यूपी में मंडी शुल्क के विरोध में बंदी:लखनऊ समेत प्रदेश भर में गल्ला मंडियों की दुकानें रही बंद, राइस और दाल मिलों में भी नहीं हुआ काम

लखनऊ21 दिन पहले
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लखनऊ पांडेयगंज स्थित गल्ला मंडी पूरी तरह से बंद रही। - Dainik Bhaskar
लखनऊ पांडेयगंज स्थित गल्ला मंडी पूरी तरह से बंद रही।

मंडी शुल्क खत्म करने की मांग को लेकर शुक्रवार को प्रदेश की सभी गल्ला मंडियां बंद रहीं। गल्ला मंडी कारोबारियों की मांग है कि मंडी से बाहर की दुकानों में कोई शुल्क नहीं लगना चाहिए। पिछले दिनों इसको हटा भी दिया गया था लेकिन कृषि कानून वापस होने के बाद इसको फिर से लागू कर दिया गया है। लखनऊ, कानपुर, आगरा, बनारस, प्रयागराज समेत कई जिलों में इसका व्यापक असर देखने को मिला। लखनऊ में पांडेयगंज गल्ला मंडी, डालीगंज मार्केट समेत कई जगह दुकानें पूरी तरह से बंद रहीं। यहां तक की शहर की दाल और राइस मिल भी नहीं चलीं। मंडी की बाहर की दुकानों को मंडी परिषद को हर साल करीब 1000 करोड़ रुपए का टैक्स आता है।

गल्ला कारोबारी और लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजेंद्र अग्रवाल ने बताया पूरे प्रदेश में बंदी का व्यापक असर देखने को मिला। उन्होंने बताया कि लखनऊ में गुरुवार को साप्ताहिक बंदी के कारण बाजार पहले से ही बंद थे। ऐसे में बंदी दो दिन की हो गई। लखनऊ में करीब 100 से ज्यादा बड़े होल सेल की दुकानें है। इनसे आस- पास के 20 जिलों में माल जाता है। लेकिन बंदी की वजह से कोई काम नहीं हो पाया। इस दौरान करीब 100 करोड़ रुपए ज्यादा का काम प्रभावित है। उन्होंने कहा कि मंडी शुल्क का विरोध हर स्तर पर किया जाएगा। अगर इसको कैंसिल नहीं किया गया तो वोट की चोट से सरकार को अपनी ताकत दिखाएंगे। आश्वासन के बाद भी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

बंद रहीं दाल मिल

लखनऊ , सीतापुर, आगरा, बाराबंकी समेत प्रदेश के ज्यादातर जिलों में दाल मिल भी बंद रहीं। लखनऊ दाल एवं राइज मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भारत भूषण गुप्ता ने बताया कि कहीं भी मिल नहीं चली। न कोई माल वहां पहुंचा है न कोई माल उठा है। व्यापारी आरपार की लड़ाई लड़ेगा।

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