भ्रष्टाचार में शामिल छह इंजीनियर पर कार्रवाई:पावर कॉर्पोरेशन और नियामक आयोग ने तीन अलग - अलग इंजीनियरों पर की कार्रवाई, दो महीने हो रहा एक्शन

लखनऊ2 महीने पहले
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पावर कॉर्पोरेशन के भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला जारी है। मंगलवार देर शाम तक छह इंजीनियरों पर कार्रवाई की गई । इसमें तीन लोगों पर नियामक आयोग तो बाकी तीन पर कॉर्पोरेशन की तरफ से कार्रवाई की गई है। कॉर्पोरेशन के एमडी एम देवराज ने हाथरस में तैनात रहे कार्यालय सहायक राजेश कुमार सासस्वत को बर्खास्त कर दिया गया है।

इसके साथ यहां जो भी भ्रष्टाचार किया गया है , उसकी वसूली भी संबंधित कर्मचारी से की जाएगी। एमडी ने यहां के एक अन्य कर्मचारी कार्यालय सहायक विनोद कुमार को डिमोट कर दिया गया है। यहां तैनात विनोद कुमार के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। विनोद कुमार पर आरोप साबित होने के बाद उन्हें डिमोट किया गया है। वहीं रिटायर हो चुके सहायक लेखाकार सुरेन्द्र कुमार कश्यप द्वारा की गई वित्तीय अनियमितता के मामले में उनकी 10 प्रतिशत पेंशन कटौती के आदेश पावर कॉर्पोरेशन चेयरमैन एम देवराज ने दिए हैं।

पिछले तीन महीने में 30 से ज्यादा लोगों पर कार्रवाई

पावर कॉर्पोरेशन के एमडी एम देवराज ने पिछले तीन महीने में तीन से ज्यादा लोगों पर कार्रवाई की है। इसमें तबादला से लेकर नौकरी से बर्खास्त करने, डिमोट करने, सस्पेंड करने समेत कई कार्रवाई की गई है। सबसे ज्यादा कार्रवाई अस्थायी कनेक्शन के दौरान गड़बड़ी पकड़ने पर की गई है। इसमें कॉर्पोरेशन को 100 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ है। इसकी जांच की मांग उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने भी किया था।

नियामक आयोग ने तीन इंजीनियरों पर किया जुर्माना

भ्रष्टाचार के मामले में ही नियामक आयोग ने तीन इंजीनियरों पर कार्रवाई की है। इनके खिलाफ आर्थिक दंड लगाया गया है। जुर्माने की राशि तीनों एक्सईएन के वेतन से काटी जाएगी। जिसके खिलाफ कार्रवाई की गई है, उसमें वाराणसी के कज्जाकपुरा डिवीजन के एक्सईएन 50 हजार का जुर्माना लगाया है। वहीं प्रयागराज के जॉर्जटाउन के एक्सईएन पर 25 हजार और फिरोजाबाद के जसराना के एक्सईएन पर 10 हजार का जुर्माना लगाया गया है। इन तीनों अधिशासी अभियंताओं के खिलाफ उपभोक्ता उत्पीड़न की शिकायत थी। आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि यह पैसा उपभोक्ताओं के हीत में ही खर्च किया जाएगा। उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आयोग के इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के तीन करोड़ उपभोक्ताओं का भरोसा आयोग पर बढ़ेगा।

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