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लखनऊ में रेस्टोरेंट संचालक और पुलिस में नोकझोंक:पीड़ित बोला- चौकी प्रभारी ने गाली-गलौच करते हुए मारापीटा, व्यापारियों ने थाने पर किया हंगामा; पुलिस बोली- आरोप निराधार

लखनऊ4 महीने पहले
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आशियाना निवासी सत्यपाल सिंह भाटिया। - Dainik Bhaskar
आशियाना निवासी सत्यपाल सिंह भाटिया।

वीकेंड कर्फ्यू के दौरान शनिवार रात लखनऊ के खजाना मार्केट में रेस्टोरेंट संचालक और पुलिस के बीच नोकझोंक हुई। आरोप है कि पुलिस रेस्टोरेंट संचालक को पीटने के बाद पकड़कर थाने ले गई। विरोध में व्यापारियों ने हंगामा किया तो उसे छोड़ा गया। वहीं, पुलिस का कहना है कि लिखा पढ़ी के बाद छोड़ दिया गया। वहीं, दुकान मालिक ने पुलिस पर बेरहमी से पिटाई करने का आरोप लगाते हुए चौकी प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

रेस्टोरेंट संचालक का आरोप- गाली-गलौच करते हुए मारापीटा
मामला अशियाना थानाक्षेत्र का है। यहां के निवासी सतपाल सिंह भाटिया की खजाना मार्केट में बल्ले-बल्ले के नाम से रेस्टोरेंट व नानवेज पॉइंट है। उन्होंने बताया कि शनिवार रात करीब 10:30 बजे रेस्टोरेंट बंद करके वह घर जा रहे थे। इस बीच चौकी प्रभारी सुनील कुमार मौर्या पहुंचे। उन्होंने रेस्टोरेंट खोलने का विरोध किया। गाली-गलौच करते हुए कालर पकड़ लिया। विरोध पर चौकी इंचार्ज मुझे पीटने लगे। इसके बाद वे मुझे और नौकर सौरभ को पकड़कर जीप में बैठाकर ले गए। इसके बाद वे हमें थाने लेकर चले गए। वहां पर भी अभद्रता कर लॉकअप में डाल दिया। उधर, जानकारी पाकर दर्जन भर से ज्यादा व्यापारी थाने पहुंचे और सतपाल को छोड़ने की मांग करते हुए हंगाम करने लगे। इसके बाद दबाव में आई पुलिस ने सतपाल और उनके साथ लाए गए नौकर को छोड़ा। रेस्टोरेंट के संचालक सतपाल सिंह ने चौकी प्रभारी पर कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस बोली - मारपीट का आरोप निराधार

वहीं, इंस्पेक्टर आशियाना ब्रजेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि शनिवार और रविवार वीकेंड कर्फ्यू रहता है। बीती शनिवार रात चौकी प्रभारी ने वीकेंड कर्फ्यू में रेस्टोरेंट खोले जाने का विरोध किया था। इस पर सतपाल सिंह और उनके नौकर ने विरोध किया था। इसके बाद उन्हें थाने लाए। थाने लाए जाने पर लिखा पढ़ी कर उन्हें छोड़ दिया गया था। सतपाल सिंह द्वारा चौकी प्रभारी पर लगाया गया मारपीट का आरोप निराधार है।