लखनऊ के जायके के दीवाने आदित्य कपूर:बोले- 'दावते इश्क' शूट करने के बाद मेरा वजन बढ़ गया था, डायरेक्टर से डांट खाई थी

लखनऊ5 महीने पहलेलेखक: प्रवीण राय

एक्टर आदित्य राय कपूर और एक्ट्रेस संजना सांघी अपनी अपकमिंग मूवी राष्ट्र कवच ओम के प्रमोशन के लिए पहुंचे। लखनऊ की तारीफ करते हुए आदित्य ने कहा,"यहां का व्यंजन बहुत ही लजीज होता है। हमने 'दावते इश्क' फिल्म शहर में ही शूट की थी। मेरा वेट यहां के लजीज खाने की वजह से 3 से 4 किलो तक बढ़ गया था। वापस लौटा तो डायरेक्टर से डांट भी खानी पड़ी थी।

अपकमिंग मूवी राष्ट्र कवच ओम के बारे में पूछे जाने पर आदित्य ने कहा, "इस फिल्म में अब तक का सबसे ज्यादा एक्शन किया है। संजना ने भी एक्शन के लिए स्पेशल ट्रेनिंग ली। दोनों एक्टर्स से भास्कर ने बात की। पढ़िए इंटरव्यू।

पहले पढ़िए सवाल और उन पर आदित्य का जवाब

आदित्य कपूर और एक्ट्रेस संजना सांघी रविवार को फिल्म के प्रमोशन के लिए लखनऊ आए थे
आदित्य कपूर और एक्ट्रेस संजना सांघी रविवार को फिल्म के प्रमोशन के लिए लखनऊ आए थे

सवाल:राष्ट्र कवच ओम ' के बारे में कुछ बताइए?
जवाब- यह एक्शन फिल्म है। इसमें भरपूर एक्शन देखने को मिलेगा। मसाला और इमोशन भी है। यह फिल्म एक परिवार के बारे में है।

सवाल: आपकी छवि रोमांस वाले हीरो की रही। एक्शन में आने की वजह?
जवाब: (मुस्कराते हुए), हां एक्शन फिल्म बढ़ी हैं। छोटा था तो एक्शन फिल्में देखकर बड़ा हुआ। मेरी पहली फिल्म में रोमांस था। उसके बाद ऐसी ही फिल्में आई। लेकिन उसके बाद हमने एक्शन भी किया। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि रोमांस लाइफ से खत्म हो गया। वह तो हमेशा रहेगा।

सवाल: इस फिल्म में फिटनेस को लेकर क्या खास किया?
जवाब: हां, इस फिल्म में फिटनेस पर काफी मेहनत की है। एक्शन भी सीखना था। 'मलंग' में थोड़ा बहुत एक्शन किया था। लेकिन इस फिल्म के लिए चार महीने की एक्शन ट्रेनिंग ली थी। ये मेरे कैरियर की फिजिकली चैलेजिंग फिल्म थी।

अमीनाबाद स्थित प्रकाश कुल्फी का मजा लेते आदित्य और संजना
अमीनाबाद स्थित प्रकाश कुल्फी का मजा लेते आदित्य और संजना

सवाल: लखनऊ में आप पहले भी शूटिंग कर चुके हैं। कोई अनुभव?
जवाब: लखनऊ में हमने 'दावते इश्क' फिल्म शूट की थी। उस फिल्म की थीम भी खाना थी। उस समय जिस हालत में आया और जिस रुप में घर गया, वह दोनों अलग था। मेरा वेट यहां के लजीज खाने की वजह से बढ़ गया था। वापस लौटा तो डायरेक्टर की डांट भी पड़ी। क्योंकि थोड़ा सा भी वेट बढ़ने पर स्क्रीन पर वह बहुत ज्यादा दिखता है।

सवाल: हिंदी से ज्यादा दक्षिण की फिल्में सफल हुई हैं। क्या लोगों का हिंदी सिनेमा से मोह भंग हो रहा?
जवाब: हमने अभी इसका एनालिसिस तो नहीं किया। अभी दक्षिण की केवल 'केजीएफ -2' फिल्म देखी है। वह मुझे बहुत पसंद आई। यह साउथ और नार्थ की बात नहीं है। उसको हमें भारतीय फिल्म कहना चाहिए। इसको लेकर हम लोगों को गर्व महसूस करना चाहिए।

आदित्य और संजना देर रात खाना खाने के लिए दस्तर खान पहुंचे थे।
आदित्य और संजना देर रात खाना खाने के लिए दस्तर खान पहुंचे थे।

सवाल: जैकी श्रॉफ, प्रकाश राज और आशुतोष राणा जैसे कलाकारों के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?
जवाब: बहुत मजा आया। उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला। वे सभी बहुत बड़े कलाकार हैं। जब भी ऐसे कलाकार मिलते हैं यही कोशिश रहती है कि कुछ सीखने को मिले।

सवाल: एक्टर महेश बाबू ने कहा था कि हिंदी सिनेमा उनको अफोर्ड नहीं कर सकता है। आप क्या कहते हैं?
जवाब: (हंसते हुए) कहा कि महेश बाबू ने मजाक में ये बात कही थी। इसे गलत अर्थ में लिया गया।

अब पढ़िए भास्कर के सवाल और संजना के जवाब

संजना ने कहा कि इस फिल्म के लिए एक्शन की स्पेशल ट्रेनिंग लेनी पड़ी। आदित्य ने भी काफी मदद की।
संजना ने कहा कि इस फिल्म के लिए एक्शन की स्पेशल ट्रेनिंग लेनी पड़ी। आदित्य ने भी काफी मदद की।

सवाल: ट्रेलर में आप बहुत सारा एक्शन करते नजर आ रही हैं। फिल्म में आपका क्या रोल है?
जवाब: राष्ट्र कवच ओम एक फूल ऑन एक्शन पार्ट है। इसमें ड्रामा भी देखने को मिलेगा। मेरे कैरेक्टर का नाम काव्या है। मेरा रोल कहानी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

सवाल: आपने एक्शन के लिए क्या खास तैयारी की?
जवाब: मेरे लिए इस फिल्म का एक्शन आई ओपनिंग रहा है। कभी लाइफ में सोचा नहीं था कि ऐसा रोल करने को मिलेंगे। बहुत ट्रेनिंग लेनी पड़ी। यह दूसरी फिल्म है, लेकिन बहुत मजा आया। इसमें कुछ नया करने को मिला।

सवाल: ओटीटी और स्क्रीन सिनेमा में क्या आज कोई अंतर रह गया है?
जवाब: एक्टर के तौर पर ज्यादा अंतर नहीं है। हमारे लिए सब कहानी और किरदार है। उसको वैसे ही कर देते हैं। हालांकि, यह बड़ा कन्फ्यूजिंग दौर है। पिछले तीन से चार महीने में कई फिल्में ऐसी रही जो मुझे बहुत पसंद आई लेकिन वह बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली।

सवाल: एक्टर महेश बाबू के हिंदी मूवी पर कमेंट पर आप क्या सोचती है?
जवाब: बहुत सालों बाद उत्तर भारत की पब्लिक साउथ की मूवी देख रही है। यह अच्छी बात है। हम एक हो रहे हैं।