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राम मंदिर के कथित घोटाले पर कांग्रेस का तंज:प्रियंका गांधी ने कहा- श्री राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट के पाई-पाई का हिसाब दें PM मोदी; सुप्रीम कोर्ट के जज से घोटाले की जांच की मांग

लखनऊ4 महीने पहले
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कांग्रेस महासचिव और उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी ने श्रीराम मंदिर के लिए जमीन खरीद में कथित घोटाले को लेकर सरकार पर हमला बोला है। प्रियंका गांधी ने बुधवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के जज से कराने की मांग की है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी तंज कसा। लिखा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ट्रस्ट के पाई-पाई का हिसाब देना होगा।

प्रियंका ने क्या लिखा?
प्रियंका गांधी ने लिखा, 'खबरों के अनुसार श्री राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट द्वारा एक जमीन की खरीदारी में घपला हुआ है। अयोध्या की एक जमीन को 18 मार्च 2021 को दो लोग 2 करोड़ रुपए में खरीदते हैं। 2 करोड़ की यह जमीन सिर्फ 5 मिनट के बाद प्रधानमंत्री द्वारा बनाए गए श्री राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट की ओर से 18.5 करोड़ रुपए में खरीद ली गई। यानी जमीन की कीमत 5.5 लाख रुपए प्रति सेकंड की दर से बढ़ गई। क्या इस पर कोई विश्वास कर सकता है? मत भूलिए, यह सारा पैसा हिंदुस्तान की जनता द्वारा मंदिर निर्माण के दान और चढ़ावे के रूप में दिया गया था।'

गवाहों पर भी सवाल खड़े किए
प्रियंका ने लिखा है कि जमीन की खरीद-बिक्री से संबंधित बैनामे और रजिस्ट्री में गवाहों के नाम एक समान हैं। एक गवाह मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी हैं (जो RSS के पूर्व प्रांतीय कार्यवाहक रहे हैं) और दूसरे गवाह भाजपा नेता एवं अयोध्या के मेयर हैं। प्रियंका ने लिखा है कि ट्रस्ट के सचिव की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि जमीनों के रेट बढ़ गए हैं इसलिए इतना भुगतान हुआ है। सूचना के अनुसार सर्किल रेट पर भी आकलन करें तो इस क्षेत्र की इतनी जमीन का दाम लगभग 5 करोड़ रुपए होगा। प्रियंका गांधी ने लिखा है कि आज के अखबारों में आई खबरों के अनुसार भी राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने की ओर से भी ट्रस्ट के संचालन में मनमानेपन व अपारदर्शिता का आरोप लगाया गया है।

प्रधानमंत्री के बहुत करीबी लोग इसमें ट्रस्टी हैं
महासचिव प्रियंका गांधी ने लिखा है कि देश के करोड़ों लोगों ने आस्था और भक्ति से प्रेरित होकर भगवान राम के मंदिर के लिए चढ़ावा दिया। हमारी कई सारी बहनों ने भगवान राम और माता सीता के प्रति श्रद्धा में अपनी जमा पूंजी को उनके चरणों में अर्पित किया। भगवान के चढ़ावे में तो कोई भी हाथ नहीं लगाता। उस चढ़ावे में लोगों की श्रद्धा, भक्ति एवं आस्था गुंथी होती है।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने लिखा है कि श्री राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री जी ने किया था। प्रधानमंत्री के बहुत करीबी लोग इसमें ट्रस्टी हैं। ट्रस्ट का सीधा आशय भरोसे से होता है। अपने फेसबुक पोस्ट के अंत में महासचिव प्रियंका गांधी ने लिखा है कि ''आस्था में अवसर'' तलाशने का कोई भी प्रयास करोड़ों भारतीयों की आस्था पर चोट है और महापाप का भागी है। माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर श्री राम मंदिर ट्रस्ट का गठन हुआ है। देशवासियों की तरफ से हमारी मांग है कि सुप्रीम कोर्ट पूरे घोटाले की अपनी निगरानी में जांच करवाए।

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