पोस्टमार्टम रिपोर्ट खोलेगी महंत नरेंद्र गिरि की मौत के राज:पोस्टमार्टम करने वाले एक्सपर्ट डॉक्टर ने बताया हत्या और आत्महत्या के बीच अंतर, कहा- गले के सामने की हड्डी होती है महत्वपूर्ण

लखनऊएक वर्ष पहले
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महंत नरेंद्र गिरि का फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
महंत नरेंद्र गिरि का फाइल फोटो

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने आत्महत्या की है या फिर उनकी हत्या हुई है, इसका राज अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही खुलेगा। पूरे मामले में पुलिस के तमाम बड़े अधिकारी और फोरेंसिक एक्सपर्ट जांच कर रहे हैं। आइये जानते हैं कि हत्या और आत्महत्या के बारे में क्या कहते हैं एक्सपर्ट डॉक्टर-

महत्वपूर्ण होती है गले के सामने की हड्डी : एक्सपर्ट डॉक्टर

पोस्टमार्टम करने वाले एक एक्सपर्ट डॉक्टर कहते हैं कि गले के सामने की हड्डी महत्वपूर्ण होती है। अगर किसी ने खुद फांसी लगाई है, तो गले के साइड व सामने की तरफ रस्सी के निशान मिलेंगे। लेकिन अगर गला दबाकर हत्या की गई है, तो गले के बाहर निशान आएंगे, रस्सी के निशान नहीं आएंगे। यदि कोई दूसरा व्यक्ति किसी को गला दबाकर मारता है, तो हड्डी अधिक क्रेक होती है।

जमीन से कितने ऊपर हवा में थे पैर

एक्सपर्ट डॉक्टर का कहना है कि फांसी लगाने के लिए कोई भी व्यक्ति स्टूल, टेबल या किसी अन्य वस्तु पर खड़ा होकर अपने गले में फंदा डालता है। और फिर अपने हाथ भी बांध लेता है। क्योंकि जैसे ही दम घुटेगा तो रस्सी न पकड़ सके। सवाल यह है कि शव लटकी हुई हालत में मिला, तो पैर हवा में थे या नहीं। यदि पैर जमीन पर टिके थे, तो हत्या की तरफ जांच आगे बढ़ती है।

अगर सल्फास खाने से हुई है मौत

एक्सपर्ट डॉक्टर का कहना है कि यदि कोई भी महिला या पुरुष सल्फास खाता है, तो शव के आसपास दुर्गंध आती है। गर्मी के मौसम में जब तापमान अधिक होता है, तो सल्फास की दुर्गंध अधिक दूर तक जाती है। जहरीला पदार्थ पहले बीपी पर अटैक करता है। उसके बाद गुर्दे काम करना बंद कर देते हैं। सांस की नली डैमेज हो जाती है। कीटनाशक खाने से शरीर नीला पड़ जाता है।

क्राइम सीन है महत्वपूर्ण

आत्महत्या या हत्या जैसे मामलों में पुलिस के लिए क्राइम सीन सबसे अधिक महत्वपूर्ण है।

- जिस कमरे में शव मिला वहां का दरवाजा बंद था या नहीं। यदि दरवाजा बंद था, तो पुलिस के सामने दरवाजा तोड़ा गया या नहीं।

- दरवाजे को बाहर से बंद किया गया या अंदर से बंद किया गया।

- शव फंदे पर लटका मिला है, तो पैर फर्श या जमीन से कितने ऊंचाई पर थे।

- यदि कोई खुद फांसी लगाता है तो चेहरा किस तरफ था। आत्महत्या में चेहरा सामने की तरफ से उठा हुए मिलेगा। दोनों हाथ समान हालत में नहीं लटके मिलेंगे।

- यदि सुसाइड नोट मौके से मिला है, तो फोरेंसिक लैब के एक्सपर्ट ही सुसाइड नोट की जांच करेंगे कि सुसाइड नोट किसके द्वारा लिखा गया।

- जिस समय शव का पोस्टमार्टम होता है, उस समय के हिसाब से पोस्टमार्टम रिपोर्ट लिखी जाती है कि कितने घंटे पहले मौत हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट संबंधित थाने को दी जाती है।

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