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महिलाओं की तस्करी कर रहे रोहिंग्या:बांग्लादेशी रिफ्यूजी कैंप से निकलकर भारत आ रहे रोहिंग्या; महिलाओं को रोजगार का झांसा देकर विदेश में बेचते हैं; 2 हजार ठिकानों पर ATS की नजर

लखनऊएक महीने पहले
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चौंकाने वाली बात यह है कि मेरठ में पकड़े गए रोहिंग्या भारतीय दस्तावेजों के सहारे कई बार विदेश यात्रा भी कर चुके थे। - Dainik Bhaskar
चौंकाने वाली बात यह है कि मेरठ में पकड़े गए रोहिंग्या भारतीय दस्तावेजों के सहारे कई बार विदेश यात्रा भी कर चुके थे।

उत्तर प्रदेश में ठिकाना बना रह रहे बांग्लादेशी परिवार की महिलाओं को रोहिंग्या निशाना बना रहे हैं। इन्हें रोजगार का झांसा देकर विदेश में ले जाकर बेच रहे हैं। एटीएस ने शुक्रवार को जब मेरठ से चार रोहिंग्या को गिरफ्तार किया तो मानव तस्करी के नए खेल का खुलासा हुआ। अधिकारियों का दावा है कि ये रोहिंग्या बांग्लादेश के रिफ्यूजी कैंप से निकलकर भारत पहुंचे थे। यहां पर मानव तस्करी के काम में शामिल थे। चौंकाने वाली बात यह है कि ये लोग भारतीय दस्तावेजों के सहारे कई बार विदेश यात्रा भी कर चुके थे।

ADG कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि एटीएस की टीम ने मेरठ के खरखौदा से हाफिज शफीक, अजीजुर्रहमान, मुफीज्जुरहमन और मोहम्मद इस्लाम को गिरफ्तार किया। इनके पास से भारतीय नागरिकता से जुड़े कई दस्तावेज बरामद हुए हैं। पूछताछ में पता चला कि चारो रोहिंग्या नागरिक हैं और दो साल पहले बंग्लादेश के रिफ्यूजी कैंप से निकलकर भारत आए थे। हाफिज शफीक इनका गैंग लीडर है। यह यहां पर मानव तस्करी कर रहे थे।

यूपी एटीएस ने रोहिंग्याओं की कुंडली खंगालना शुरू कर दिया है।
यूपी एटीएस ने रोहिंग्याओं की कुंडली खंगालना शुरू कर दिया है।

तीन महिलाओं को मलेशिया में बेचा गया था

ATS की छानबीन में पता चला कि चारों ने भारतीय दस्तावेजों के सहारे कई विदेश यात्राएं की हैं। आरोपियों ने कबूल किया वो यूपी में रह रही उनके देश की और बांग्लादेशी परिवार की महिलाओं को विदेश ले जाकर बेच रहे हैं। उन्होंने अभी तक तीन महिलाओं के बारे में जानकारी दी है जिन्हें देह व्यापार के लिए मलेशिया में बेचा गया है। IG ATS जीके गोस्वामी का कहना है कि और कितनी महिलाएं इस गैंग के जरिए मानव तस्करी की शिकार हुई हैं। इसका पता लगाया जा रहा है।

एटीएस को जानकारी मिली है कि रोहिंग्या बांग्लादेश से आकर यहां महिलाओं को नौकरी का झांसा देकर विदेश ले जाकर बेचने का काम कर रहे हैं।
एटीएस को जानकारी मिली है कि रोहिंग्या बांग्लादेश से आकर यहां महिलाओं को नौकरी का झांसा देकर विदेश ले जाकर बेचने का काम कर रहे हैं।

सोने की तस्करी करने वाले गिरोह के दो सदस्यों से मिला सुराग

ATS ने इसी गिरोह के दो सदस्य मोहम्मद आमीन और मोहम्मद रफीक को गुरुवार को अलीगढ़ से गिरफ्तार किया था। दोनों म्यांमार के मारिक्कम मांगड़ू के मूल निवासी हैं। इन्हीं से इन चारों के बारे में जानकारी मिली थी। गुरुवार को पकड़े गए दोनों आरोपियों के पास से सोने के बिस्किट मिले थे जो खाड़ी देशों से तस्करी करके लाए गए थे।

ADG प्रशांत कुमार का कहना है कि रोहिंग्याओं को अलग, अलग गिरोह अलग-अलग तरह के अपराध में शामिल है। यह रुपयों का लेनदेन हवाला के जरिए कर रहे हैं। इनके किन बैकों में कहां कितने खाते हैं और उनमें कितने ट्रांजेक्शन हुए हैं इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।

एटीएस और पुलिस की टीमें 2000 रोहिंग्याओं के ठिकानों की जानकारी जुटा रही है।
एटीएस और पुलिस की टीमें 2000 रोहिंग्याओं के ठिकानों की जानकारी जुटा रही है।

2000 रोहिंग्याओं के ठिकानों की जानकारी जुटा रही पुलिस टीमें

ADG ने बताया कि रोहिंग्या भारत और यूपी में जनसंख्या में असंतुलन पैदा करने के खास मकसद ने एंट्री कर रहे हैं। इस साल अभी तक यूपी में 15 रोहिंग्या की गिरफ्तारी हो चुकी है और करीब 2000 रोहिंग्याओं के रहने की जानकारी मिली है। इनके ठिकानों का पता लगाने के लिए हर जिले की पुलिस टीमों को लगाया गया है। इन्हें देश मे लाने के पीछे किस पार्टी या संगठन का हाथ है इसका भी पता लगाया जा रहा है।

पुलिस ने खुलासा किया है कि रोहिंग्या महिलाओं को विदेश में ले जाकर बेचते हैं और पैसों का लेनदेन यह हवाला कारोबार के जरिए करते हैं।
पुलिस ने खुलासा किया है कि रोहिंग्या महिलाओं को विदेश में ले जाकर बेचते हैं और पैसों का लेनदेन यह हवाला कारोबार के जरिए करते हैं।
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