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अफवाह में उलझीं स्मृति ईरानी और आरफा खानम:अमेठी में नाना के लिए सोशल मीडिया पर मांगी ऑक्सीजन; पुलिस ने युवक पर दर्ज किया केस

अमेठी5 महीने पहले
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अमेठी पुलिस ने चेतावनी देकर आरोपी युवक को छोड़ा। - Dainik Bhaskar
अमेठी पुलिस ने चेतावनी देकर आरोपी युवक को छोड़ा।

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में कोरोना संकट के बीच एक युवक को अफवाह फैलाना भारी पड़ा। पुलिस ने युवक पर केस दर्ज किया है। दरअसल, युवक ने अपने नाना के लिए सोशल मीडिया के जरिए पत्रकार आरफा खानम और बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद से ऑक्सीजन की मदद मांगी। आरफा खानम के जब प्रतिक्रया की तो तत्काल इसका अमेठी की सांसद स्मृति ईरानी ने संज्ञान लिया। सांसद ने खुद युवक के नंबर पर फोन किया। लेकिन संपर्क नहीं हो सका। कुछ देर बाद पता चला कि युवक के नाना की मौत हो गई।

आखिरकार जिला प्रशासन और पुलिस महकमा हरकत में आया तो मामला कुछ और ही निकला। युवक के नाना की कोविड जांच नहीं हुई थी। उनकी मौत हार्ट अटैक से हुई थी। पुलिस ने युवक को हिरासत में लेने के बाद रिहा कर दिया है।

सोमवार की रात मांगी थी मदद

यह पूरा मामला अमेठी के रामगंज थाना क्षेत्र के रतापुर गांव का है। गांव निवासी शशांक यादव ने 26 अप्रैल की रात 8:00 बजे सोशल मीडिया लिखा कि अमेठी में हमारे दोस्त के नाना के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता है। पत्रकार आरफा खानम ने मामले का संज्ञान लेते हुए अमेठी की सांसद और कैबिनेट मंत्री स्मृति ईरानी से मदद करने के लिए कहा। इसके बाद केंद्रीय मंत्री हरकत में आ गईं। उन्होंने खुद शशांक के नंबर पर कॉल किया, लेकिन संपर्क नही हुआ। अमेठी सांसद स्मृति ईरानी ने जानकारी दी कि शशांक यादव से फोन पर संपर्क नहीं हो पा रहा है। बाद में आरफा खानम ने एक और जानकारी दी कि नाना जी गुजर गए।

युवक का पहला ट्वीट और उसके बाद आरफा खानम की प्रतिक्रिया।
युवक का पहला ट्वीट और उसके बाद आरफा खानम की प्रतिक्रिया।

दूर के रिश्तें में थे नाना, घर पर सोता मिला युवक
तब तक अमेठी पुलिस, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य महकमा भी सक्रिय हो चुका था। अमेठी के पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह ने बताया कि हमने और CMO ने कई बार शशांक से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन बंद था। हमें लगा कि मुश्किल की घड़ी में फोन किसी वजह से बंद हो गया होगा। लिहाजा हमने मोबाइल की लास्ट लोकेशन को ट्रेस किया और उसके घर पुलिस पहुंची उस समय शशांक घर में सो रहा था। शशांक से पूछताछ के दौरान पता चला कि बुजुर्ग दूर के रिश्ते में शशांक के नाना लगते थे। वे 88 साल के थे और बीमार थे। हालांकि उन्हें न तो कोरोना था और न ही ऑक्सीजन के लिए कोई चिकित्सीय परामर्श ही डॉक्टर द्वारा दी गई थी।

स्मृति ईरानी की प्रतिक्रिया और पुलिस का एक्शन।
स्मृति ईरानी की प्रतिक्रिया और पुलिस का एक्शन।

इन धाराओं में केस दर्ज, चेतावनी देकर पुलिस ने रिहा किया

शशांक के खिलाफ रामगंज थाने में IPC की धारा 188, 269, 505, 03 महामारी अधिनियम और आपदा अधिनियम की धारा 54 के तहत केस दर्ज किया गया। इसके बाद 41 की नोटिस तामील करवाकर चेतावनी देते हुए उसे छोड़ दिया गया।

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