विदेशों में पहुंची LU की धमक:फॉरेन स्टूडेंट्स के लिए बेस्ट एजुकेशनल इंस्टीट्यूट बनकर उभरा लखनऊ विश्वविद्यालय, इस साल रिकॉर्ड एडमिशन एप्लीकेशन आए

लखनऊ4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

लखनऊ विश्वविद्यालय विदेशी छात्रों को खूब भा रहा है। अफगानिस्तान, इंडोनेशिया, श्रीलंका से लेकर रूस और अफ्रीकन व यूरोपियन देशों के स्टूडेंट्स भी यहां पढ़ने के लिए पहुंच रहे हैं। इस साल पिछले वर्षों के मुकाबले फॉरेन एडमिशन की संख्या में काफी इजाफा देखने को मिला है।

पिछले साल जहां कुल दाखिले करीब 100 हुए थे तो वहीं इस साल 371 एडमिशन फॉर्म आए हैं। इस संख्या में अभी और इजाफा होने की उम्मीद जताई जा रही है। अब तक का यह रिकॉर्ड आवेदन है। इससे पहले कभी भी यहां इतने बड़े पैमाने पर दाखिले के लिए विदेशी स्टूडेंट्स के एडमिशन फॉर्म नहीं आए थे।

इन देशों से आ रहे छात्र

विश्वविद्यालय के इंटरनेशनल स्टूडेंट्स एडवाजर प्रो. आरपी सिंह के अनुसार विदेशी स्टूडेंट्स का रुझान लखनऊ विश्वविद्यालय की ओर है। पिछले साल करीब 100 स्टूडेंट्स ने ऑनलाइन दाखिले लिए थे। इस बार आवेदन की संख्या 371 पहुंच गई है। अभी 30 जून तक ऑनलाइन आवेदन का मौका है।

ज्यादातर दावेदार दक्षिण एशियाई देशों से हैं। फॉरेन स्टूडेंट्स ने लखनऊ विश्वविद्यालय में रहकर भारत की संस्कृति, साहित्य, संगीत के साथ-साथ अंग्रेजी और प्रबंधन जैसे पाठ्यक्रमों को पढ़ने में रुचि दिखाई है। अफगानिस्तान के अलावा इंडोनेशिया, तजाकिस्तान, रूस, केन्या, श्रीलंका, नेपाल और नामीबिया जैसे देशों से भारत आने वाले स्टूडेंट्स की संख्या काफी है। अब आए हुए आवेदन पत्रों की स्क्रीनिंग के बाद संबंधित देश के दूतावास को सूचना भेज दी जाएगी, जिससे प्रवेश की प्रक्रिया पूरी की जा सके।

लखनऊ यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने वाले ज्यादातर विदेशी छात्र साउथ अफ्रीकी देशों के होते हैं।
लखनऊ यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने वाले ज्यादातर विदेशी छात्र साउथ अफ्रीकी देशों के होते हैं।

मैनेजमेंट कोर्स की है सबसे ज्यादा डिमांड
विदेशी स्टूडेंट्स में लखनऊ विश्वविद्यालय में आकर एमबीए जैसे कोर्स में एडमिशन लिए भारी डिमांड है। इसमें अफ्रीकी देशों से आने वाले छात्रों की संख्या भी बड़ी है। इसके अलावा बीते दिनों ट्रेंड में कुछ बदलाव भी देखने को मिला। अब हिंदी और संस्कृत सीखने के लिए भी स्टूडेंट्स एलयू पहुंच रहे हैं। बीते सत्र में पहली बार इटली की एक छात्रा ने यहां हिंदी में शोध के लिए दाखिला लिया था। इसी तरह मॉरीशस की एक छात्रा की ओर से हिंदी में पीएचडी के लिए आवेदन प्राप्त हुआ था।

5 सालों में कितने विदेशी छात्रों ने लिया दाखिला

वर्ष 2016 में सिर्फ 8 विदेशी छात्रों ने लखनऊ विश्वविद्यालय में दाखिला लिया था।

वर्ष 2018 में दाखिला लेने वालों की संख्या 33 तक पहुंची।

वर्ष 2019 में 52 विदेशी छात्रों ने लखनऊ विश्वविद्यालय में एडमिशन के लिए अप्लाई किया।

वर्ष 2020 में दाखिले के लिए आवेदन करने वालों की संख्या 135 तक पहुंच गई।

वर्ष 2021 में दाखिले के लिए आवेदन की संख्या अभी तक 371 तक पहुंच चुकी है।

विदेशी छात्रों के लिए बेजोड़ है सुविधाएं

एक और जहां लखनऊ विश्वविद्यालय में विदेशी छात्रों का रुझान बढ़ रहा है तो वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन भी उनके स्वागत की तैयारियों में लगा हुआ है। स्टूडेंट्स को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विश्वविद्यालय ने हॉस्टल में व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जा रही हैं। पहले इन स्टूडेंट्स के रहने की व्यवस्था बलरामपुर अंतरराष्ट्रीय छात्रावास में की जाती थी, लेकिन अब आचार्य नरेंद्र देव छात्रावास को पूरी तरह से विदेशी छात्रों के लिए तैयार किया जा रहा है। छात्रावास के एक ब्लॉक को मॉडल लुक के साथ डिजाइन और फर्निश किया गया है। यहां छात्रों को डीप फ्रीजर से लेकर सभी दूसरी सुविधाएं भी मिलेंगी।

खबरें और भी हैं...