DGP कॉन्फ्रेंस पर लखीमपुर कांड का साया:PM मोदी के साथ मौजूद रहे केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र, प्रियंका की मंच साझा न करने की अपील बेअसर

लखनऊएक वर्ष पहले
पुलिस मुख्यालय में गृहमंत्री अमित शाह के साथ केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र की तस्वीर सामने आई है। अजय मिश्र टेनी का बेटा आशीष उर्फ मोनू लखीमपुर खीरी हिंसा में आरोपी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को लखनऊ में हो रही DGP कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए। प्रदेश से सांसद और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री होने के नाते अजय मिश्र को भी इसमें रहना था। अजय मिश्र का बेटा लखीमपुर खीरी हिंसा में आरोपी है।

इस पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने PM मोदी को चिट्ठी लिखकर कहा कि मंत्री अजय मिश्र 'टेनी' के बेटे ने किसानों को कुचला है। यह क्रूरता पूरे देश ने देखी है। ऐसे मंत्री को हटाया जाना चाहिए। आपका ऐसे मंत्री के साथ मंच साझा करना लखीमपुर नरसंहार के कातिलों को संरक्षण देता है। हालांकि, प्रियंका की इस अपील का कुछ असर नहीं हुआ। सूत्रों के मुताबिक, अजय मिश्र भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। उनके अलावा गृह मंत्री अमित शाह और NSA चीफ अजित डोभाल भी शामिल हुए।

प्रियंका ने लिखा- मंच साझा करना किसानों का अपमान
मोदी को लिखी चिट्ठी में प्रियंका ने लिखा था कि अगर किसानों को लेकर आपकी नीयत साफ है, तो अमित शाह और योगी आदित्यनाथ मंत्री अजय मिश्र के साथ मंच साझा न करें। यह पीड़ित किसानों के परिवारों का अपमान है। उन्हें न्याय तभी मिलेगा, जब आरोपियों को बचाया नहीं जाएगा, इसलिए सबसे पहले मंत्री अजय मिश्र को बर्खास्त करें।

प्रियंका की चिट्ठी में किए गए 5 बड़े सवाल

  1. लखीमपुर किसान मामले में अन्नदाताओं के साथ हुई क्रूरता को पूरे देश ने देखा। आपको यह जानकारी भी है कि किसानों को अपनी गाड़ी से कुचलने का मुख्य आरोपी आपकी सरकार के केंद्रीय गृह राज्य मंत्री का बेटा है?
  2. सरकार की मंशा देखकर लगता है कि सरकार किसी विशेष आरोपी को बचाने का प्रयास कर रही है।
  3. मैं लखीमपुर के शहीद किसानों के परिजनों से मिली हूं। वे असहनीय पीड़ा में हैं। सभी का कहना है कि वे सिर्फ अपने शहीद परिजनों के लिए न्याय चाहते हैं और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के पद पर बने रहते हुए उन्हें न्याय की कोई आस नहीं है।
  4. देश की कानून व्यवस्था के ज़िम्मेदार गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आपके मंत्री के साथ मंच साझा कर रहे हैं।
  5. आपने किसानों के हित को देखते हुए कृषि कानूनों को वापस लेने फैसला लिया है। आपने कहा कि देश के किसानों के प्रति आप नेक नीयत रखते हैं। अगर ऐसा है तो लखीमपुर मामले में किसान पीड़ितों को न्याय दिलवाना भी आपके लिए सर्वोपरि होना चाहिए। मंत्री के साथ मंच पर विराजमान होने की बजाय उसे बर्खास्त करिए।
लखीमपुर में हिंसा के बाद भीड़ ने दो गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया था।
लखीमपुर में हिंसा के बाद भीड़ ने दो गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया था।

लखीमपुर में 3 अक्टूबर को क्या हुआ था?
लखीमपुर जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर नेपाल की सीमा से सटे तिकुनिया गांव में 3 अक्टूबर को दोपहर करीब तीन बजे किसान प्रदर्शन कर रहे थे, तभी अचानक से तीन गाड़ियां (थार जीप, फॉर्च्यूनर और स्कॉर्पियो) किसानों को रौंदते चली गईं। घटना से आक्रोशित किसानों ने जमकर हंगामा किया। इस हिंसा में कुल 8 लोगों की मौत हो गई। इसमें 4 किसान, एक स्थानीय पत्रकार, दो भाजपा कार्यकर्ता शामिल हैं।

यह घटना तिकुनिया में आयोजित दंगल कार्यक्रम में UP के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के पहुंचने से पहले हुई। घटना के बाद उप मुख्यमंत्री ने अपना दौरा रद्द कर दिया था। आरोप है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र के बेटे आशीष मिश्र की कार ने विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों को कुचला। इस मामले में मंत्री का बेटा आशीष जेल में है।

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