कम होगी बिजली की किल्लत:पावर कॉरपोरेशन को आज रात से 400 मेगावॉट बिजली मिलनी शुरू होगी, महंगी बिजली खरीद में 50 फीसदी तक आएगी कमी

लखनऊ2 महीने पहले
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उप्र सरकार को 400 मेगावॉट बिजली अब सस्ते दरों पर मिलेगी। - Dainik Bhaskar
उप्र सरकार को 400 मेगावॉट बिजली अब सस्ते दरों पर मिलेगी।

उप्र प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के लिए अच्छी खबर है। महंगी खरीद से राहत मिलने के साथ बिजली किल्लत से भी राहत मिलती दिख रही है। नियामक आयोग ने सोमवार को आदेश जारी किया है। इसमें हाईड्रॉ पावर तीस्ता व स्टेटक्रास्ट से 340 मेगावॉट बिजली देर रात से ही मिलनी शुरू हो जाएगी। इस दौरान यह बिजली पावर कॉरपोरेशन को महज 5.57 रुपए के दर से मिलेगी। आयोग के चेयरमैन आरपी ने यह फैसला दिया है।

दरअसल, हाइड्रो पावर की बिजली सप्लाई के लिए करीब एक साल पहले करार हुआ था। लेकिन शर्तों में कुछ बदलाव के कारण मामला नियामक आयोग में चल रहा था। इसमें करीब 400 मेगावॅाट बिजली मिलनी थी। आयोग में सुनवाई के दौरान पाया गया कि 60 मेगावॉट को छोड़कर बाकी सभी शर्ते पूरी कर ली गई हैं। ऐसे में 340 मेगावॉट सप्लाई की अनुमति मिल गई है। इसके बाद अब करीब 10 मिलियन यूनिट बिजली की खरीद कम हो जाएगी। ऐसे में पावर एक्सचेंज की ख़रीददारी करीब 50 फीसदी तक कम हो जाएगी। आयोग के इस फैसले का उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने स्वागत किया है।

परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने बताया कि 10 पन्ने के आदेश में तत्काल बिजली सप्लाई का आदेश कम्पनियों को दिया गया है। 400 मेगावॉट बिजली मिलना था लेकिन जीएमआर की 60 मेगावॉट के मामले में अभी भी कुछ विसंगति है उसे भी जल्द दूर कर उससे भी बिजली मिलने का रास्ता साफ होगा।

25 साल तक मिलेगी सप्लाई

यह करार 25 सालों के लिए किया गया है। ऐसे में कोयले की किल्लत दूर होने के बाद भी सप्लाई मिलती रहेगी। उप्र पावर कॉरपोरेशन ने अपने यहां नियम बनाया था 7 रुपए प्रति यूनिट से महंगी बिजली नहीं खरीदी जाएगी। लेकिन कोयले की कमी के कारण महंगी बिजली खरीदनी पड़ रही थी। इस महीने अब तक पावर कॉरपोरेशन करीब 380 करोड़ रुपए की बिजली खरीद चुका है। अगर कोयला होता तो इसके लिए कॉरपोरेशन को 150 करोड़ रुपए से ज्यादा का खर्च नहीं करना पड़ता। बहुत आसानी से लगभग 12 से 13 मिलियन यूनिट बिजली रोज मिल जाएगी उपभोक्ता परिषद लगातार इसके लेकर नियामक आयोग और ऊर्जा मंत्री से गुहार लगा रहा था।