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RLD और सपा के बीच गठबंधन की तारीख तय:मुलायम के जन्मदिन से ठीक पहले जयंत और अखिलेश करेंगे आधिकारिक ऐलान, सीटों का बंटवारा हो चुका

लखनऊएक महीने पहले

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और RLD नेता जयंत चौधरी ने विधानसभा चुनाव 2022 एक साथ लड़ने का फैसला कर लिया है। सीटों का बंटवारा भी हो चुका है। अब गठबंधन का आधिकारिक ऐलान दोनों नेता एक साथ मुलायम सिंह के जन्मदिन यानी 22 नवंबर से पहले ही करने की तैयारी में हैं। दैनिक भास्कर को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, लखनऊ के एक पांच सितारा होटल का हॉल भी बुक कर दिया गया है। जहां दोनों दलों के नेता एक साथ साझा प्रेस-कॉन्फ्रेंस करेंगे।

प्रियंका-जयंत की मुलाकात से चढ़ा सियासी पारा
दरअसल, इन दिनों विमान मुलाकातों का दौर चल पड़ा है। कुछ दिनों पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की अखिलेश यादव से विमान में मुलाकात हुई। उसके बाद प्रियंका की RLD नेता जयंत चौधरी से एयरपोर्ट पर मुलाकात हुई। इतना ही नहीं, दोनों के एक साथ चार्टर्ड विमान से दिल्ली लौटने के घटनाक्रम ने अचानक से सूबे का सियासी पारा चढ़ा दिया है। आनन-फानन में ही सही, लेकिन इस मुलाकात के दूसरे दिन ही सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से बयान सामने आ गया। जिसमें उन्होंने RLD के साथ गठबंधन तय होने का दावा किया।

RLD 40 सीटों पर अड़ी, सपा ने 32 देना स्वीकारा
सूत्रों की माने तो RLD ने अखिलेश यादव से 40 सीटों की मांग की। समाजवादी पार्टी ने RLD को 32 सीटें देने की बात स्वीकार की है। हालांकि, RLD और समाजवादी पार्टी ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। दोनों दलों के नेताओं ने गठबंधन स्वीकार किया है।

किसान आंदोलन ने रालोद में फूंक दी नई जान
यूपी की विधानसभा में अभी समाजवादी पार्टी के 49 विधायक हैं। जबकि RLD का एक भी विधायक नहीं हैं। जयंत खुद लोकसभा का चुनाव हार चुके हैं। पिता अजीत सिंह के बिना यह छोटे चौधरी का पहला चुनाव होगा। जो वो अपने बल-बूते पर लड़ेंगे। माना जा रहा है कि लगातार चले रहे किसान आंदोलन और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जाट बिरादरी पर इसके असर ने राष्ट्रीय लोक दल में नई जान फूंक दी है।

100 सीटों पर जाट और मुसलमान वोटर्स का गठजोड़ बनाएगा समीकरण
RLD की पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लगभग 13 जिलों में अच्छी पकड़ और मजबूत कैडर है। जो किसान आंदोलन से पुनर्जीवित हुआ है। सपा को भी पश्चिम उत्तर प्रदेश की घनी मुस्लिम आबादी वाली सीटों पर अच्छे वोट मिलने की उम्मीद है। ऐसे में अगर दोनों साथ आते है। तो करीब 100 सीटों पर जाट और मुसलमान बिरादरी के वोटर्स को जोड़कर दोनों अपने-अपने हिस्से की सीटें जीत सकते हैं।

क्या सपा पर दबाव बनाने के लिए जयंत ने जारी किया था घोषणा-पत्र
5 दिन पहले रविवार को जयंत चौधरी ने लखनऊ में एक बड़ा कार्यक्रम किया। पार्टी का 2022 संकल्प पत्र जारी कर दिया। हालांकि, इस कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी की ओर से कोई नेता शामिल नहीं हुआ। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या अलग संकल्प पत्र जारी करके RLD,सपा पर ज्यादा सीटें देने के दबाव बनाना चाहती है।

इस सवाल पर जयंत ने कहा था कि गठबंधन बनाने से पहले हमने अपने संकल्प पत्र को जारी करके प्रदेश की जनता को बताया है कि RLD के लिए मुद्दे क्या हैं। जब गठबंधन होगा, जो भी कॉमन चीज़ें होंगी। वह हम सब साथ बैठकर तय करेंगे।