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तराशे गए पत्थरों की पहली खेप पहुंची:मिर्जापुर से अयोध्या पहुंचे स्लेटी कलर के 30 पत्थर, कुल 19 हजार आने हैं; अक्टूबर से शुरू होगा इनका इस्तेमाल

अयोध्याएक महीने पहले
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उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य बहुत तेजी से चल रहा है। बताया जा रहा है कि अयोध्या के राम मंदिर की नींव के लिए बन रही 44 लेयर के ऊपर लगने के लिए मिर्जापुर से स्लेटी पत्थरों की पहली खेप अयोध्या पहुंच गई है। मिर्जापुर में तराशने के बाद 4 फुट लंबे, 2 फुट चौड़े और 2 फुट मोटे इन पत्थरों के 30 टुकड़े अयोध्या पहुंचे हैं। मिर्जापुर के पत्थरों के कुल 19000 टुकड़े आने हैं। इनका इस्तेमाल आगामी अक्टूबर माह से शुरू किया जाएगा।

अभी तक राम मंदिर निर्माण के नींव के 44 लेयर में 15 को तैयार किया जा चुका है

मंगलवार को मिर्जापुर से चले पत्थरों को सुमित्रा कंस्ट्रक्शन कंपनी मिर्जापुर से अयोध्या ले आ रही है । अभी तक राम मंदिर निर्माण के नींव के 44 लेयर में 15 को तैयार किया जा चुका है । नींव के लिए एक लाख 20हजार वर्ग फीट क्षेत्र में बनाया जा रहा है । इसके लिए तीन बड़े मैचिंग प्लांट लगाए गए हैं ,और दिन-रात कार्य चल रहा है ।

यह तस्वीर अयोध्या की है जहां ट्रक से पत्थरों की पहली खेप अयोध्या पहुंची है।
यह तस्वीर अयोध्या की है जहां ट्रक से पत्थरों की पहली खेप अयोध्या पहुंची है।

चबूतरे के भीतर मिर्जापुर के पत्थरों को आपस में लोहे के होलफास के जरिए जोड़कर बिछाया जाएगा

बता बताते चलें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 अगस्त 2020 को राम मंदिर निर्माण की नींव का पूजन किया था । यह पूजन समुद्र तल से 105 मीटर ऊपर किया गया था । नींव की 10 इंच मोटी 44 लेयर पूरी होने के बाद मंदिर का यह फिर उसी तल पर आ जाएगा ,जहां प्रधानमंत्री ने भूमि पूजन किया था । इसके ऊपर 16 फीट का ऊंचा चबूतरा बनना है । इसे चबूतरे के भीतर मिर्जापुर के पत्थरों को आपस में लोहे के होलफास के जरिए जोड़कर बिछाया जाएगा ।

भरतपुर के गुलाबी पत्थरों लिए आर्किटेक्ट चंद्रकांत सोमपुरा से 90 में हुआ अनुबंध फिर से संशोधित

भरतपुर के गुलाबी पत्थरों से बनकर इस तरह दिखेगा अयोध्या का राममंदिर
भरतपुर के गुलाबी पत्थरों से बनकर इस तरह दिखेगा अयोध्या का राममंदिर

इसके बाद राम मंदिर निर्माण का कार्य शुरू होगा । राजस्थान के भरतपुर के गुलाबी पत्थरों लिए देश के प्रसिद्ध आर्किटेक्ट चंद्रकांत सोमपुरा से सन 90 में हुए अनुबंध को फिर से संशोधित कर दिया गया है । राजस्थान के गुलाबी पत्थरों को की आपूर्ति चंद्रकांत सोमपुरा की कंपनी करेगी । मंदिर में लगने वाले यह पत्थर पहले से ही 60 प्रतिशत तराशे जा चुके हैं । इनमें से आधे से ज्यादा रामजन्मभूमि में ले जाया जा चुका है ।

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