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UP में पंचायत चुनाव:मार्च तक चुनाव कराने की तैयारी में जुटा आयोग; बन रहीं 90 हजार नई मतपेटियां, 25 दिसंबर को खत्म हो रहा प्रधानों का कार्यकाल

लखनऊ2 महीने पहले
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माना जा रहा है कि प्रदेश में मतदेय स्थलों की संख्या लगभग दो लाख होगी। ऐसे में कुल मतदेय स्थलों की संख्या के ढाई गुना के अनुसार पांच लाख मतपेटियों की जरूरत होगी। इसमें दस प्रतिशत बढ़ते हुए साढ़े पांच लाख मतपेटियों की व्यवस्था की जा रही है। - Dainik Bhaskar
माना जा रहा है कि प्रदेश में मतदेय स्थलों की संख्या लगभग दो लाख होगी। ऐसे में कुल मतदेय स्थलों की संख्या के ढाई गुना के अनुसार पांच लाख मतपेटियों की जरूरत होगी। इसमें दस प्रतिशत बढ़ते हुए साढ़े पांच लाख मतपेटियों की व्यवस्था की जा रही है।
  • पंचायत चुनाव के लिए तैयार हो रहीं 5.50 लाख मतपेटियां, पंचायती राज विभाग ने दिखाई सक्रियता

उत्तर प्रदेश में राज्य निर्वाचन आयोग ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज कर दी है। आयोग चुनाव के लिए 5.50 लाख मतपेटियों की व्यवस्था कर रहा है। इसके लिए जिलों में रखी मतपेटियों की साफ-सफाई व मरम्मत का कार्य तेजी से चल रहा है। साथ ही 90 हजार नई मतपेटियां भी बनवाई जा रही है। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल इसी माह 25 दिसंबर को समाप्त हो रहा है। ऐसे में पंचायत चुनाव इस तिथि से पहले ही हो जाने चाहिए थे। अब ग्राम पंचायतों में प्रधानों के स्थान पर प्रशासकों की नियुक्ति करनी पड़ेगी।

कम समय के लिए होंगे प्रशासक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पंचायत चुनाव को लेकर काफी गंभीर हैं और ग्राम पंचायतों में कम से कम समय के लिए प्रशासक नियुक्त करना पड़े‚ ऐसे में मार्च के अंत तक पंचायत चुनाव कराने की बात कह चुके हैं। मुख्यमंत्री के सीधे हस्तक्षेप के बाद पंचायतीराज विभाग भी अपने को काफी सक्रियता दिखा रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग भी चुनाव की तैयारियों में पूरी तरह से जुट गया है। आयोग ने चुनाव के लिए सबसे ज्यादा जरुरी मतदाता सूची को 22 जनवरी तक पूरा करने का कार्यक्रम जारी किया है। उधर, मतपत्रों की छपाई का कार्य भी तेजी से चल रहा है।

चार पदों पर एक साथ चुनाव कराने की तैयारी
आयोग पंचायत के चारों पदों ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य का चुनाव एक साथ कराने जा रहा है। आयोग कुल मतदेय स्थलों की संख्या से ढाई गुना मतपेटियां चुनाव के लिए भेजता है, जबकि कुल मतपेटियों का दस प्रतिशत आरक्षित रखी जाती हैं। ऐसे में ज्यादा मतपेटियों की जरूरत होगी। इसको देखते हुए आयोग इस बार 5.50 लाख मतपेटियों का व्यवस्था कर रहा है।

वर्ष 2015 के पंचायत चुनाव में प्रदेश में लगभग 1.79 लाख मतदेय स्थल थे। उस समय एक मतदेय स्थल पर मतदाताओं की संख्या एक हजार रखी गयी थी‚ जिसे वर्ष 2021 में होने वाले पंचायत चुनाव में घटाकर 800 किया जा रहा है।

ऐसे में यह माना जा रहा है कि प्रदेश में मतदेय स्थलों की संख्या लगभग दो लाख होगी। ऐसे में कुल मतदेय स्थलों की संख्या के ढाई गुना के अनुसार पांच लाख मतपेटियों की जरूरत होगी। इसमें दस प्रतिशत बढ़ते हुए साढ़े पांच लाख मतपेटियों की व्यवस्था की जा रही है। इस बार प्रति बूथ दो मतपेटी प्रयोग की जाएंगी। इसमें एक मतपेटी में ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य के मत डाले जाएंगे जबकि दूसरी मतपेटी में क्षेत्र पंचायत सदस्य व जिला पंचायत सदस्य के मत डालेंगे। बीते 2015 में इन पदों के लिए अलग-अलग चुनाव होने के कारण एक समय में प्रति बूथ एक-एक मतपेटी प्रयोग की गयी थी। मतपेटियों को लेकर आयोग ने सभी जिलों से रिपोर्ट मंगवा ली है।

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