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48 घंटे बाद भी नहीं मिल रही कोरोना रिपोर्ट:लखनऊ में बढ़ा टेस्टिंग लैब पर बोझ, अस्पताल का दावा 24 घंटे के अंदर जारी होती है रिपोर्ट

लखनऊ6 दिन पहले
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अधर में मरीज, 48 घंटे बाद भी नही मिल रही RT-PCR रिपोर्ट - Dainik Bhaskar
अधर में मरीज, 48 घंटे बाद भी नही मिल रही RT-PCR रिपोर्ट

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच सबसे ज्यादा परेशानी उनको है जो संक्रमितों के संपर्क में आने के बाद रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहे है। लखनऊ में ऐसे कोरोना संदिग्धों की तादाद बेहद ज्यादा है। इन लोगों की समस्या यह है कि वह बिना जांच रिपोर्ट के इलाज भी शुरु नहीं कर पा रहे और बिना रिपोर्ट आएं आइसोलेशन में है, यही कारण है कि फिलहाल वह अधर में ही नजर आ रहे है। दैनिक भास्कर ने लखनऊ के बड़े सरकारी RT-PCR जांच केंद्रों की लंबित जांचों के बारे में जानकारी मांगी तो सभी ने एक सिरे से रिपोर्ट की पेडिंग न होने की बात कही।

KGMU में 24 घंटे हो रही जांच

कोरोना वायरस के प्रकोप के बाद से अब तक 36 लाख के करीब RT-PCR टेस्ट करने का दावा करने वाले चिकित्सा विश्वविद्यालय में मौजूदा समय में 12 हजार के करीब RT-PCR टेस्ट हो रहे है। माइक्रोबायोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ अमिता जैन के मुताबिक उनकी लैब की क्षमता 14 हजार टेस्ट प्रतिदिन करने की है। और जब प्रदेश में कोरोना के मामलें 100 के अंदर थे, तब भी लैब में टेस्टिंग जारी रही और औसतन 7 हजार टेस्ट होते रहे।हालांकि टेस्ट सैंपल बढ़ने से रिपोर्ट में देरी के सवाल पर उनका कहना है कि मेडिकल यूनिवर्सिटी की लैब में टेस्टिंग में कभी देरी नही हुई। हर हाल में 24 घंटे के अंदर सैंपल की रिपोर्ट जारी हो जाती है। और यही हमारी सबसे बड़ी खूबी रही है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि किसी को सैंपल देने के बाद 24 घंटे में रिपोर्ट नही मिली तो यह माने कि समय रहते सैंपल लैब में सबमिट नही किया गया।

24 घंटे के अंदर लैब से जारी होती है रिपोर्ट

डॉ. अमिता जैन के मुताबिक RT-PCR टेस्ट करने के मामलें में KGMU देश भर में अग्रणी संस्थान रहा है। यहां 24 घंटे राउंड द क्लॉक टेस्ट होते है। लखनऊ के विभिन्न अस्पतालों से आ रहे सैंपल के अलावा प्रदेश के 3 से 4 जिलों से सैंपल यहां की लैब भेजे जाते है।

पीजीआई में क्षमता 13 हजार टेस्ट प्रतिदिन, अभी 6 से 7 हजार हो रहे टेस्ट

संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (SGPGI) के माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रभारी प्रोफेसर उज्जवला घोषाल के मुताबिक मौजूदा समय में 6 से 7 हजार RT-PCR टेस्ट प्रतिदिन लैब में हो रहे हैं। हालांकि लैब की क्षमता 13500 RT-PCR टेस्ट प्रतिदिन करने की है। उन्होंने दावा किया कि अब तक SGPGI में अब 30 लाख से ज्यादा RT-PCR टेस्ट किए जा चुके हैं। बीते साल नवंबर महीने में जब प्रदेश में एक्टिव केसों की संख्या बेहद सीमित रही, तब भी संस्थान में चार हजार के करीब RT-PCR टेस्ट किए जाते रहे हैं।

24 घंटे के अंदर आती है रिपोर्ट, 5 जिलों से भी आते है सैंपल

प्रोफेसर घोषाल दावा करती हैं कि कोई भी टेस्ट 24 घंटे से ज्यादा समय तक लैब में पेंडिंग नहीं रहता। शासन की तरफ से ऐसे ही निर्देश है और संस्थान में लंबे समय से शत-प्रतिशत का अनुपालन कर रहा है। साथ ही यह भी बताया कि रायबरेली, उन्नाव, सीतापुर, पीलीभीत और सुल्तानपुर से भी सैंपल SGPGI भेजे जाते है।

बलरामपुर में 250 से 300 सैंपल की हो रही है जांच

लखनऊ के सबसे बड़े अस्पताल बलरामपुर चिकित्सालय में मौजूदा समय में करीब 300 सैंपल की जांच हो रही है। अस्पताल के सीएमएस डॉ. जीपी गुप्ता की माने तो 8 से 10 घंटे के अंतराल में टेस्टिंग रिपोर्ट भी आ जाती है। वह दावा करते है कि अस्पताल में भर्ती हो रही सभी मरीजों की RT-PCR जांच कराना अनिवार्य है और उनके साथ के तीमारदार की भी जांच की जाती है। उन्होंने दावा किया कि दूसरी लैब के पीक के समय 500 टेस्ट तक प्रतिदिन यहां हुए है और हम आसानी से उस लक्ष्य को अभी भी पा सकते है।

मरीजों को टाइम से रिपोर्ट नही मिलने से हो रही परेशानी

राजधानी के चिकित्सा संस्थान व अस्पताल भले ही तय समय में RT-PCR रिपोर्ट आने का दावा कर रहे है पर मरीज सैंपल देने के बाद तीन-चार दिनों तक रिपोर्ट आने का इंतेजार कर रहे हैं। शहर के गोमती नगर निवासी वाई. पांडेय ने बताया कि शनिवार को सैंपल देने के बाद मंगलवार सुबह तक रिपोर्ट नही आई। फोन करके पूछने पर कहां जाता है कि सैंपल KGMU में जमा कर दिए गए है, रिपोर्ट आते ही आपको पता चल जाएगा।

वही, एक निजी कंपनी में कार्यरत सुधांशु मिश्रा कहते है कि सैंपल देने के बाद लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। अगर सैंपल की जांच में देरी नही हो रही तो रिपोर्ट अपलोड होने में देरी होगी। पर हमें समय से रिपोर्ट मिल नही पा रही।

इनकी सुनिए -

लखनऊ के लोकबंधु अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ.अजय शंकर त्रिपाठी के मुताबिक 200 मरीजों के RT-PCR सैंपल प्रतिदिन लिए जा रहे है। सैंपल लेने के बाद कन्साइनमेंट नंबर बनता है। उसके बाद सभी सैंपल शाम 7 बजे से पहले KGMU के लैब में भेजे जाते है। हमारा प्रयास रहता है कि समय रहते सभी को कोविड रिपोर्ट मुहैया हो।

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