बाबा मुख्यमंत्री नहीं कर सके कोई बड़ा काम:लखनऊ HCL में जनसभा के दौरान अखिलेश ने कसे तंज

लखनऊ7 महीने पहले

सपा मुखिया अखिलेश यादव ने रविवार को लखनऊ के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में रथ यात्रा निकाली। रविवार को HCL IT City लखनऊ से निकलकर महुराकला तक विजय रथ यात्रा पहुंची। सुबह 11 बजे एचसीएल के सामने संबोधन करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि नए साल में उत्तर प्रदेश में भी बदलाव होगा। नए साल में उत्तर प्रदेश में कोई भी वर्ग ऐसा नहीं है जो बदलाव न चाहता हो। अब तक जहां विकास हो जाना चाहिए था, वहां नौजवान नौकरी के लिए तरस रहा है। UP की भाजपा सरकार चाहे स्वास्थ्य हो या शिक्षा, सरकार हर मोर्चे पर फेल है। छापेमारी पर अखिलेश ने कहा कि कानपुर में जो पैसा मिला वो भाजपा का।

यहां जंगल हुआ करता था

गोसाईंगंज में एचसीएल पर बोलते हुए अखिलेश ने कहा कि यहां पर जंगल हुआ करता था। डेयरी का थोड़ा बहुत कार्य होता था, लेकिन समाजवादी सरकार ने यहां अमूल प्लांट के साथ ही तकनीकी शिक्षा नौकरी के लिए बच्चों को बाहर जाना पड़ता है। एचसीएल बनने के बाद अब बच्चों को बाहर नहीं जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार में चक गजरिया लखनऊ के लिए नहीं पूरे देश के लिए उदाहरण बना है कि एक शहरी विकास कैसे किया जा सकता है।

लखनऊ में एचसीएल में अभिवादन स्वीकार करते पूर्व सीएम अखिलेश।
लखनऊ में एचसीएल में अभिवादन स्वीकार करते पूर्व सीएम अखिलेश।

इकाना के अलावा नहीं है कोई आयोजन स्थल

CM योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जो बाबा मुख्यमंत्री है उन्हें कोई बड़ा काम करना पड़ता है तो वह अपने बनाए हुए स्टेडियम को नहीं ढूंढते हैं, बल्कि समाजवादियों के बनाए हुए इकाना स्टेडियम मैं कार्यक्रम करते हैं। उन्होंने कहा कि ओलंपिक के खिलाड़ियों को सम्मान देना था तो उस वक्त पूरे उत्तर प्रदेश में उनको इकाना स्टेडियम ही मिला था। हम समाजवादी लोग खेल को समझते हैं। उन्होंने कहा कि बाबा मुख्यमंत्री क्या क्रिकेट खेल सकते हैं, क्या बॉलिंग कर सकते हैं, फील्डिंग कर सकते हैं? क्या बाबा मुख्यमंत्री लैपटॉप चला लेते हैं, टेबलेट चला पाएंगे। अखिलेश ने उपस्थित भीड़ से अपील करते हुए कहा- हम आपसे निवेदन करना चाहते हैं। अगर उत्तर प्रदेश का खुशहाली के रास्ते पर ले जाना चाहते हैं तो योग्य सरकार बनानी होगी।

अखिलेश यादव ने कहा कि नए साल में उत्तर प्रदेश में भी बदलाव होगा।
अखिलेश यादव ने कहा कि नए साल में उत्तर प्रदेश में भी बदलाव होगा।

ब्राह्मणों को रिझाने की कोशिश

समाजवादी पार्टी ने राज्य में परशुराम की प्रतिमा को लगाने का ऐलान काफी पहले कर दिया था। लेकिन अब चुनाव नजदीक आने के साथ ही इसके राजनीतिक लाभ लेने की तैयारी चल रही है। इससे उप्र में अहम माने जाने वाले ब्राह्मणों को अपने पाले में लाया जा सके। बताया जा रहा है कि अखिलेश पार्टी कार्यालय से पूर्वांचल एक्सप्रेस - वे के लिए निकले। मौरा गांव में बनी परशुराम की मूर्ति के पास ही जनसभा की जाएगी।

