल कर रहने लगा। उसके पास लखनऊ में सआदतगंज और काकोरी के पते के दो आधार कार्ड भी मिले हैं। परिजन घटना की जानकारी के बाद भी घर का कोई सदस्य ने पुलिस से संपर्क नहीं किया। यहां तक सोमवार दोपहर तक कोई भी पोस्टमार्टम हाउस तक नहीं पहुंचा। परिजनों का कहना है कि उन्होंने महेंद्र के घर छोड़कर दूसरी महिला के साथ रहने के चलते संबंध तोड़ लिए थे। चर्चा है कि महेंद्र की दो पत्नी हैं। एक सआदतगंज में रहती है और दूसरी गाजीपुर में रहती है।

बदमाशों ने आते ही शुरू की फायरिंग, गिरते ही कनपटी पर मारी गोली

घटना स्थल पर पड़ा खून।
घटना स्थल पर पड़ा खून।

कृष्णानगर थाना से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर बाइक सवार दो हमलावरों ने महेंद्र प्रताप के कनपटी पर पिस्टल सटा कर गोली मार दी। घटना को अंजाम देने के बाद बाइक सवार भाग निकले। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उनके साथ दो लोग पैदल भी थे। पुलिस ने भी इसकी पुष्टि की है। पुलिस को दो कारतूस, एक खोखा, एक मोबाइल और पर्स मिला था। डीसीपी मध्य ख्याति गर्ग ने बताया कि कृष्णानगर थाना क्षेत्र में इंदिरानगर इलाके में अनिल शुक्ल के पुराने मकान को बिल्डिंग मटेरियल ठेकेदार महेंद्र कुमार रविवार को तुड़वा रहे थे। इसीबीच आए बदमाशों ने महेंद्र को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जिससे उनके करीब तीन से चार गोलियां लगी थी। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। जहां उनकी मौत हो गई। मृतक की शिनाख्त उनके पास मिले आधार कार्ड से हुई है।

पांच दिनों से तुड़वा रहा था मकान
एडीसीपी सेंट्रेल राघवेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि अनिल कुमार शुक्ला ने मकान तुड़वाने का ठेका असलम को दिया था। पिछले पांच दिनों से असलम और उसका साथी काकोरी बसंतकुंज योजना पीरनगर निवासी महेंद्र प्रताप (50) मकान तुड़वाने का काम करवा रहे थे। इसीबीच रविवार देर शाम सुपर स्पलेंडर बाइक सवार दो हमलावर ने आते ही फायरिंग शुरू कर दी। एक हेलमेट पहने था और दूसरे का चेहरा खुला था। महेंद्र के गोली लगते ही एक ने पिस्टल निकाल कर महेंद्र की कनपटी पर सटाकर गोली मार दी। जो महेंद्र की कपनटी के आरपार हो गई।