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UP-TET..कई बड़े चेहरे STF की रडार पर:एजेंसी और प्रिंटिंग प्रेस चयन में जुगाड़ लगाने वाले पैरोकारों की तलाश

लखनऊएक वर्ष पहले
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परीक्षाओं में सेंधमारी को रोकने में नाकाम रही सरकार TET पेपर लीक मामले में कार्रवाई को नजीर बनाना चाहती है। अब तक पुलिस के हाथ केवल सॉल्वरों तक पहुंचकर रुक जाते थे। यह पहला मौका जब परीक्षा नियामक प्राधिकारी के सचिव का निलंबन और मुद्रक की गिरफ्तारी हुई है।

STF अभी तक 36 गिरफ्तारियां कर चुकी है। परीक्षा वाले दिन रविवार को सुबह से रात तक 29 सॉल्वर्स और उनकी मदद लेने वाले अभ्यर्थियों को पकड़ा गया था। मंगलवार को बागपत और बस्ती से सॉल्वर गिरोह के 7 सदस्यों को दबोचा गया।

दोपहर बाद STF ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली के प्रिंटिंग प्रेस RSM Finserv LTD के मालिक राय अनूप प्रसाद को गिरफ्तार कर लिया। इसी प्रिंटिंग प्रेस को निलंबित सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी संजय उपाध्यक्ष के कहने पर प्रश्नपत्र तैयार करने वाली एजेंसी ने छपाई का ठेका दिया था।

कौड़ी छाप प्रेस के हाथ सौंप दिया लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य
STF की जांच में सामने आया कि जिस RSM Finserv प्रेस को प्रश्नपत्रों की छपाई का ठेका दिया गया। उसके पास इन्हें सुरक्षित भंडार करने तक कि जगह नहीं थी। जुगाड़ से ठेका हासिल करने वाले राय अनूप प्रसाद ने खुद के प्रेस में छपाई न करवाकर यह काम दिल्ली की ही एक दूसरी प्रेस को बेंच दिया। इसी प्रेस से पेपर लीक हुआ था। हालांकि ये लापरवाही से हुआ या मोटी रकम लेकर पेपर बेंचा गया। STF ने अभी तक इसका खुलासा नहीं किया है।

अधिकारियों का कहना है कि गोरखपुर निवासी राय अनूप प्रसाद की प्रेस को मुद्रण का ठेका निलंबित संजय उपाध्याय के कहने पर दिया गया था। इतना ही नहीं परीक्षा कराने वाली एजेंसी का चयन भी संजय उपाध्याय ने ही किया था। संजय ने यह चयन कमीशनखोरी में किया या किसी राजनीतिक पैरवी में इसका पता लगाया जा रहा है।

संदिग्ध अधिकारियों के बैंक ट्रांजेक्शन खंगाल रही STF
TET पेपर लीक मामले की चेन की हर कड़ी पर STF की नजर है। दो बड़े चेहरों के बेनकाब होने के साथ ही कई और अधिकारी संदेह के दायरे में आ गए हैं। इनकी भूमिका की जांच करने के साथ ही आर्थिक भ्रष्टाचार की भी छानबीन चल रही है। STF सभी संदिग्धों के बैंक खातों का पता लगाकर उनके ट्रांजेक्शन की डिटेल निकाल रही है। साथ ही इनके नम्बरों की कॉल डिटेल से पता लगाया जा रहा है कि परीक्षा की रूपरेखा तैयार होने के बाद से यह लोग किस-किस के संपर्क में थे।

इन भर्ती परीक्षाओं के पेपर आउट हुए

  • 19 मार्च 2017 में पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में ऑनलाइन पेपर हैक हुआ। इसमें आगरा के ओम ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट से 7 लोग गिरफ्तार किए गए।
  • फरवरी 2018 में उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन JE परीक्षा का पेपर लीक हुआ। उप्र पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड की ऑनलाइन परीक्षा में धांधली पकड़ने के बाद स्पेशल टास्क फोर्स जांच कर रही है।
  • अप्रैल 2018 में यूपी आरक्षी नागरिक पुलिस एवं आरक्षी पीएसी के पद पर भर्ती परीक्षा में गलत पर्चा बंटा। यूपी एसटीएफ ने सॉल्वर गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया।
  • 15 जुलाई 2018 को अवर अधीनस्थ सेवा चयन परीक्षा की पहली पाली में पर्चा लीक हो गया। जांच में इसकी पुष्टि के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई।
  • 1 सितंबर 2018 को नलकूप ऑपरेटर का पेपर आउट हो गया, मेरठ से 11 लोग गिरफ्तार किए गए।
  • स्वास्थ्य विभाग में चतुर्थ श्रेणी से तृतीय श्रेणी प्रोन्नत परीक्षा में धांधली हुई, लेकिन निदेशक पूजा पांडेय पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
  • सिपाही की 41520 सिपाही परीक्षा भर्ती का पेपर आउट हो गया।
  • फरवरी 2018 में फिर से यूपी प्रोजेक्ट पावर कारपोरेशन की 2849 पदों का पेपर लीक हो गया।
  • 17 नवंबर 2014 में कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त हायर सेकेंडरी लेवल परीक्षा में जमकर नकल हुई। परीक्षा के दौरान मोबाइल, इलेक्ट्रानिक गैजेट्स और हल प्रश्नपत्र की कॉपी सहित कई अभ्यर्थी पकड़े गए।
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