प्रेसिडेंट का आगमन:लखनऊ चारबाग रेलवे स्टेशन पर प्रेसिडेंट 130 कदम पैदल चलेंगे, 101 फीट ऊंचे तिरंगे को देखेंगे; पहली बार VIP ड्यूटी में यूज हो रहा यान दृष्टि

लखनऊएक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
प्रेसिडेंशियल एक्सप्रेस के सफर के दौरान पटरियों के आसपास की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया गया। - Dainik Bhaskar
प्रेसिडेंशियल एक्सप्रेस के सफर के दौरान पटरियों के आसपास की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया गया।

प्रेसिडेंशियल एक्सप्रेस ट्रेन को लखनऊ चारबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर लाने की तैयारी है। ट्रेन से उतरकर पोर्टिको तक पहुंचने में राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को 130 कदम पैदल चलने पड़ेंगे। जहां समूचे प्लेटफार्म की सफाई धुलाई करके सजावट होगी। यहां से वह चारबाग रेलवे स्टेशन की शान 101 फीट ऊंचे तिरंगे को देख सकेंगे। प्रेसिडेंशियल एक्सप्रेस के सफर के दौरान पटरियों के आसपास की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया जाएगा। इसमें रेलवे का आधुनिक सुविधाओं से लैस निरीक्षण 'यान दृष्टि' को भी तैनात किया गया है। सुरक्षा से जुड़े अधिकारी बताते हैं कि वीवीआईपी ड्यूटी में पहली बार आधुनिक निरीक्षण यान दृष्टि का इस्तेमाल किया जा रहा है।

पूरे रुट पर तैनात रहेंगे सुरक्षा कर्मी , दृष्टि में लगे हाई क्वालिटी कैमरों से ट्रैक के किनारे रिकॉर्डिंग
कानपुर से लेकर लखनऊ के बीच पड़ने वाली रेलवे क्रासिंग पर संबंधित थानों की पुलिस भी तैनात रहेगी। साथ ही गंगा की छमक नाली, सई नदी आदि पुलों पर आरपीएफ निगरानी करेगी। ट्रैक मेंटिनेंस पर भी फोकस किया गया है। जबकि ट्रैक के किनारे बसी बस्तियों पर पुलिस और आरपीएफ की विशेष नजर होगी। आधुनिक निरीक्षण 'यान दृष्टि' से पुलिस अधिकारियों ने लखनऊ से कानपुर के 72 किमी ट्रैक का निरीक्षण किया। दृष्टि में लगे हाई क्वालिटी कैमरों से ट्रैक के किनारे रिकॉर्डिंग की जाएगी। दृष्टि से एसपी रेलवे सौमित्र यादव सहित तमाम रेलवे आरपीएफ व पुलिस के अधिकारी कानपुर रवाना हुए। इस आधुनिक निरीक्षण यान दृष्टि को पहली बार वीआईपी ड्यूटी में इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके तहत बीती गुरुवार के बाद शुक्रवार को भी सफदरगंज से कानपुर रेलखंड पर स्पेशल ट्रेन चलाकर ट्रायल किया जाएगा।

ट्रेन को दिल्ली से लखनऊ के बीच 50 से अधिक कॉशन से गुजरना होगा
कानपुर से लख़नऊ से हाई स्पीड के लिए नहीं है। यहां स्पीड लिमिट 80 किमी. तक है। यही वजह है कि शताब्दी एक्सप्रेस जब लख़नऊ से कानपुर का सफर पूरा कर लेती है तो उसके आगे इसकी स्पीड बढ़ा दी जाती है। हालांकि, लख़नऊ-कानपुर रुट की स्पीड बढ़ाने को लेकर उत्तर रेलवे लगातार प्रयास कर रहा है। प्रेसिडेंशियल एक्सप्रेस को दिल्ली से लखनऊ के बीच 50 से अधिक कॉशन से गुजरना होगा। इन कॉशन पर ट्रेन की रफ्तार घटेगी, जिससे ट्रेन में झटके भी लग सकते हैं। यह सालों पुराने कॉशन हैं। कुछ कॉशन रेलवे ने कम कर दिए हैं, पर तमाम ऐसे हैं, जिनसे होकर प्रेसिडेंशियल एक्सप्रेस को गुजरना होगा।

छावनी में तब्दील होगा स्टेशन, सीसीटीवी रखेंगे नजर
चारबाग रेलवे स्टेशन व लखनऊ जंक्शन पर प्रेसिडेंशियल एक्सप्रेस को लेकर सुरक्षा व्यवस्था सख्त की जा रही है। लखनऊ जंक्शन के 49 और चारबाग के 65 हाई डेफिनेशन सीसीटीवी कैमरे चप्पे-चप्पे पर नजर रखेंगे। वहीं, स्टेशन पर पानी की टंकी से लेकर ऊंचाई से नजर रखने वाली हर जगह पर आरपीएफ, जीआरपी के जवान मुस्तैदी से डटे रहेंगे और निगरानी करेंगे।

खबरें और भी हैं...