बाराबंकी हादसा...RTO की लापरवाही में गई 19 लोगों की जान:जांच में बड़ा खुलासा, रामपुर RTO ने 55 सीटर बस को 85 सीटर करने की मंजूरी दी थी; टेक्निकल इंस्पेक्टर को सस्पेंड किया गया

लखनऊ6 महीने पहले
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27 जुलाई को लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर सड़क किनारे खड़ी स्लीपर कोच बस को तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी थी। - फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
27 जुलाई को लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर सड़क किनारे खड़ी स्लीपर कोच बस को तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी थी। - फाइल फोटो

बाराबंकी सड़क हादसे को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। मालूम चला है कि जिस बस का एक्सल टूटा था और बाद में वह हादसे का शिकार हुई वो 55 सीटर थी जिसे रामपुर RTO ने 85 सीटर करने की मंजूरी दे दी थी। हादसे वाले दिन इस बस में 150 यात्री सवार थे। इस मामले में टेक्निकल इंस्पेक्टर चंपालाल को दोषी पाया गया है। चंपालाल की रिपोर्ट के आधार पर ही बस को 85 सीटर करने की मंजूरी मिली थी। शासन ने आरोपी इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया है।

19 मौतों के जिम्मेदार का केवल सस्पेंशन ?
27 जुलाई को हरियाणा से स्लीपर कोच बस बिहार जा रही थी। ओवरलोड होने के कारण बाराबंकी में बस का एक्सल टूट गया। इसके बाद बस को सड़क पर खड़ा करके वह मैकेनिक को बुलाने चला गया था। इसी दौरान एक ट्रक ने पीछे से बस को टक्कर मार दी थी। हादसे में 19 यात्रियों की मौत हो गई थी। ऐसे में सवाल ये उठता है कि 19 मौतों के जिम्मेदार का केवल सस्पेंशन करना कितना उचित है? क्या इस मामले में आरोपी के खिलाफ आपराधिक केस नहीं चलने चाहिए? क्यों नहीं आरोपी टेक्निकल इंस्पेक्टर व अन्य अफसरों के खिलाफ हत्या का मुकदमा चलाया जा रहा है ?

हादसे में बस में सवार 19 यात्रियों की मौत हो गई थी।
हादसे में बस में सवार 19 यात्रियों की मौत हो गई थी।

शासन को मिली जांच रिपोर्ट
बाराबंकी सड़क दुर्घटना की जांच कर रहे RTO बाराबंकी ने अपनी रिपोर्ट प्रमुख सचिव परिवहन को सौंप दी है। शनिवार को प्रमुख सचिव ने रिपोर्ट का अवलोकन किया। रिपोर्ट में बताया गया है कि दुर्घटनाग्रस्त बस UP22T-7918 का रजिस्ट्रेशन 1 अक्टूबर 2014 को मुरादाबाद में किया गया था। उस समय बस में कंपनी फिटेड 42 स्लीपर, 12 सिटिंग और 1 ड्राइवर सहित कुल 55 सीटें थी।

कमाई के लिए गाड़ी में सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए बस मालिक ने रामपुर RTO में संपर्क किया। यहां उसकी मुलाकात चंपालाल से हुई। चंपालाल ने अपने फायदे के लिए 30 दिसंबर 2015 को बस में सीटों की संख्या 55 से 85 करने की अनुमति दे दी।

85 सीट पर 150 सवारियां भरकर सैकड़ों किलोमीटर का सफर कर रही थी बस
रिपोर्ट के मुताबिक, किसी भी वाहन में अल्टरेशन करने की अनुमति देने का अधिकार चंपालाल के पास नहीं था। कंपनी फिटिंग में कोई भी बदलाव विशेष परिस्थितियों में ही किया जा सकता है। चंपालाल की गलती का फायदा उठाकर बस में 85 सीट पर 150 से ज्यादा सवारियां बैठाकर हरियाणा से बिहार ले जाई जा रही थी।

ठूंस कर सवारियां भरी होने की वजह से ही ट्रक से टक्कर होने पर इतनी बड़ी संख्या में मौतें हुई। जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रमुख सचिव ने चंपालाल को निलंबित कर उनके खिलाफ आगे की जांच ARTO बरेली को सौंपी है।

बस हरियाणा से बिहार जा रही थी
27 जुलाई को लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर सड़क किनारे खड़ी स्लीपर कोच बस को तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी थी। हादसे में बस में सवार और उसके नीचे सो रहे 19 यात्रियों की मौत हुई। 23 से ज्यादा घायल हुए थे। बस हरियाणा से बिहार जा रही थी।

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