• Hindi News
  • Local
  • Uttar pradesh
  • Lucknow
  • The Gang Was Running An Assistant Professor Of A Medical College In Lucknow, STF Arrested Along With A Partner, 100 Units Of Blood Recovered

लाल खून का काला करोबार:लखनऊ से एक मेडिकल कालेज का असिस्टेंट प्रोफेसर चला रहा था गिरोह, एसटीएफ ने साथी समेत किया गिरफ्तार, 100 यूनिट ब्लड बरामद

लखनऊएक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
पुलिस की गिरफ्त में सरगना डॉ. अभय प्रताप सिंह और अभिषेक पाठक। - Dainik Bhaskar
पुलिस की गिरफ्त में सरगना डॉ. अभय प्रताप सिंह और अभिषेक पाठक।

यूपी एसटीएफ ने यूपी, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा आदि प्रदेशों में ब्लड (पीआरबीसी) की तस्करी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। एसटीएफ ने एक मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर (सरगना) समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया। इनके पास से 100 यूनिट ब्लड, 21 ब्लड बैंक के फर्जी दस्तावेज, ब्लड शिविर के बैनर सहित कई दस्तावेज बरामद हुए। टीम गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।

एसटीएफ के डिप्टी एसपी अमित कुमार नागर ने बताया कि एसटीएफ की टीम ने खून की तस्करी और प्लेटलेट्स निकालकर खून बेचने वाले गिरोह के सरगना समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया। जिसमें गिरफ्तार सरगना डॉ. अभय प्रताप सिंह असिस्टेंट प्रोफेसर यूपी यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल कॉलेज सैफई इटावा में कार्यरत है। वह सरदार पटेल डेंटल कॉलेज रायबरेली रोड पर रहता है। वहीं सिद्घार्थनगर जमुनी निवासी अभिषेक पाठक उसका चेला है।

केजीएमयू व एसजीपीजीआई से की है पढ़ाई

एसटीएफ के मुताबिक पूछताछ में सरगना डॉ. अभय प्रताप सिंह ने बताया कि उसने 2000 में केजीएमयू से एमबीबीएस, एसजीपीजीआई से 2007 में एमडी ट्रांसफ्यूजन मेडिसन का कोर्स किया है। इसके बाद 2010 में ओपी चौधरी ब्लड बैंक में एमओआईसी के पद पर तैनात रहा है। वर्ष 2014 में चरक हास्पिटल के सलाहकार केपद पर औऱ 2015 में नैती हॉस्पिटल मथुरा में सलाहकार के पद पर काम कर चुका है।

अक्टूबर 2018 में पांच साथी हुए थे गिरफ्तार, तीन साल से थी तलाश

एसटीएफ टीम के मुताबिक यह गिरोह खून से सेलाइन वाटर की मिलावट कर दो गुना कर बेच देंते थे। साथ प्लेटलेट्स भी निकाल लेते थे। 26 अक्टूबर 2018 में इस गिरोह के पांच सदस्यों को मड़ियांव इलाके से पकड़ा गया था। तभी से इनकी तलाश थी। बुधवार को दोनों आरोपियों की सूचना मिलने पर आगरा एक्सप्रेस वे के पास से गिरफ्तार कर लिया।

रक्त दान शिविर लगा कलेक्ट करते थे ब्लड

एसटीएफ टीम के मुताबिक यह लोग रक्त दान शिविर लगाकर ब्लड कलेक्ट करते थे। इसके लिए यूपी समेत राजस्थान, हरियाणा व पंजाब में भी रक्तदान शिविरों का आयोजन करते थे। गिरफ्तारी के वक्त इनके पास से 45 यूनिट बल्ड मिला है। जिसे लखनऊ के औषधि निरीक्षक को सौंप दिया गया। टीम ने इसके पाद अभय के घर गंगोत्री अपार्टमेंट और अभिषेक पाठक के सपना इंक्लेव में दबिश दी। जहां से फर्जी ब्डक डोनेशन व बिक्री के कई दस्तावेज मिले हैं। अभिषेक के घर से फ्रिज में 55 यूनिट ब्लड बरामद हुआ।

एजेंटों के माध्यम से करते थे कारोबार

एसटीएफ टीम के मुताबिक यह गिरोह बड़े पैमाने पर खून मिलावट कर अवैद रूप से बिक्री कर रहा था। इसके लिए ब्लड बैंकों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर जरूरतमंद लोगों को दो गुने से तीन गुने दाम पर खून बेचते थे। इस गिरोह के सदस्यों के निजी ही नहीं सरकारी अस्पतालों में भी सक्रिय होने की सूचना मिली है। इनसे मिले हुए अस्पताल व नर्सिंग होम कर्मियों के विषय में भी जानकारी की जा रही है।

खबरें और भी हैं...