समाजवादी पार्टी ने राज्य में परशुराम की प्रतिमा को लगाने का ऐलान काफी पहले कर दिया था।
समाजवादी पार्टी ने राज्य में परशुराम की प्रतिमा को लगाने का ऐलान काफी पहले कर दिया था।

बाबा मुख्यमंत्री नहीं कर सकते बैटिंग या बॉलिंग

सीएम योगी पर तंज कसते हुए अखिलेश बोले कि बाबा मुख्यमंत्री क्या क्रिकेट खेल सकते हैं क्या? बॉलिंग कर सकते हैं क्या? विकेटकीपर बन कर बोल पकड़ सकते हैं। क्या बाबा मुख्यमंत्री कैच ले सकते हैं। बाला मुख्यमंत्री फील्डिंग कर सकते हैं।

समाजवादी पार्टी ने राज्य में परशुराम की प्रतिमा को लगाने का ऐलान काफी पहले कर दिया था।
समाजवादी पार्टी ने राज्य में परशुराम की प्रतिमा को लगाने का ऐलान काफी पहले कर दिया था।

योग्य सरकार बनाने की अपील

अखिलेश ने कहा कि बाबा मुख्यमंत्री लैपटॉप चला लेते हैं। क्या बाबा मुख्यमंत्री टेबलेट चला पाएंगे। जहां लैपटॉप नहीं चला पाते वहीं स्मार्टफोन भी नहीं चला पाते हैं। इसलिए हम आपसे निवेदन करना चाहते हैं अगर उत्तर प्रदेश का खुशहाली के रास्ते पर ले जाना चाहते हैं तो योग्य सरकार बनानी होगी।

अखिलेश को सुनने के लिए उमड़े कार्यकर्ता।
अखिलेश को सुनने के लिए उमड़े कार्यकर्ता।

कानपुर में जो पैसा निकला वह भारतीय जनता पार्टी का था

उत्तर प्रदेश सरकार केवल अपनी वाहवाही के नाम पर छापे मार रही है। सरकार के निशाने पर जैन समाज के लोग हैं। पूर्व सीएम ने कहा कि पहले वाले गलत जैन कहां चले गए। अब अपनी शर्मिंदगी बचाने के लिए, जो गलत छापा मारा था अब फिर से छापा मार रहे हैं। जैन समाज के लोग ज्यादा से ज्यादा 5000000 होंगे। सरकार शायद चाहती है कि जैन समाज के 5000000 लोग भी चैन से रहें। कानपुर मैं जो पैसा निकला वह भारतीय जनता पार्टी का था।

सभा के दौरान गाड़ी में मौजूद पूर्व सीएम के बच्चे।
सभा के दौरान गाड़ी में मौजूद पूर्व सीएम के बच्चे।

सहयोगियों के साथ करेंगे बैठक

दो जनवरी को सपा पूरे प्रदेश के जिला कार्यालय पर बैठक करेगी। इस दौरान विधान सभा चुनाव 2022 में उनके साथ आए सहयोगी दलों के पदाधिकारियों को भी इस बैठक में बुलाया गया है। बताया जा रहा है कि 10 जनवरी तक आचार संहिता लागू कर दी जाएगी। उसके बाद चुनाव का आधिकारिक तौर पर ऐलान भी हो जाएगा। ऐसे में अपनी तैयारी मजबूत करने के लिए यह बैठक की जा रही है। सपा के साथ इस चुनाव में अब तक रालोद,ओम प्रकाश राजभर ,जनवादी पार्टी समेत कई लोग जुट चुके हैं। ऐसे में चुनाव में यह ताल- मेल बेहतर तरीके से चल सके, इसके लिए यह बैठक की जा रही है।